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एटा में रोजगार सेवकों को 10 महीने से नहीं मिला मानदेय

March 22, 2026

एटा में रोजगार सेवकों को 10 महीने से नहीं मिला मानदेय

अधिकारी मजाक उड़ा रहे, भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

एटा 22 मार्च उप्रससे। जनपद में दर्जनों रोजगार सेवकों ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता के आवास पर पहुंचकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर दिया गया। रोजगार सेवकों ने अपना मानदेय तुरंत जारी करने की अपील की।

ग्राम रोजगार संघ के बैनर तले सौंपे गए इस ज्ञापन में संघ के जिलाध्यक्ष सनुज यादव ने बताया कि उन्हें पिछले लगभग 10 माह से मानदेय नहीं मिला है। इस कारण उनके परिवारों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
रोजगार सेवकों ने बताया कि मानदेय न मिलने के कारण उनकी होली और दिवाली फीकी रही। कई रोजगार सेवक धन के अभाव में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कुछ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। वे अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में भी असमर्थ हैं। इससे पहले भी वे सभी खंड विकास अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायकों को लिखित ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले सप्ताह अलीगंज विधायक और खंड विकास अधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया था। जिले भर में जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।
रोजगार सेवकों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा जारी धनराशि को विकास खंडों में बहुत कम मात्रा में वितरित किया गया है, जैसे किसी ब्लॉक को डेढ़ लाख और किसी को एक लाख रुपये। उन्होंने इसे ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताते हुए कहा कि अधिकारी उनका मजाक उड़ा रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दस वर्षों में नियमित वेतन मिलने का जिक्र करते हुए वर्तमान स्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया और तत्काल मानदेय भुगतान की मांग दोहराई।

March 20, 2026

नववर्ष व नवरात्रि पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शनी का उद्घाटन, योजनाओं की दी जानकारी

हाथरस। प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूर्ण होने तथा नवरात्रि के प्रथम दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में बाल विकास एवं पुष्टाहार, महिला कल्याण और समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने फीता काटकर किया।इस अवसर पर उन्होंने पांच गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली वितरित की और शिशुओं का अन्नप्राशन कराया। साथ ही प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत कन्याओं का पूजन कर उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई और उपहार भेंट किए गए।दिव्यांगजन विभाग की ओर से पांच बच्चों को श्रवण यंत्र वितरित किए गए, वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत ओ-लेवल के छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी दिए गए।कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दी गईं।इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

March 19, 2026

श्रीमद् भागवत कथा का समापन:हजारों श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया

बलदेव।
कस्बा स्थित रीढ़ा मोहल्ला में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।कथा के समापन दिवस पर आयोजित सामूहिक हवन में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर आम जनमानस  और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।
शाम को नगर परिक्रमा हुईं।
भागवत प्रवक्ता  आचार्य मनीष गर्गाचार्य  ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाली दिव्य साधना है।
इस अवसर पर परीक्षित श्याम सुन्दर अग्रवाल,रेखा अग्रवाल, उपज जिलाध्यक्ष अतुल जिंदल,उमेश अग्रवाल,संजीव अग्रवाल,अजय सिकरवार,माधव तेहरिया,चंद्रपाल सिंह,विनय अग्रवाल,देव अग्रवाल,अखिलेश पाठक, बंटी पहलवान,अजीत पहलवान,राधिका चौधरी,पवन गोयल,रवेंद्र सिंह,बच्चू सिंह,सतेंद्र पहलवान,ओमप्रकाश गर्गाचार्य, रवि गर्गाचार्य,गोविंद सेठ,अनुज उपमन्यु,राजेश पाठक,सुरेन्द्र चौधरी,शिवा उपाध्याय ,देवेंद्र तिवारी, बंटी अभि मैरिज होम,सुदीप बंसल, भोला सेठ,शुभम अग्रवाल,रिंकू सेठ,हरिओम दादा,सोनू सिकरवार सभासद,राकेश सेठ,सुशील वर्मा,दिलीप वर्मा,सोनू भैया,युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कस्बावासियों व सहयोगियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया और पूरे आयोजन को भक्ति, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।

हाथरस में आर्य समाज स्थापना दिवस पर निकली भव्य शोभायात्रा

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा व पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य का स्वागत करते आयोजक

