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पर्यटन मंत्री ने किया 697.17 लाख रुपए की विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

March 15, 2026

पर्यटन मंत्री ने किया 697.17 लाख रुपए की विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

फिरोजाबाद। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने रविवार को ऐतिहासिक गोपाल आश्रम प्रांगण में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनपद के सांस्कृतिक स्थलों के कायाकल्प के लिए 697.17 लाख रुपए की विभिन्न पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में गोपाल आश्रम का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण, श्री चिंतामणि मंदिर का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण जबकि छिदामी लाल जैन मंदिर एवं पसीने वाले हनुमान जी मंदिर का पर्यटन विकास एवं शिलान्यास किया। इस मौके पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि फिरोजाबाद केवल सुहाग नगरी ही नहीं बल्कि आस्था और अध्यात्म की एक अनमोल धरोहर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में हमारा लक्ष्य है कि फिरोजाबाद के प्रत्येक पौराणिक और ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन के मानचित्र पर स्थान मिले। आज गोपाल आश्रम व चिंतामणि मंदिर का जो सौंदर्यीकरण पूर्ण हुआ है, आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल मानसिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि कर स्थानीय व्यापार को नई गति देगा।उन्होंने आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छदामी लाल जैन मंदिर और पसीने वाले हनुमान जी का शिलान्यास इसी श्रृंखला का हिस्सा हैं, हम यहां ऐसी विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित कर रहे हैं कि बाहर से आने वाले पर्यटक यहां रुकने और यहां की संस्कृति को समझने के लिए प्रेरित हो। जनपद में लगाये जा रहे साइनेज से पर्यटकों को ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचने में कोई असुविधा नहीं होगी।
सदर विधायक मनीष असीजा ने पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से कार्यों की सराहना की।
विधायक प्रेमपाल धनगर ने कहा कि इस परियोजनाओं से फिरोजाबाद की नगर निगम सीमा और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की नई राह खुलेगी।
इस अवसर पर महापौर कामिनी राठौर, अनिल मित्तल, त्रिभुवन नाथ मित्तल, नानक चंद अग्रवाल, सुनील टंडन एवं पुष्पेंद्र पाल आदि लोग उपस्थित रहे।

महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी ने जूना अखाड़े के श्रीमहंतों पर लगाए गंभीर आरोप

हरिद्वार, 15 जनवरी। हिंदू रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत साधु समाज के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने जूना अखाड़े के चार श्रीमहंतों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी प्रबोधानंद गिरी ने अखाड़े के चार श्रीमहंतों पर अखाड़े और सनातन परम्परा को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 30 नवंबर को जूना अखाड़े ने एक पत्र जारी कर उन्हें और उनके गुरु को अखाड़े से निष्कासित कर दिया था। सोशल मीडिया से इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने निष्कासन के आरोपों का जवाब एक करोड़ की मानहानि के साथ अधिवक्ता के माध्यम से अखाड़े के पदाधिकारियों को भेजा था। लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अखाड़े द्वारा उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी जूना अखाड़े में नागा दीक्षा और अखाड़े की सदस्यता नहीं ली। वर्ष 2007 में प्रयागराज में संतों द्वारा उन्हें महामंडलेश्वर के रूप में सम्मानित किया गया था। वर्ष 2021 में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी द्वारा उनका अभिषेक किया गया था और इस प्रक्रिया को किसी अन्य पदाधिकारी द्वारा निरस्त नहीं किया जा सकता। ना ही किसी को उन्हें निष्कासित करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखाड़े में महामंडलेश्वर बनाने के नाम पर लाखों रूपए की धनराशि ली जाती है। स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने यह आरोप भी लगाया कि कुंभ मेले में कुछ लोगों को अस्थायी रूप से नागा साधु बनाकर प्रस्तुत किया जाता है, जिसका उन्होंने विरोध किया है। फर्जी नागा के रूप में उन्होंने अपनी ही संस्था हिन्दू रक्षा सेना के लोगों को पकड़ा है। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने जूना अखाड़े के श्रीमहंत हरि गिरी, श्रीमहंत मोहन भारती, श्रीमहंत प्रेम गिरी और श्रीमहंत नारायण गिरी पर आरोप लगाते हुए उनका पंक्ति पत्तल वहिष्कार किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि वह इन चारों को अपने यहां पंक्ति में नहीं बुलाएंगे और न ही उनके यहां जाएंगे। स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने श्रीमहंत हरि गिरी से अखाड़े की आय-व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग करते हुए जिस व्यक्ति को फर्जी संत और कालनेमि बताकर पूर्व में जिसका निष्कासन किया गया था। अखाड़े के पदाधिकारी आज उसी को जगद्गुरु बना रहे हैं। जबकि उन्हें जगद्गुरु बनाने का कोई अधिकार ही नहीं है। उन्होंने अखाड़े के पदाधिकारियों पर इस्लामिक जेहादियों से सांठगांठ का आरोप भी लगाया और कहा कि उनकी हत्या करायी जा सकती है। केंद्र सरकार से संबंधित लोगों की संपत्ति और गतिविधियों की विशेष जांच एजेंसी से जांच कराने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित मांग करते हुए स्वामी प्रबोधानंद गिरि ने कहा कि वह जीवन भर सनातन धर्म, गौसेवा और संतों की सेवा के लिए कार्य करते रहेंगे तथा देशभर में धर्म जागरण के लिए निरंतर अभियान चलाते रहेंगे। प्रैसवार्ता के दौरान स्वामी सत्यव्रतानंद सरस्वती, स्वामी ओमानंद, प्रकाशानंद सरस्वती, वीरेन्द्र स्वरूप, प्रज्ञानंद गिरि, लक्की वर्मा, अमित वर्मा व लक्की राठौर आदि मौजूद रहे।

पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा, 9 से 29 अप्रैल तक मतदान

नई दिल्ली, 15 मार्च 26, (पीबी समाचार) भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। मतदान 9 से 29 अप्रैल तक अलग अलग राज्यों में अलग अलग तरीकों में होंगे।

निर्वाचन आयोग ने आज सायं असम, केरल, पुद्दुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होंगे। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए आज दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल और पुद्दुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को होगा। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा। पश्चिम बंगाल में मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 142 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। सभी चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतगणना 4 मई को होगी। श्री कुमार ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

श्री कुमार ने बताया कि पांच विधानसभाओं के 824 निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में लगभग 17 करोड़ 40 लाख लोग मतदान के पात्र हैं। इनमें पश्चिम बंगाल के लगभग 6 करोड़ 44 लाख, तमिलनाडु के 5 करोड़ 67 लाख, केरल के 2 करोड़ 70 लाख, असम के ढाई करोड़ और पुडुचेरी के 9 लाख 44 हजार मतदाता शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चार राज्‍यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 2 लाख 19 हजार मतदान केंद्र होंगे और कुल 25 लाख चुनाव कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय और साइनबोर्ड जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में चुनाव को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 30 नई पहल की हैं। श्री कुमार ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम बारह सौ मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए शत प्रतिशत वेबकास्टिंग होगी।

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है, असम की 126 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है और केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। वहीं, तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को और पुद्दुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है।

हॉर्मूज मार्ग खुला रखने को प्रभावित देश भेजें अपने युद्धपोत: अमेरिका

वाशिंगटन (अमरीका) 15 मार्च 26, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावित देशों से अपने युद्धपोत भेजने का आग्रह किया है। ईरान के साथ युद्ध अब तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है। ट्रूथ सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन सहित अन्य देशों से होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमरीका तटीय क्षेत्रों पर बमबारी जारी रखेगा और ईरानी जहाजों तथा नौकाओं को निशाना बनाता रहेगा।

28 फरवरी से, अमरीका और इस्राएल ने ईरान पर एक बड़ा संयुक्त हमला शुरू किया था और ईरान की जवाबी कार्रवाई के साथ अब यह पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है। होर्मुज में ईरानी हमलों ने जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को प्रभावित किया है, जो कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रम्प ने दावा किया कि अमरीका ने ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है।

ईरान का आरोप: यूएई की जमीन से हो रहे मिसाइल हमले

तेहरान , 15 मार्च 26, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई) पर आरोप लगाया है कि उसने अपने क्षेत्र का इस्तेमाल ईरानी ठिकानों पर मिसाइल हमलों के लिए होने दिया। ईरान के इस आरोप के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि दो ईरानी ठिकाने खारग द्वीप तथा अबू मूसा पर रात भर हुए हमले रास अल खैमाह और दुबई के पास तैनात हिमर्स रॉकेट प्रणालियों से किए गए थे।

ईरान के खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने यू.ए.ई के निवासियों को जेबेल अली, खलीफा बंदरगाह और फुजैरा बंदरगाह सहित प्रमुख बंदरगाहों के पास के क्षेत्रों को खाली करने की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि अमरीकी सैन्य संपत्तियों से जुड़े इन ठिकानों को संभावित जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया जा सकता है।

यू.ए.ई सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गश ने बताया कि देश ने अपने क्षेत्र से हमलों की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि यू.ए.ई संवाद और कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने दहशत को नियंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया पर झूठे संघर्ष के वीडियो फैलाने के आरोपी दस लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया है।

वहीं, संयुक्त अरब अमीरात – यू.ए.ई ने आज सुबह एक नए मिसाइल हमले की सूचना दी है। यह घटना ईरान द्वारा यू.ए.ई के तीन प्रमुख बंदरगाहों को खाली करने के आह्वान के एक दिन बाद हुई है। ईरान ने पहले संभावित हमलों की चेतावनी दी थी और अधिकारियों से बंदरगाहों को खाली करने को कहा था।

इस बीच, अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजेंगे।
उधर, इस्राएली हमलों के कारण लेबनान में मानवीय स्थिति और खराब हो गई है। वहां अब तक लगभग आठ सौ लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 8 लाख 50 हजार से अधिक लोग विस्थापित होना पड़ा है।

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