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Gorakhpur लिव इन में रह रही युवती की हत्या कर प्रेमी फरार, बंद दुकान से शव बरामद

April 15, 2026

Gorakhpur लिव इन में रह रही युवती की हत्या कर प्रेमी फरार, बंद दुकान से शव बरामद

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, UP News

Gorakhpur, 15 April 2026 (UP News Service) A heart-wrenching news has come out from the Cantt police station area. The body of a 25-year-old woman was found under suspicious circumstances in a shop in Maharana Pratap Building on Zilla Panchayat Road. The deceased has been identified as Gangotri Yadav, who was living in a live-in relationship with a youth for the last 8 years.

गोरखपुर, 15 अप्रैल 2026 (उप्र समाचार सेवा) कैंट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिला पंचायत रोड स्थित महाराणा प्रताप बिल्डिंग की एक दुकान में 25 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। मृतका की पहचान गंगोत्री यादव के रूप में हुई है, जो पिछले 8 सालों से एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी।

महाराणा प्रताप बिल्डिंग में स्थित फ्लैक्स की दुकान पिछले तीन दिनों से बंद थी। गंगोत्री के परिजनों का कहना है कि तीन दिनों से उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। जब कोई संपर्क नहीं हुआ, तो परेशान परिजन महाराजगंज से गोरखपुर पहुंचे। पहले वे किराए के कमरे पर गए, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद जब वे दुकान पर पहुंचे, तो वहां से तेज दुर्गंध आ रही थी।
परिजनों की सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने जब दुकान का शटर खुलवाया, तो अंदर गंगोत्री का शव पड़ा मिला। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतका के भाई ने गंगोत्री के साथ रहने वाले अनिल गुप्ता पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद से ही अनिल का फोन बंद है और वह फरार है। स्थानीय दुकानदारों ने भी पुष्टि की है कि दुकान पिछले तीन दिनों से नहीं खुली थी।
फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। आखिर उस बंद दुकान के भीतर क्या हुआ? क्या अनिल गुप्ता ने ही गंगोत्री की जान ली या कहानी कुछ और है? पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
15/04/2026, Gorakhpur News

मंदिर परिसर का भ्रमण कराकर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन. चंद्रशेखरन को दी नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी

After visiting the temple complex, Gorakshapithadhishwar and Chief Minister Yogi Adityanath gave a detailed account of Nathpanth and its great saints to N. Chandrasekaran

गोरखपुर, 15 अप्रैल (उप्र समाचार सेवा) टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतो के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने गोरखपुर आए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बुधवार दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मंदिर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उन्हें शिवगोरक्ष नामाकृत अंगवस्त्र और मंदिर का प्रसाद भेंट किया।

गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के प्रसिद्ध संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ की तरफ से आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए।

