Web News

www.upwebnews.com

गोरखपुर में गैस वितरण पर उठे सवाल, उपभोक्ता ने CM के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

March 15, 2026

गोरखपुर में गैस वितरण पर उठे सवाल, उपभोक्ता ने CM के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

गोरखपुर में घरेलू गैस वितरण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक उपभोक्ता ने गैस एजेंसी पर बिना सिलेंडर दिए वितरण दिखाने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर दर्ज कराई है।

दरअसल गोरखपुर के जाफरा बाजार निवासी अहमद हसन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फरवरी 2026 में गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। जब वे 14 मार्च को गैस लेने के लिए धर्मशाला बाजार स्थित ओम गणपति इंडियन गैस सर्विस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 23 फरवरी को ही उनके नाम से गैस वितरित कर दी गई है।
उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने 16 नवंबर 2025 के बाद कोई गैस नहीं ली है, इसके बावजूद रिकॉर्ड में सिलेंडर वितरण दिखाया जा रहा है। इसको लेकर उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री के IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
उपभोक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि गैस एजेंसी की जांच कराई जाए और उन्हें जल्द से जल्द गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप, 40 कड़ी सड़क को दिखाया आधा—अवैध कब्जा बरकरार*

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बरौली में सड़क सीमांकन को लेकर बड़ा खेल सामने आने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम, खासकर स्थानीय लेखपाल की कथित मिलीभगत के कारण 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आज भी जस का तस बना हुआ है। आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में सीमांकन की प्रक्रिया को ही बदल दिया गया, जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सीधा फायदा मिल गया और सड़क का दायरा सिमट कर रह गया।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बरौली की लगभग 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले को लेकर वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर सड़क का सीमांकन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल 2025 को राजस्व विभाग की टीम को मौके पर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मई 2025 को जब राजस्व टीम सीमांकन के लिए गांव पहुंची और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अवैध कब्जेदार भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय लेखपाल और टीम के कुछ कर्मियों से उनकी बातचीत हुई और कथित रूप से रसूख के बल पर सीमांकन की दिशा ही बदल दी गई। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 कड़ी होनी चाहिए थी, वहां सीमांकन को कम चौड़ाई में दिखाकर ग्रामीणों को गुमराह कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन का दायरा तुर्रा नाला पर बने पुल के एप्रोच मार्ग तक किया जाना था, लेकिन राजस्व टीम अधूरा सीमांकन दिखाकर ही वापस लौट गई। इससे अवैध कब्जेदारों को खुली छूट मिल गई और सड़क के किनारों पर कब्जा बरकरार रहा।
इधर, राजस्व विभाग की अधूरी कार्रवाई का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा तुर्रा नाला के पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग पर सड़क निर्माण का काम भी करा दिया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई और पुरानी कच्ची सड़क पर ही गिट्टी डालकर पीचिंग कर दी गई। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई बढ़ने के बजाय और सिमट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले सही तरीके से पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाया गया होता, तो सड़क अपने निर्धारित आकार में बन सकती थी। लेकिन सीमांकन में कथित गड़बड़ी के कारण सड़क के दोनों ओर कब्जे बरकरार हैं और आज भी सड़क पतली होकर रह गई है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने उपजिलाधिकारी सदर के निर्देशों की भी अनदेखी की। उनका कहना है कि यदि आदेशों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो अब तक सड़क से अवैध कब्जा हट चुका होता।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोबारा राजस्व टीम भेजकर सड़क की सही पैमाइश कराई जाए और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी।

प्रेमिका से शादी करने की जिद, टॉवर पर चढ़ा युवक

फिरोजाबाद। थाना मक्खनपुर क्षेत्र अन्तर्गत प्रेमिका से शादी करने की जिद को लेकर एक युवक रविवार को टॉवर पर चढ़ गया। यह देख ग्रामीण हैरान रह गए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे समझा बुझाकर नीचे उतारा है।
थाना मक्खनपुर क्षेत्र अन्तर्गत गांव नगला मवासी निवासी राहुल नामक युवक अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता है। शादी की बात तय न होने के कारण वह रविवार को गांव बिल्टीगढ़ स्थित टॉवर पर चढ़ गया। युवक ने टॉवर पर चढ़ने के बाद खुद ही डायल 112 पर पुलिस को इसकी सूचना दी। इधर युवक को टॉवर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से युवक को किसी तरह समझा बुझाकर टॉवर से नीचे उतारा। जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। इस दौरान युवक लगभग तीन घंटे टॉवर पर चढ़ा रहा। जिससे पुलिस और ग्रामीणों में अफरा तफरी का माहौल रहा।
इस सम्बन्ध में थानाध्यक्ष चमन शर्मा का कहना है युवक अपनी किसी प्रेमिका से शादी करने की जिद को लेकर टॉवर पर चढ़ा था। जिसे सकुशल नीचे उतार लिया गया है। मामले में जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

