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नारी: शक्ति, संवेदना और सृजन -डाॅ० राकेश सक्सेना

March 7, 2026

नारी: शक्ति, संवेदना और सृजन -डाॅ० राकेश सक्सेना


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर

एटा 06 मार्च उप्रससे। सृष्टि के विकास में नर और नारी दोनों का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। प्रकृतिस्वरूपा होने के कारण सृष्टि पहले से ही रहस्यात्मक थी किन्तु इसको गंभीरतम बनाने में नर-नारी का मिथुनस्वरूप सहायक सिद्ध हुआ। अपने पौरुष, साहस,शौर्य और तेज के कारण यदि नर एक भिन्न वर्ग में आ गया तो नारी भी अपनी दया, त्याग, उदारता, सहनशीलता, सुकुमारता और धैर्य के कारण एक अलग वर्ग में समझी जाने लगी। चुम्बक और धातु की तरह ये दोनों एक-दूसरे से आकृष्ट होने लगे, इसी कारण मानव जीवन में नर और नारी का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है। नारी के बिना नर और नर के बिना नारी दोनों अपूर्ण हैं। नर यदि अग्नि है तो नारी ईंधन। नर यदि समुद्र है तो नारी किनारा। नर यदि दीपक है तो नारी प्रकाश। नर यदि वृक्ष है तो नारी उसका फल। दोनों का अपने-अपने स्थान पर महत्व है।
यौन आकर्षण को प्रजनन प्रेरणा के नाम से मानव जगत में पुकारा जाता है। प्रजनन जीव का महत्वपूर्ण कार्य है। गर्भ धारण करके संतान को जन्म देना,उसका पालन-पोषण करना मुख्यतः नारी का ही काम है,जो मानव जीवन की निरंतरता का आधार है। यह केवल जैविक प्रक्रिया नहीं बल्कि सृष्टि चक्र को आगे बढ़ाने वाली सृजनात्मक शक्ति है। प्रकृति ने नारी को मातृत्व का अद्भुत गुण प्रदान किया है। याज्ञवल्क्य मुनि का कथन है कि जिस तरह चने अथवा सीप का आधा दल दूसरे से मिलकर पूर्ण होता है उसी प्रकार पुरुष के सामने का खाली आकाश नारी के साथ मिलने से पूर्ण होता है। प्रकृति की इस मनोरम पुत्री ने अपने सौन्दर्य,व्यक्तित्व और कृतित्व के विविध रूपों से नर का पोषण किया है। माता, पत्नी, भगिनी, पुत्री, सखी, सेविका, परिचारिका, तपस्विनी आदि भूमिकाओं में नारी ने हमेशा ही संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दिया है। वह शक्ति,करुणा और सृजन का समन्वित रूप है।
भारतीय समाज व साहित्य में नारी को देवी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। भारतीय आदर्श जैसे विद्या का आदर्श सरस्वती, धन का लक्ष्मी में, पराक्रम का दुर्गा में, सौन्दर्य का रति में, पवित्रता का गंगा आदि नारी में ही समाहित है। इसीलिए महर्षि मनु ने कहा- ‘ यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता ‘ अर्थात् जहाँ नारी का पूजन होता है वहाँ देवता निवास करते हैं और जहाँ आदर नहीं होता वहाँ सभी कार्य विफल होते हैं, इसी अर्थ में फिर एक स्थान पर उन्होंने कहा-‘ शोचन्ति जाम यो यत्र विनश्यत्पाशु तत्कुलम् ‘ अर्थात् जिस घर में स्त्रियाँ शोक करतीं हैं, वह शीघ्र ही नष्ट होता है। कहने का तात्पर्य यह है कि शक्ति, समृद्धि और ज्ञान की अधिष्ठात्री नारी केवल कोमलता नहीं अपितु साहस और आत्मबल की धनी है। आधुनिक युग में शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, अंतरिक्ष और खेल आदि क्षेत्रों में भी वह शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाई दे रही है। शक्ति के साथ ही उसके हृदय में संवेदना, ममता और सहानुभूति का प्रवाह है जो परिवार,समाज और संस्कृति को मानवीय आधार प्रदान करती है। वह सम्बन्धों का निर्वाह ही नहीं करती बल्कि आत्मीयता से सींचती भी है। उसकी संवेदना का प्रथम रूप मातृत्व में ही दिखाई देता है जहाँ शिशु की पीड़ा को वह बिना शब्दों के ही समझ लेती है। परिवार को एकसूत्र में बाँधने का कार्य भी नारी ही करती है। आज की नारी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ रही है। वह अपने कार्यस्थल पर नेतृत्व करते हुए मानवीय मूल्यों को वरीयता प्रदान करती है, प्रेम की भाषा बोलती है, करुणा की ज्योति जलाए रखती है।
सृष्टि के मूल में नारी वह चेतना है जिसके बिना जीवन की कल्पना ही अधूरी है। वह जन्मदायिनी शक्ति के साथ हमारी संस्कृति, आदर्श और मूल्यों की भी सर्जक है, परिवार की शिक्षिका है। अपनी सृजनात्मक प्रतिभा से नारी ने साहित्य,चित्रकला, संगीत, नृत्य, नाट्यों, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रशासन, शिक्षा आदि सभी क्षेत्रों में नारी की सृजनशीलता हमारे समाज को नई दृष्टि प्रदान कर रही है। कहने का तात्पर्य यह है कि नारी शक्ति है क्योंकि वह संघर्ष में मुस्कुराती है, नारी संवेदना है क्योंकि वह टूटे सम्बन्धों को जोड़ती है,नारी सृजन है क्योंकि वह भविष्य को जन्म देती है। वह परिवार तक ही सीमित नहीं है अपितु समाज व राष्ट्र के उत्थान की प्रेरक शक्ति है। उसको जिस क्षेत्र में दायित्व सौंपा गया है वहाँ वह पुरुषों की तुलना में सफल व सक्षम सिद्ध हो रही है। उसने समाज को सोचने के लिए विवश कर दिया है कि वह नारी के प्रति अपना दृष्टिकोण बदले! उसको शिक्षित, स्वावलंबी, सुयोग्य, समुन्नत बनाने पर ध्यान दे।