April 14, 2026

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज देहरादून, उत्तराखण्ड से 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इसके पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने जनपद सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के अन्तर्गत निर्मित वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा माँ डाट काली मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी तथा केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी सम्मिलित हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कार्यक्रम को देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पूरा करने में माँ डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति के रूप में रहा। इस एक्सप्रेस-वे का बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को लाभ होगा। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह प्रोजेक्ट काफी अहम है। आज बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की पावन जयन्ती भी है। बीते दशक में सरकार की नीतियां व निर्णय संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद-370 हटने के बाद सम्पूर्ण देश में भारत का संविधान लागू है। जिन जिलों में माओवाद व नक्सलवाद का खात्मा हुआ है, वहां भी संविधान की भावना के अनुरूप कार्य हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू करना संविधान की अपेक्षा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन गरीबों, वंचितों, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार उसी भावना के साथ प्रत्येक गरीब व वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी हुई है। देश का संतुलित विकास सामाजिक न्याय का बहुत बड़ा माध्यम है। बाबा साहब आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण की वकालत करते थे। भविष्य की दशा और दिशा के लिए अक्सर लोग हस्तरेखाएं दिखाते हैं। यदि इसे राष्ट्र के सन्दर्भ में देखा जाए, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं सड़कें, हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, एयर-वे, रेलवे, वॉटर-वे होती हैं। बीते एक दशक से देश विकसित भारत बनाने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। विकास की यह भाग्य रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारण्टी हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 से पूर्व, ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरे देश में प्रतिवर्ष 02 लाख करोड़ रुपये भी खर्च नहीं होते थे। आज यह आंकड़ा 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। 21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड व स्केल पर कार्य कर रहा है, उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली मे मेट्रो का विस्तार हुआ। मेरठ में मेट्रो की शुरूआत हुई। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल देश को समर्पित की गयी। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की शुरूआत हुई। हवाई जहाजों के लिए एम0आर0ओ0 फैसिलिटी पर कार्य शुरू हुआ। आज देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो रहा है। 21वीं सदी का भारत आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के जिस युग में प्रवेश कर रहा है, वह अभूतपूर्व व अकल्पनीय है। आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर यथा- दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलूरू-मुम्बई इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट-कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नये द्वार हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई हैं। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अतिरिक्त नये-नये व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों, गोदामों के नेटवर्क का आधार तैयार करते हैं। देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी सम्पूर्ण क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे समय बचेगा, आवागमन सस्ता व तेज होगा और रोजगार में वृद्धि होगी। किसानों और पशुपालकों की उपज अब तेज गति से मण्डियों और बड़े बाजारों तक पहुंचेगी। इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपये व्यय हुए। हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों व अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स तथा ट्रान्सपोर्ट से जुड़े लोगों को बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम ऐसा भारत बनाने में जुटे हुए हैं, जहां प्रगति, प्रकृति व संस्कृति की त्रिवेणी हो। आज होने वाले हर निर्माण को इसी त्रिवेणी के मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से इंसान को भी सुविधा मिले और वहां रहने वाले वन्य जीवों को भी असुविधा न हो, यही सरकार का प्रयास है। इसलिए इस एक्सप्रेस-वे पर लगभग 12 किलोमीटर लम्बा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथियों को असुविधा न हो।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि दुनिया में बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे मुश्किल हालात में भी सरकार का निरन्तर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो। बहन-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव देश के सामने है। चार दशकों के इन्तजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा व लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून का समर्थन किया। महिलाओं को मिले इस हक को लागू करने में अब देर नहीं होनी चाहिए। वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव और आगे होने वाले विधानसभा चुनावों में यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना तथा प्रत्येक बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए आगामी 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गयी है। मैंने देश की माताओं-बहनों को खुला पत्र लिखकर इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सरकार सेना की सामर्थ्य को सशक्त करने तथा सैनिक परिवारों की सुविधा के लिए निरन्तर प्रयासरत है। ‘वन रैंक-वन पेंशन‘ के माध्यम से सरकार ने अब तक लगभग सवा लाख करोड़ रुपये पूर्व फौजियों के खाते में जमा किए हैं। इस वर्ष पूर्व सैनिकों के लिए हेल्थ स्कीम का बजट 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के लिए दवाइयों की डोर-स्टेप होम डिलीवरी शुरू की गयी है। पूर्व सैनिकों के बच्चों की एजुकेशन ग्राण्ट दोगुनी तथा बेटियों के विवाह की सहायता राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 01 लाख रुपये की गयी है। हमें देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति जैसे प्रत्येक आयाम को जोड़ते हुए देश को विकसित बनाना है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर से कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर से दिल्ली की जो दूरी पहले 05 से 06 घण्टे में पूरी होती थी, अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से 2.5 घण्टे में पूरी की जा सकेगी। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर अन्नदाता किसानों के गुड़ की मिठास, सब्जी तथा फल, सहारनपुर की काष्ठ कला एवं शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के साथ-साथ दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
आज भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी की 135वीं पावन जयन्ती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से भारत के प्रत्येक नागरिक, चाहे वह किसी भी जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, लिंग या आयु का हो, को एकसमान अधिकार देकर सशक्त भारत की नींव रखी थी। बाबा साहब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने देश में पंचतीर्थ बनवाए। आज उनकी प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने तय किया है कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि और सामाजिक न्याय के महापुरुषों की मूर्तियां जहां स्थापित हैं, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल नहीं है और मूर्तियों के ऊपर छत्र नहीं है, तो प्रदेश सरकार धनराशि देकर इस कार्य को कराएगी। यह कार्य प्रारम्भ होने जा रहा है। यह सम्मान का भाव आने वाली पीढ़ी को एकसूत्र में जोड़कर प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब की जयन्ती के अवसर पर सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री जी कर-कमलों से यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्राप्त हो रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हुए हैं। पहले माँ डाट काली के स्थान से जब उत्तराखण्ड में प्रवेश करते थे, तो रोड ब्लॉक हो जाती थी। बरसात के दिनों में आवागमन बन्द हो जाता था। सहारनपुर व अन्य जनपदों के लोग इस मार्ग से देहरादून नहीं पहुँच पाते थे। उन्हें हरिद्वार मार्ग का सहारा लेना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन तथा सेवा का जो मॉडल खड़ा कर रहा है, उस मॉडल को इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से हम सभी देख रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का एक नया केन्द्र बनकर उभरा है। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड और दिल्ली में बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को लाने में कोई दुविधा नहीं है। अब सहारनपुर में माता शाकुम्भरी के नाम पर विश्वविद्यालय बन चुका है। सरसावां में सिविल टर्मिनल व एयरपोर्ट बन रहा है। जेवर में एशिया का सबसे बड़ा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट प्रारम्भ हो चुका है। वहां फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। यह कला एवं कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा को समाज के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माता शाकुम्भरी देवी का भव्य कॉरिडोर बन रहा है। यह तभी सम्भव होता है, जब सरकार विरासत के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती है। सहारनपुर, मेरठ, बागपत में अधिकारियों को इण्डस्ट्रियल तथा हाउसिंग क्लस्टर तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। इससे रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे। यहां के किसानों के उत्पाद को देश की राजधानी दिल्ली के साथ गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से लखनऊ व अन्य वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अन्नदाता किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिलेगी।
इसके पूर्व, राज्यपाल जी तथा मुख्यमंत्री जी ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने देहरादून से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री द्वय श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवन्त सिंह सैनी, लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री ब्रजेश सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित था

