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परिसीमन का विरोध करने वाले एससी और एसटी की सीटें बढाने के भी विरोधी: अमित शाह

April 17, 2026

परिसीमन का विरोध करने वाले एससी और एसटी की सीटें बढाने के भी विरोधी: अमित शाह

AMIT SHAH

नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026, लोकसभा में महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए लाये गए 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा में विचार व्यक्त करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो विधेयक का विरोध कर रहे हैं वे एसएस और एसटी की सीटें बढाने के भी विरोधी हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं और इससे प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं का तर्कसंगत वितरण होगा। उन्होंने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों की संख्या में वृद्धि होगी। आज जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों की संख्या में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं। श्री शाह लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ संपन्न हों।
इन विधेयकों का उद्देश्य नवीनतम प्रकाशित जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण को लागू करना है। 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के नाम से जाना जाने वाला संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम लागू हुआ। इस कानून के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं।
विपक्षी गठबंधन की आलोचना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण के संवैधानिक संशोधन का किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन विपक्ष के सभी सदस्यों ने खुलकर महिला आरक्षण का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही 1971 में परिसीमन प्रक्रिया को सीमित किया था और अब वही इसका विरोध कर रही है।