डाॅ०राकेश सक्सेना, पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष, 68, शान्तीनगर, एटा ( उ०प्र० ) 207001*

एटा में युवाओं ने जान जोखिम में डालकर नाले में डूब रहे गोवंश को बचाया

एटा 06 मार्च उप्रससे। कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित कैलाश मंदिर के पीछे रेवाड़ी मोहल्ला में एक गोवंश नाले में गिर गया। स्थानीय युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।

शुक्रवार को गोवंश को नाले में डूबता देख स्थानीय निवासी सचिन कश्यप ने अपने दोस्तों गब्बर बघेल, प्रदीप राजपूत, मनोज पाराशर, चंदन सक्सेना, दिनेश राजपूत और सतीश राजपूत को मौके पर बुलाया। सभी ने मिलकर कड़ी मशक्कत से गोवंश को नाले से बाहर निकाला।

सचिन कश्यप ने बताया कि वे सभी दोस्त वहां से गुजर रहे थे, तभी गोवंश नाले में डूबता हुआ दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत नगर पालिका को फोन किया, लेकिन जेसीबी नहीं पहुंची। गोवंश की जान खतरे में थी, इसलिए उन्होंने बिना देरी किए अपने दोस्तों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकालने का फैसला किया। सचिन और उनके दोस्तों द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य की स्थानीय लोगों ने जमकर प्रशंसा की है।

जान से मारने की नीयत से हमला करने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
06/03/2026

*एक बाल अपचारी भी पुलिस अभिरक्षा में, मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई*

गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र में जान से मारने की नीयत से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में थाना गुलरिहा पर मुकदमा संख्या 178/2026 के तहत धारा 191(2), 115(2), 109 और 117(2) बीएनएस में केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दर्शन चौहान पुत्र झगड़ू चौहान व गौतम चौहान पुत्र पाँचू चौहान निवासी ददरखांवा थाना चिलुआताल, तथा करन चौहान पुत्र दीपक चौहान और साहिर उर्फ छोटू पुत्र हीरा चौहान निवासी जंगल महुअवां उर्फ मोहम्मदपुर, बीरबहादुरपुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज क्षेत्र थाना चिलुआताल शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना 4 मार्च 2026 की है, जब आरोपियों ने एक राय होकर वादी के भाई और उसके दोस्त पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर दोनों को गंभीर रूप से मारपीट कर घायल कर दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घटना में शामिल एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लेकर विधिक प्रक्रिया के तहत किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से गौतम चौहान के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, तोड़फोड़ और गंभीर हमले से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

मंदिर के पास मामूली विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या, छह आरोपी गिरफ्तार

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
06/03/2026

धूल उड़ाने से मना करने पर हुआ विवाद, लाठी-डंडों से हमले में हुई मौत

गोरखपुर। चिलुआताल थाना क्षेत्र के ग्राम करहिया में मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और लाठी-डंडों से किए गए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो डंडे और दो मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं।
पुलिस के अनुसार 4 मार्च 2026 को वादी अपने मामा और अन्य परिचितों के साथ गांव के पास नदी किनारे स्थित शिव मंदिर पर बैठा हुआ था। उसी दौरान गांव के कुछ युवक मोटरसाइकिल को तेज गति से गोल-गोल घुमाते हुए धूल उड़ाने लगे। वहां बैठे लोगों ने जब उन्हें ऐसा करने से मना किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में वादी के मामा को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से घायल को तत्काल इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहरीर के आधार पर थाना चिलुआताल में मुकदमा संख्या 138/26 के तहत धारा 103(1), 191(2), 190, 115(2), 352 बीएनएस में केस दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान संदीप निषाद, शेषनाथ निषाद, गौतम निषाद, रमेश निषाद, विक्की राजभर और राजन निषाद निवासी ग्राम करहिया थाना चिलुआताल को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो डंडे और दो मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गईं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। वहीं घटना के बाद गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

विश्व महिला दिवस पर ब्रह्माकुमारीज का आयोजन, राजयोगिनी बीके तृप्ति दीदी करेंगी संबोधित

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
06/03/2026

*महिला सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देगा विशेष कार्यक्रम*

गोरखपुर। विश्व महिला दिवस के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शहर में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास, आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन दृष्टि का संचार करना है, जिससे वे परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में और अधिक सशक्त भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज परिवार की वरिष्ठ राजयोगिनी और गुजरात के सूरत सेंटर से पधार रही ओजस्वी वक्ता बीके तृप्ति दीदी अपने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को “नई सोच, नया जीवन और नई शुरुआत” का संदेश देंगी। उनके आध्यात्मिक विचार और अनुभव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लोगों को प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण विषय पर विशेष व्याख्यान, प्रेरणादायी संदेश, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा होली मिलन के आध्यात्मिक रंगों से सुसज्जित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज को सुख, शांति और आनंद की दिशा में प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।
मायाबाजार सेंटर की प्रभारी बीके डॉ. समृद्धि ने बताया कि जब नारी आत्मविश्वास, संस्कार और आध्यात्मिक शक्ति से सशक्त होती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र भी सशक्त बनता है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम लोगों को आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन में नई शुरुआत के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम 8 मार्च, रविवार को अपरान्ह 4 बजे से 6 बजे तक बैंक रोड स्थित स्वयंवर मैरिज हॉल में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवतियों तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति अपेक्षित है।
इसके अतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली मिलन समारोह के क्रम में पुलिस लाइन कैंपस, बिछिया स्थित पीएसी प्रांगण तथा शहर के कुछ टेक्निकल कॉलेज परिसरों में भी गुजरात से पधारी राजयोगिनी बीके तृप्ति दीदी द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन और राजयोग के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संदेश दिए जाएंगे।
आयोजकों ने शहरवासियों से सादर अनुरोध किया है कि वे इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में शामिल होकर आध्यात्मिकता, प्रेम और सद्भाव की होली के पावन रंगों में स्वयं को रंगें और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएं।

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