लखनऊ : 14 अप्रैल, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज पूरा देश भारत माता के महान सपूत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी का स्मरण कर रहा है। उनका पूरा जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने तथा वंचितों, शोषितों, गरीबों व महिलाओं को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था। आज देश बाबा साहब के इन्हीं कार्यों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां बाबा साहब डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयन्ती के अवसर पर भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में स्थापित डॉ0 आंबेडकर की 75 मूर्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने महासभा परिसर में स्थापित तथागत बुद्ध एवं डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा डॉ0 आंबेडकर के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में डॉ0 भीमराव आंबेडकर महासभा द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री जी को भारतीय संविधान की प्रति तथा स्मृति चिन्ह के रूप में डॉ0 आंबेडकर की प्रतिमा भेंट की गयी। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जी0पी0ओ0, हजरतगंज स्थित डॉ0 भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री जी ने महान न्यायविद्, भारतीय संविधान के शिल्पी, महान अर्थशास्त्री बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि हर वंचित, शोषित, गरीब व महिला को बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी में न्याय की रोशनी दिखायी देती है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर जी की 135वीं जयन्ती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया है। आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में, जहां किसी सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहब की प्रतिमा होगी, यदि वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र नहीं है, वहां बाउण्ड्रीवॉल तथा मूर्ति के ऊपर छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास हुआ है।
पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक स्थान पर यह कार्य किये जाएंगे। इसके उपरान्त अन्य सभी ऐसे स्थानों पर यह कार्य होंगे। समाज कल्याण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गयी है। इसके अन्तर्गत बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर, सन्त रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि, महात्मा ज्योतिबा फुले, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सातन पासी सहित सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले प्रत्येक उन महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य किया जाएगा, जिनके कारण यह समाज मजबूती के साथ जुड़ा हुआ है। गरीब, वंचित सहित समाज के हर तबके का व्यक्ति यहां पर जाकर अपना सम्मान व्यक्त कर सके, कोई भी अराजक तत्व इन मूर्तियों को क्षतिग्रस्त न कर सके, इस दिशा में यह कार्य किये जा रहे हैं।
डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित तथा अति पिछड़ों के विकास तथा सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। यह कार्य लगातार आगे बढ़ेंगे। सरकार यह सुनिश्चित कराएगी कि गांव में बने सामुदायिक शौचालयों में स्वच्छता के कार्यक्रमों से जुड़ी बहनों को समय पर मानदेय मिले।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी तथा लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर पी0ए0सी0 की तीन महिला बटालियनों का गठन किया है। यह सामाजिक न्याय का उदाहरण है, जहां हर एक का सम्मान होता है। हमने समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरूण की पहल पर कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन्त रविदास जी महाराज की पावन जन्मभूमि वाराणसी में माघी पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्रित होते हैं। पहले वहां कार्यक्रमों के लिए जगह नहीं मिल पाती थी। सिंगल लेन की सड़क थी। डबल इंजन सरकार ने वहां दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क विकसित किया तथा वहां सन्त रविदास जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करायी। सिंगल लेन सड़क को 04-लेन की सड़क में बदल दिया गया। अन्न क्षेत्र तथा अतिथि क्षेत्र के लिए भवन बनाये गये। यह उस महापुरुष के प्रति हमारी कृतज्ञता है, जिसने भारत की भक्ति परम्परा को बहुत ऊंचाईयां दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले महर्षि वाल्मीकि जी की पावन साधना स्थली लालापुर, चित्रकूट पर कब्जा किया जा रहा था। हमने वहां रोपवे का विकास किया है। वहां सड़क का निर्माण हो चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में बने इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। इन महापुरुषों ने समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। बाबा साहब की जयन्ती पर आयोजित आज