हाथरस। शहर के खोड़ा हजारी क्षेत्र की रहने वाली ममता ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि उसका 6 साल का बेटा उससे छीन लिया गया है, जिसके लिए वह दर-दर भटकने को मजबूर है।ममता के अनुसार उसकी शादी 4 दिसम्बर 2024 को मथुरा निवासी सचिन के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में गाड़ी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई।पीड़िता का कहना है कि ससुराल वालों ने मारपीट करते हुए उसके बच्चे को जबरन छीन लिया और उसे घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि दबाव बनाकर उसका वीडियो भी बनाया गया, जिसमें उससे जबरन तलाक की बात कबूल कराई गई।ममता ने बताया कि उसने इस संबंध में हाथरस के महिला थाने में शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता ने प्रशासन से अपने बच्चे को वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फोटो -धर्मांतरण के खिलाफ बैठक करते पदाधिकारी
हाथरस। प्रखंड सासनी में विश्व हिंदू परिषद की एक बैठक दयानंद बाल विद्यालय में आयोजित की गई, जिसमें धर्मांतरण और तथाकथित ‘लव जिहाद’ के मुद्दों पर चर्चा करते हुए सख्त कानून बनाने की मांग उठाई गई।बैठक को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ. अमित भार्गव ने कहा कि इन विषयों पर गंभीरता से कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूहों द्वारा सुनियोजित तरीके से ऐसे मामलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही युवतियों को सतर्क रहने की सलाह भी दी गई।बजरंग दल के संयोजक अंकित उपाध्याय और सहसंयोजक विक्की कुशवाहा ने कहा कि इन मामलों को रोकने के लिए मौजूदा कानूनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए, ताकि दोषियों में भय बना रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय ने की, जबकि संचालन प्रखंड मंत्री जगदीश प्रसाद शर्मा ने किया। बैठक में विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और संगठन की ओर से समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।इस दौरान विद्याभूषण गर्ग, हेमंत कौशल, सचिन भार्गव, जयपाल सिंह कुशवाह, जितेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हाथरस। सासनी क्षेत्र के गांव गदाखेड़ा में करीब 20 वर्षीय एक विवाहिता का शव घर के अंदर फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, वहीं सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी पहुंच गए और आक्रोश जताया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका रेनू की शादी करीब दो वर्ष पूर्व गांव निवासी विक्की के साथ हुई थी। बताया जाता है कि विवाहिता की अभी कोई संतान नहीं थी। शनिवार दोपहर अज्ञात कारणों के चलते उसने घर के अंदर फांसी लगा ली, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में लिया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। उधर, मायके पक्ष के लोग सासनी कोतवाली पहुंच गए और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने लोगों को समझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।पुलिस ने बताया कि अभी तक मायके पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस। सिकंद्राराऊ में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ने पर धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।बताया गया कि गढ़मुक्तेश्वर में एक राजनेता द्वारा भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर संगठन में आक्रोश था। इसी क्रम में योगेश प्रताप सिंह ने फेसबुक लाइव के माध्यम से 17 अप्रैल को समर्थकों के साथ गढ़मुक्तेश्वर जाने का आह्वान किया था।शुक्रवार को सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ समर्थक जलेसर रोड होते हुए सिकंद्राराऊ पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और पुरदिल नगर अंडरपास के पास बैरिकेडिंग कर काफिले को रोकने का प्रयास किया। काफिला रोके जाने पर समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि कुछ समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता की और वाहनों में तोड़फोड़ की।घटना के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर रामनरेश कथित रूप से एक अर्टिगा कार के पहिए के नीचे आकर घायल हो गए। वहीं, सीओ एटा की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार मामले में सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।वहीं, योगेश प्रताप सिंह का कहना है कि समर्थकों को किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या मारपीट न करने के निर्देश दिए गए थे और काफिला शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि सड़क पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस को उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।