मैनपुरी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उ.प्र. शासन जयवीर सिंह ने रू. 222.38 लाख की लागत से आर्य समाज मंदिर, रू. 125.94 लाख की लागत से श्री सत्तेश्वर महादेव मंदिर, रू. 124.16 लाख की लागत से वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौन्दर्गीकरण कार्यों का शिलान्यास करते हुए कहा कि लंबे समय से जनपद में अनियोजित विकास की समस्या बनी हुई थी, जिसके कारण बस्तियों का विस्तार अव्यवस्थित ढंग से हो रहा था, इस समस्या के समाधान के लिए दूर-दृष्टि के साथ मैनपुरी बाईपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री जी से चर्चा की गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग रू. 700 करोड़ से अधिक की लागत से बाईपास निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, यह बाईपास जरामई से लेकर भोगांव रेलवे क्रॉसिंग तक विकसित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि किसी भी शहर के विकास में बाईपास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, बाईपास बनने के बाद शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और बाहरी क्षेत्र में सुनियोजित बसावट का मार्ग प्रशस्त होगा, इसी को ध्यान में रखते हुए बाईपास क्षेत्र के आस-पास आवासीय विकास को बढ़ावा देने के लिए आवास विकास परिषद की नई योजना को भी स्वीकृति दिलाई गई है, लगभग रू.400-450 करोड़ की लागत से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही इस योजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर भेजा जा चुका है, यह प्रस्ताव बाईपास एवं नई आवासीय कॉलोनियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, संभावना है कि आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व ही नगर पालिका का सीमा विस्तार हो जाएगा, जिससे जनपद को एक बड़े नगर के रूप में विकसित होने का अवसर मिलेगा। उन्होने कहा कि जब बाईपास, आवास विकास कॉलोनी एवं सीमा विस्तार जैसी परियोजनाएं पूर्ण होंगी, तब मैनपुरी एक सामान्य नगर से विकसित होकर
एक वृहद नगर या महानगर के रूप में स्थापित होगा, आने वाली पीढ़ियां इस विकास को याद रखेंगी और इसे ऐतिहासिक परिवर्तन के रूप में देखेंगी। उन्होने कहा कि जनपद के सांस्कृतिक, शैक्षिक विकास से जुड़े आर्य समाज का प्रमुख महाविद्यालय, जो वर्ष 1953 से संचालित है, अब पुनः अपनी पुरानी प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहा है, हाल ही में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में यहां के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद का नाम रोशन किया, उन्हें मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित किया गया है। उन्होने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें देश-विदेश के विद्वानों ने भाग लिया। उन्होने कहा कि जनपद
में सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने एवं उन्हें आधुनिक स्वरूप देने के लिए एक भव्य संस्कृति संकुलह का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, इस डिजिटल म्यूजियम में ए.आर. वी.आर. तकनीक के माध्यम से मैनपुरी के इतिहास, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, यह देश का एक अनूठा प्रोजेक्ट होगा इसके अतिरिक्त एक भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 1000 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और यहां विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, शिवदत्त भदौरिया, डॉ. सुमंत गुप्ता आदि ने विचार व्यक्त किये,
