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दायित्व का निर्वाह करें जन सूचना अधिकारी : राज्य सूचना आयुक्त

March 7, 2026

दायित्व का निर्वाह करें जन सूचना अधिकारी : राज्य सूचना आयुक्त

( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि शाहजहांपुर विकास की राह पर निरंतर प्रगति कर रहा है। जन सूचना अधिकारियों को इसमें अपने दायित्व का गम्भीरता के साथ निर्वाह करना चाहिए। उन्हें निर्धारित अवधि में आवेदनों का जवाब प्रेषित करना चाहिए। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को यहां अच्छे अर्थों में सम्मान मिला। वर्तमान प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। एक जिला एक उत्पाद के साथ ही एक जिला एक मेडिकल कॉलेज योजना यहां चरितार्थ हो रही है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं। जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, उसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। गंगा एक्सप्रेस वे से इस जनपद को व्यापक लाभ मिलेगा। औद्योगिक गलियारा का निर्माण प्रगति पर है।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर में सम्मान समारोह आयोजित

Hari Om Gupta

गाजियाबाद 7 मार्च। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय परिसर में मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत की अध्यक्षता व जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़, सीडीओ श्री अभिनव गोपाल सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में महिला सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मा0अति​थिगणों को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मा0 जनपद न्यायाधीश श्री विनोद सिंह रावत सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनी एवं विभागों द्वारा स्टॉल भी लगाये गये, जिसका अतिथिगणों द्वारा अवलोकन किया गया। इसमें आगुन्तकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गयी और आवेदन भी कराये गये। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।

नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार

फिरोजाबाद। राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़ ने कहा कि 8 मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान, अधिकारों, सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प को पुनः स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। वह परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक माँ के रूप में वह पीढ़ियों को संस्कार देती है, एक शिक्षिका के रूप में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और एक कर्मशील नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान देती है।

आज के परिवर्तित समय में महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब परिवार सशक्त होता है और जब परिवार सशक्त होता है, तब राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है।

फिर भी हमें यह स्वीकार करना होगा कि समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित होना तथा आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियाँ आज भी अनेक महिलाओं के सामने उपस्थित हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल कानूनों से ही नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और संवेदनशीलता से संभव है।

महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाना है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, तब वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर हम सभी का दायित्व है कि हम नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हों। परिवार, समाज और शासन—तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयासों से ही एक ऐसा वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जहाँ प्रत्येक महिला निर्भीक, आत्मविश्वासी और स्वाभिमानी जीवन जी सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि *नारी केवल समाज का एक अंग नहीं, बल्कि उसकी सबसे सशक्त प्रेरणा है।* आइए, इस अवसर पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहाँ प्रत्येक महिला को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्राप्त हो तथा वह अपने सपनों को साकार कर सके।

*नारी का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।*

सामौर बाबा महोत्सव में सजेगा ‘काव्य दरबार’, रविवार को होगा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

*मंत्री जयवीर सिंह के आमंत्रण पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण होंगे समारोह में शामिल*

*हास्य, व्यंग्य और वीर रस की रचनाओं से सजेगा मंच, पद्मश्री सुनील जोगी सहित कई नामचीन कवि करेंगे काव्य पाठ*

*आस्था और साहित्य का संगम बनेगा सामौर बाबा महोत्सव- जयवीर सिंह*

*सामौर बाबा महोत्सव हमारी आस्था, साहित्य और संस्कृति का उत्सव- जयवीर सिंह*

फिरोजाबाद। सिरसागंज के ग्राम करहरा स्थित प्रसिद्ध सामौर बाबा धाम पर चल रहे सात दिवसीय सामौर बाबा महोत्सव के अंतर्गत रविवार को भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन की शोभा बढ़ाएंगे। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘सामौर बाबा महोत्सव क्षेत्र की आस्था, संस्कृति, साहित्य और परंपरा को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक और साहित्यिक वातावरण को मजबूत करते हैं। युवाओं को भारतीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।’

*’महोत्सव सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक’*
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, ‘सामौर बाबा महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन जैसे आयोजन साहित्यकारों और श्रोताओं को एक मंच पर लाने का काम करते हैं। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और युवाओं को साहित्य से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है।’

*मंच पर गूंजेगा हास्य और वीर रस*
कवि सम्मेलन में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हास्य कवि सुनील जोगी अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। वहीं, वीर रस के प्रख्यात कवि राम भदावर ओजपूर्ण काव्य पाठ कर देशभक्ति का जोश भरेंगे। इसके अलावा गौरव चौहान, पद्मिनी शर्मा, योगिता चौहान, हेमंत पांडे और मुकेश मणिकांचन सहित कई ख्याति प्राप्त कवि अपनी काव्य प्रस्तुतियां देंगे।

*कवि सम्मेलन को लेकर उत्साह*
कवि सम्मेलन को लेकर क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों और आगंतुकों में खासा उत्साह है। सामौर बाबा धाम परिसर को कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से सजाया गया है। कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार यह कवि सम्मेलन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

एटा में पैदल जा रहे बुजुर्ग को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, मौत

एटा 07 मार्च उप्रससे। जनपद के मिरहची थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन ने पैदल जा रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग को टक्कर मार दी। इस हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

मृतक राजेंद्र (60 वर्ष) पुत्र हुकुम सिंह, निवासी सुपैती, थाना मिरहची नाई की दुकान से दाढ़ी बनवाकर अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी आसेपुर गांव के समीप अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने घायल राजेंद्र को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही राजेंद्र ने दम तोड़ दिया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मृतक के भाई कुंवरपाल ने बताया कि राजेंद्र दाढ़ी बनवाकर घर लौट रहे थे और सड़क पार करते समय यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक बोलेरो कार ने उन्हें टक्कर मारी थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

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