साइबर ठगी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

 

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

*बैंक खाते का दुरुपयोग कर लाखों रुपये के लेन-देन का आरोप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद*

गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराध के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट अरुण कुमार एस ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि साइबर माध्यम से बैंक खाते का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 12 मार्च 2026 को एक महिला द्वारा शिकायत दी गई थी कि उसके परिचित युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसे सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत धनराशि और सिलाई मशीन दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया गया।
आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर एक सिम कार्ड प्राप्त किया गया और उसी के माध्यम से बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया गया। इसके बाद महिला के खाते का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन किया गया।
शिकायत मिलने के बाद मामले में थाना खोराबर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में वंश निषाद पुत्र ओमप्रकाश निषाद निवासी नौसड़ थाना गीडा, शोभित गौड़ पुत्र सोनू गौड़ निवासी तारामंडल थाना रामगढ़ताल, शक्ति जायसवाल पुत्र रवि जायसवाल निवासी महादेव झारखंडी कूड़ाघाट थाना एम्स तथा शिवम पटवा पुत्र पशुपति पटवा निवासी कूड़ाघाट आवास विकास कॉलोनी थाना एम्स शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड तथा तीन एटीएम स्लिप बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे और बाद में उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करते थे।
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह के साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और यदि इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत: सुलझे रिकार्ड 2.13 लाख मामले

5.83 करोड़ रुपए का मुआवजा
बैंक ऋण के 1293 मामले निस्तारित, 2.99 करोड़ की वसूली

Post on 14.3.26
Saturday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
शनिवार को इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकार्ड वादों का निपटारा हुआ। आपसी सहमति के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,13,557 वादों का निस्तारण किया गया। इससे लंबित मुकदमों का बोझ घटा।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम ने मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर जिला न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मंच न्याय को आम जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।सुलह समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इससे वादकारी का समय व धन की बचत होती है।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी संजय कुमार, लारा कोर्ट के जैगम उद्दीन, लोक अदालत के नोडल अधिकारी मौ फिरोज, सीजेएम श्वेता चौधरी के अलावा अन्य न्यायिक, बैंक व दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, जिला बार एसोसिएशन
के पदाधिकारी और अधिवक्ता आदि रहे।

वादों का निस्तारण।
लोक अदालत में न्यायालयों में 23,250, प्रशासन में 189014, बैंक -1293 वादों समेत कुल 2 लाख 13 हजार 557 वादों का निपटारा हुआ।

प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि आज लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 22163 शमन योग्य वाद निस्तारित हुए। आरोपितों पर 5 लाख 58 हजार 970 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। वैवाहिक व भरण पोषण के 62 मामलों परिवार न्यायालय ने आपसी सहमति से सुलझाया। जबकि उत्तराधिकार का एक मामला निस्तारित कर 15 लाख 47 हजार 186 रुपए के प्रमाण पत्र जारी किए।लघु प्रकृति में लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम आदि मामले सुलझ गए।

प्रमुख निस्तारण
-22,163 शमन योग्य वादों का निस्तारण, 5,58,970 रुपये का अर्थदंड।

मोटर वाहन दुर्घटना-
56 मामले निस्तारित- 5.83 करोड़ रुपये मुआवजा
न्यायालय द्वारा: 23,250
प्रशासन द्वारा: 1,89,014
बैंक द्वाराः 1,293 निस्तारण में 2.99 करोड़ रुपए की वसूली

लोक अदालत में भीड़ –
शनिवार सुबह ही वादकारियों की लंबी लाइन लगी। विशेष रूप से बैंक ऋण, यातायात चालान, बिजली बिल बकाए के मामले लेकर लोग अदालत पहुंचे।

« Newer PostsOlder Posts »