का यह कार्यक्रम इन्हीं महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द जी के माध्यम से भारत रत्न डॉ0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र बनाने के कार्य को आगे बढ़ाया है। इसके प्रथम चरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। द्वितीय चरण के कार्यां को जुलाई, 2026 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। यहां पर वंचित वर्गों के बच्चों के लिए बाबा साहब के जीवन-दर्शन पर शोध करने का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। यह सामाजिक न्याय के प्रति जनचेतना जागृत करने का केन्द्र होगा। इसमें छात्रावास, शोध केन्द्र, ऑडिटोरियम, बाबा साहब की भव्य प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। इसके माध्यम से समाज अपने महापुरुषों के योगदान के विषय में जानकर गौरव की अनुभूति कर सकेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब से जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। इनमें महु, मध्य प्रदेश स्थित उनकी जन्मस्थली पर बाबा साहब का भव्य स्मारक बना है। बाबा साहब ने लन्दन, ब्रिटेन में जिस भवन में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण की थी, उस भवन को खरीदकर बाबा साहब का स्मारक बनाकर अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गयी है। दिल्ली में जहां बाबा साहब ने अपना सार्वजनिक जीवन व्यतीत किया, वहां डॉ0 भीमराव आंबेडकर अन्तरराष्ट्रीय एवं सास्कृतिक केन्द्र का निर्माण किया गया है। बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर तथा चैत्य भूमि मुम्बई में भी भव्य स्मारक बनाये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के दर्शन के अनुरूप आज डबल इंजन सरकार द्वारा प्रत्येक गरीब तथा वंचित वर्ग के लोगों को निःशुल्क राशन, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास व शौचालय आदि का लाभ दिया जा रहा है। डबल इंजन सरकार प्रत्येक वंचित, अति पिछड़े, गरीब, नौजवान तथा महिला के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका कहना था कि वह शुरु से अन्त तक भारतीय रहेंगे। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से वंचितों के मसीहा बन गये। हमें भारत माता तथा देश की एकता और अखण्डता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं करना चाहिए। जब कोई भारत के संविधान, तिरंगे, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान का अपमान करता है, तो वह बाबा साहब का अपमान करता है। हम ऐसी कोई भी बात स्वीकार्य नहीं करें, जो बाबा साहब के दर्शन के अनुरूप न हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज कुछ स्वार्थी ताकतें बाबा साहब के नाम का स्मरण कर रही हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें वंचितों, गरीबों और महिलाओं के उत्थान से हमेशा नफरत रही है। ऐसे लोगों ने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का हमेशा अपमान किया है। आज यह लोग नये तरीके से लोगों को गुमराह करने का प्र्रयास कर रहे हैं। बाबा साहब को चुनाव से वंचित करने का प्रयास किया गया। उन्हें भारतरत्न न मिले, इसके लिए हर प्रकार के षड्यंत्र रचे गये। आज ऐसे लोग संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हैं। इनकी वास्तविकता को समझने की आवश्यकता है। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों के वास्तविक चरित्र को अब जनता जान चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि बाबा साहब तथा संत रविदास जी महाराज के नाम पर बने जनपदों का नाम क्यों बदला गया। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान के0जी0एम0यू0 का नाम जिन महापुरुष के नाम पर था, उसे क्यों बदला गया। लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय तथा कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला गया। कौन लोग थे, जो गरीबों, वंचितों के हक पर डाका डाल रहे थे और इन्हें मिलने वाले जमीन के पट्टे के अधिकार से वंचित कर रहे थे। ऐसे लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत मिलने वाले शौचालयों पर रोक लगायी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को मिलने वाले आवास की योजना को लागू नहीं करने दिया। इन्हांने गरीबों तथा वंचितों की पीड़ा को कभी महसूस नहीं किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तीन दिन पूर्व उन्हें जनपद लखीमपुर खीरी जाने का अवसर मिला था। वहां थारू जनजाति के वंचितों को अब तक नागरिकता नहीं मिल पायी थी। हमने ऐसे 4,356 वंचित लोगों को भौमिक अधिकार प्रदान किये हैं। वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से लखीमपुर खीरी में विस्थापित परिवारों को भी भौमिक अधिकार दिए गये हैं। 56 वर्षां से उन्हें कोई अधिकार नहीं मिला था।
इस अवसर पर महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, सांसद श्री ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामचन्द्र मिशन आश्रम में ध्यान मंडप का निर्माण आरंभ


