Santosh Kumar Singh Gorakhpur
31/03/2026
16 कार्य दिवस में कठोर सजा: 6 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
गोरखपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई बना नजीर, साक्ष्य छिपाने पर महिला को भी 4 साल की कठोर सजा
गोरखपुर। मासूम बच्ची से दुष्कर्म अपराध के मामले में त्वरित न्याय की मिसाल सामने आई है। थाना पीपीगंज में 21 फरवरी 2026 को 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में महज 16 दिन के भीतर न्यायालय ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुना दी।
मा० न्यायालय विशेष पॉक्सो-01 गोरखपुर ने अभियुक्त अशोक निषाद पुत्र टुनटुन निषाद, निवासी साखी उर्फ मेंहदरिया, थाना पीपीगंज को दोषी पाते हुए शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास तथा 55,000 के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, साक्ष्य छिपाने के आरोप में उसकी माँ सुनीता देवी को 4 वर्ष का कठोर कारावास और 5,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
घटना 20/21 फरवरी 2026 की रात की है, जब एक शादी समारोह के दौरान आरोपी ने मासूम के साथ दरिंदगी की। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी और उसकी मां को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मात्र 5 दिनों में साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद न्यायालय ने लगातार सुनवाई करते हुए 16 दिन में गवाहों के बयान और बहस पूरी कर कठोर सजा सुनाई।
इस केस में एडीजीसी राघवेन्द्र राम त्रिपाठी और एडीजीसी अरविन्द्र कुमार श्रीवास्तव की प्रभावी पैरवी अहम रही।
गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत त्वरित न्याय की एक बड़ी नजीर मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सख्त और त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय और आमजन में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
