Web News

www.upwebnews.com

टीईटी के विरोध में मथुरा में शिक्षकों का विशाल मशाल जुलूस

April 15, 2026

टीईटी के विरोध में मथुरा में शिक्षकों का विशाल मशाल जुलूस

Posted on 15.04.2026, Time 07.02 PM Wednesday, Mathura Vrandavan News
मथुरा। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू करने के विरोध में मथुरा में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ इकाई के बैनर तले हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विशाल मशाल जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। जुलूस टैंक चौराहे से शुरू होकर विकास बाजार स्थित गांधी मूर्ति तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।
जुलूस में प्राथमिक, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। हाथों में मशाल लिए प्रदर्शनकारियों ने टीईटी विरोधी नारे लगाए और सरकार के फैसले को शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ बताया।
सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला संरक्षक योगराज चाहर, प्रांतीय संयुक्त मंत्री टीएससीटी एवं शैलेंद्र यादव ने कहा कि टीईटी लागू करना शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। अटेवा की जिलाध्यक्ष प्रदीपिका फौजदार और चेतना सीमा सारस्वत ने कहा कि इस निर्णय से महिला शिक्षकों सहित सभी वर्ग प्रभावित होंगे।
वक्ताओं में मुनीश चौधरी, राजेंद्र चौधरी और गोविंद सिंह चौहान ने इसे शिक्षकों की अस्मिता और भविष्य की लड़ाई बताया। एससी/एसटी बेसिक शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्रिय और सुरेशचंद ने कहा कि यह निर्णय कमजोर वर्ग के युवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
नरेंद्र चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर किसान और शिक्षक एकजुट हैं। मीडिया प्रभारी मनीष दयाल ने इसे शिक्षकों पर जबरन थोपा गया अन्यायपूर्ण निर्णय बताया।
हजारों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने थामी मशाल, टीईटी से मुक्ति की मांग
मथुरा में आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर भी व्यापक प्रदर्शन किया गया। महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज से होलीगेट तक मशाल जुलूस निकाला गया।
इस दौरान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, महिला शिक्षक मोर्चा, एससी/एसटी बेसिक शिक्षक महासभा, उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) सहित कई संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. अजयकृष्ण सारस्वत और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत ने टीईटी अनिवार्यता को असंवैधानिक और गैर-मानवीय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक इस कानून को निरस्त कराकर ही दम लेंगे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत और विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रविन्द्र चौधरी ने कहा कि शिक्षकों की एकता के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष लोकेश गोस्वामी ने सभी प्रदर्शनकारियों का आभार जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और एक स्वर में सरकार से टीईटी लागू करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।