देवरिया कार्यालय
घटना की गंभीरता को देख नायब तसीलदार स्वयं ईट हटाने में जुटे
देवरिया, 3 अप्रैल। शहर के सदर तहसील रोड स्थित नगर पालिका कार्यालय के समीप शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। एक पुराने मकान की जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिका कार्यालय से सटे एक पुराने मकान में पिछले कुछ समय से मरम्मत कार्य चल रहा था। शुक्रवार को भी सुबह से आधा दर्जन से अधिक मजदूर काम में जुटे थे। करीब 11 बजे अचानक मकान की एक कमजोर दीवार गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे में योगेंद्र (55) पुत्र जंगली निवासी बढ़या तिवारी थाना गौरीबाजार तथा गोविंद (25) पुत्र रामजी निवासी जेठौसी थाना बरियारपुर मलबे में दब गए, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं रामदयाल मणि (50) पुत्र गोविंद मणि निवासी सेमरहीं बसडीला, हरिहर (51) पुत्र राजबली निवासी टड़वा खुखुन्दू और शारदा (45) निवासी अहिलवार थाना बरियारपुर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार शिवेंद्र कुमार कौटिल्य, नगर पालिका के ईओ संजय तिवारी, कानूनगो अश्वनी श्रीवास्तव और लेखपाल मानवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्वयं राहत कार्य में हिस्सा लेते हुए मलबा हटाने का कार्य कराया। अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका के चलते काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन राहत की बात रही कि और कोई मजदूर मलबे में नहीं मिला।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की समय पर जांच और मरम्मत को लेकर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