हाथरस। आर्य समाज के स्थापना दिवस एवं नव संवत्सर के अवसर पर शनिवार को शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ आर्य समाज सासनी गेट से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।शोभायात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कन्या गुरुकुल सासनी की छात्राओं के साथ-साथ कई स्कूलों के बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की। बच्चों द्वारा प्रस्तुत हैरतअंगेज करतब शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहे।इस अवसर पर शोभायात्रा के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागने और वैदिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया। प्रतिभागी स्वामी दयानंद के उपदेशों से जुड़े स्लोगन और बैनर लेकर चल रहे थे, जो लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे थे।शोभायात्रा का शहर के विभिन्न स्थानों पर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, मूलचंद वार्ष्णेय, संजय सक्सेना, मोहन पंडित, अंकित गॉड, महेश वर्मा, मुंशी राम, बुद्ध सैन आर्य, सुरेश चंद्र आर्य, भूपेंद्र सिंह, नितिन महेश्वरी, बिना आर्य, वेद प्रकाश आर्य शास्त्री, बुद्धसेन आर्य, सुरेंद्र शर्मा उर्फ कबड्डी बाबा, वीरेंद्र सिंह राठौर सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं, शहर के अन्य आर्य समाज के पदाधिकारी एवं आसपास के कस्बों से आए प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

March 16, 2026

वीर भूमि में योगी आदित्यनाथ की दहाड़

  • भारत की नींव को कमजोर कर रही जातिवाद की राजनीतिः मुख्यमंत्री
  • चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • सनातन की मर्यादा अमर है और रहेगी, बाबर-औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज मंच पर बैठे हैं: सीएम योगी
  • उत्तर प्रदेश में बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम करके सकुशल घर वापस आती हैः योगी
  • गोरक्षपीठाधीश्वर ने वीरभूमि से जोड़ा नाता, कहा- मेरे दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे

चित्तौड़गढ़, 15 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद फैलाने वालों को चित्तौड़गढ़ की धरती से दो टूक संदेश दिया। उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां सुनाईं –
“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का-वीरों का
धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर
जाति-जाति का शेर मचाते केवल कायर, क्रूर”
मुख्यमंत्री ने कहा, जिन्हें कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया था, इसलिए देश कमजोर हुआ। जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति फिर से हम सबको गुलामी की तरफ धकेल रही है। इससे बचने के लिए हमें एकजुटता के भाव से बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को ईनाणी सिटी सेंटर, चित्तौड़गढ़ में जौहर श्रद्धांजलि समारोह में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। उन्होंने पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह की पुस्तक का विमोचन भी किया।

Yogi Adityanath in Chittorgarh, Rajasthan

*रामसेतु तोड़ने को उतावले लोग राम मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे*
सीएम योगी ने जनसमूह से पूछा कि वे कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर समाज को बांट रहे हैं। अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। भारत-भारत न बना रहे, इसके लिए दुष्चक्र कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ मिले और फैसला न होने देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। ये लोग रामसेतु तोड़ने के लिए उतावले दिखाई देते हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं। ये लोग देश में अविश्वास का वातावरण पैदा कर रहे हैं और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इनका मकसद भारत को कठघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना है। इन्हें देश की चिंता नहीं है। इनके अपने अस्तित्व पर संकट है, इसलिए भारत की अस्मिता से खिलवाड़ करने पर उतारू हैं।

CM Yogi Adityanath in Chittorgarh Rajasthan

*वीरभूमि ने दी भारत को पहचान*
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री मोदी जी का मार्गदर्शन है तो तेज राजस्थान, चित्तौड़गढ़ का है। इसके पीछे राजस्थान की वीरभूमि का भी योगदान है, क्योंकि मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। राजस्थान, चित्तौड़गढ़, मेवाड़ के वीरों के शौर्य-पराक्रम, वीरांगनाओं के जौहर और मीराबाई की भक्ति की धुन से भारत अभिभूत होता है। नारी अस्मिता, सम्मान, स्वावलंबन की अमर गाथा हमें प्रेरणा प्रदान कर रही है। वीरभूमि ने भारत को पहचान दी है। चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना दुर्ग नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रहरी है। हर सच्चे भारतीय के मन में इस वीरभूमि और यहां के राणाओं के शौर्य व राष्ट्र के लिए उनके बलिदान के प्रति श्रद्धा का भाव है।

*देश-धर्म के लिए था महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी व गुरु गोबिंद सिंह का संघर्ष*
सीएम योगी ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज व गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों को याद किया। उन्होंने कहा, इन लोगों ने अपने, परिवार या सत्ता के लिए बलिदान नहीं दिया था, बल्कि इनका संघर्ष देश-धर्म और भारत की स्वाधीनता के लिए था। हर संघर्ष में चट्टान की तरह सामने खड़े हुए और उसे नेस्तनाबूद भी किया। गुरु गोविंद सिंह के चार पुत्र बलिदान हुए, लेकिन उन्होंने उफ नहीं किया। महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा, बप्पा रावल के लिए मन में श्रद्धा का भाव है, क्योंकि जो भी राष्ट्र के प्रति योगदान देगा, उसका स्मरण सदैव होता है।