बाबूजी महाराज की 127 वीं जयंती पर होगा भव्य जन्मोत्सव का आयोजन
मिशन के उ प्र प्रभारी अनुपम अग्रवाल , आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, ए के गर्ग और राजगोपाल अग्रवाल ने रखी पिलर की आधारशिला
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन आश्रम में पचास वर्षों की स्वर्णिम आध्यात्मिक यात्रा के महापर्व पर विगत फरवरी माह में आयोजित पांच चरणों में बीस दिवसीय बसन्त उत्सव के बाद रामचंद्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचन्द्र जी महाराज (बाबूजी) की 127 वीं जयंती पर आगामी 29 अप्रैल से 1 मई तथा 4 मई से 6 मई तक दो चरणों में रामचंद्र मिशन के अध्यक्ष और हार्टफुलनेस मेडीटेशन के ग्लोबल गाइड दाजी के मार्गदर्शन में विशाल जन्मोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
मिश्रीपुर स्थित रामचंद्र मिशन आश्रम परिसर में ध्यान के लिए पंडाल के निर्माण कार्य का शुभारंभ श्रद्धा, मौन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ किया गया। ध्यान साधना के बाद मिशन के उ.प्र. प्रभारी अनुपम अग्रवाल,प्रशिक्षक अशोक कुमार गर्ग, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ने पिलर की आधारशिला रखी। आधारशिला रखने से पूर्व सामूहिक ध्यान हुआ।
इस अवसर पर मिशन के उप्र प्रभारी अनुपम अग्रवाल ने कहा कि मेडिटेशन हाल केवल साधना का स्थल नहीं होगा, बल्कि यह हृदय से हृदय को जोड़ने वाला वह सेतु बनेगा। आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि बाबूजी महाराज के जन्मोत्सव पर निर्मित होने वाला यह ध्यान मंडप मिशन की उस साधना परंपरा का सजीव प्रतीक होगा, जिसने आठ दशकों से मानवता को प्रेम, सरलता और आंतरिक शांति का मार्ग दिखाया है। प्रशिक्षक इंजीनियर अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि
मेडिटेशन हाल का निर्माण कार्य आश्रम की आध्यात्मिक साधना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।इस ध्यान मंडप में करीब 6 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।इस मौके पर मिशन के प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, ममता सिंह , मंजुला गर्ग, सुयश सिन्हा,सुरेंद्र मोहन सिन्हा,कृष्णा भारद्वाज, राजीव सपरा, विकास, प्रतिमा,अमन, विशाल, रईस खान सहित तमाम साधक मौजूद रहे।

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