UP CM Yogi Adityanath in Chittorgarh Rajasthan

*माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प महारानी पद्मिनी ने दिखाया*
सीएम योगी ने कहा कि यह श्रद्धांजलि समारोह प्रेरित कर रहा है कि आने वाले समय में किसी बेटी-बहन को उस दौर से न गुजरना पड़े। 1303, 1535 और 1568 में तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले। भारत का इतिहास वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है। शत्रु हमेशा धोखे से ही वीरों का मुकाबला कर पाए। आमने-सामने की लड़ाई में वे कहीं नहीं टिके। अलाउद्दीन खिलजी के धोखे से महाराणा रत्न सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके सेनापति गोरा-बादल भी लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए तो महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में हजारों वीरांगनाओं ने नारी अस्मिता की रक्षा के लिए जौहर व्रत लिया था, क्योंकि वह उस समय की परिस्थिति थी। माता सीता ने धरती मां से कहा था कि अगर मेरा सतीत्व अखंड है तो मुझे अपनी गोद में समाहित करो। माता सीता का जो संकल्प था, वही संकल्प धर्म जौहर के नाम पर महारानी पद्मिनी ने यहां दिखाया था। यह संकल्प नारी गरिमा का प्रतीक था। यह भारत माता को विधर्मियों से मुक्त करने का संकल्प था।

*25 करोड़ के उत्तर प्रदेश में बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी काम करके सकुशल घर वापस आती हैं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में जब हमारी सरकार बनी तो प्रदेशवासियों से कहा कि अपराध-अपराधियों, नारी गरिमा-सुरक्षा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस के तहत काम करेगी। किसी ने बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डाला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहे होंगे। 25 करोड़ वाले उत्तर प्रदेश में बेटियां अब स्कूल भी जाती हैं, नाइट शिफ्ट में काम भी करती हैं और सकुशल घर आती हैं। हर नारी को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन की गारंटी हर भारतीय नारी का अधिकार होना चाहिए।

*महाराणा सांगा ने घाव पर घाव सहे, लेकिन विधर्मियों को घुसने नहीं दिया*
सीएम योगी ने भारत की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए महाराणा सांगा के शौर्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, महाराणा सांगा के शरीर पर 80 घाव थे। लेकिन, उन्हें स्वयं की नहीं, बल्कि राष्ट्र की अस्मिता की चिंता थी। घाव पर घाव सहते गए पर विधर्मियों को घुसने नहीं दिया। महाराणा प्रताप ने महज 27 वर्ष की आयु में ही अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा था। उन्होंने अकबर को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। भारत के इतिहास ने हमेशा उनके शौर्य का स्मरण किया है।

*अयोध्या में राम मंदिर भी बना और गुलामी का कोई चिह्न भी नहीं बचा*
सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम परमपिता परमेश्वर हैं, लेकिन वह राम तब बन पाए, जब उन्होंने कहा कि मैं इस धरती को राक्षसविहीन कर दूंगा। वह भी केवल यह कहते कि मैं अयोध्या का राजा हूं, मुझे कुछ नहीं करना है तो वह राम जैसा सम्मान नहीं पाते। राजस्थान के लाखों नौजवान राम मंदिर आंदोलन में कूद पड़े थे। जब पूर्वजों के प्रति मन में भाव होता है तो परिणाम आने में देर नहीं लगती। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया, वहां गुलामी का कोई चिह्न नहीं बचा। देश एकजुट होकर एक दिशा में चलता है और जाति के नाम पर बांटने वाले नेताओं से सावधान रहता है तो हर भारतवासी को राम मंदिर जैसा सम्मान प्राप्त होता है। कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को अभय प्रदान करने के लिए श्रीकृष्ण को संकल्प लेना पड़ा था कि सज्जन शक्ति का संरक्षण करूंगा, लेकिन दुर्जनों के संहार में संकोच नहीं करूंगा।

*नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता*
सीएम योगी ने कहा कि भारत के महापुरुषों ने शौर्य व पराक्रम के साथ जुड़ने का आह्वान किया था। आजादी के आंदोलन में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने 26 वर्ष की आयु में 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध शंखनाद किया था। 27 वर्ष की आयु में उनका बलिदान हो गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आह्वान किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। नेताजी होते तो पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका आह्वान भारत की अस्मिता, आजादी और नौजवानों के लिए था। जापान, सिंगापुर, पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार में उनके योगदान का स्मारक हमारा आह्वान करता है। सीएम ने काकोरी के नायकों के अलावा वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद को भी याद किया। कहा कि 1893 में शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा कि गर्व से कहो, हम हिंदू हैं। यह उद्घोष भारत को एकता के सूत्र में बांधता है। नेपाल में भी हिंदुओं का यह भाव हर व्यक्ति को जोड़ता है।

*हमेशा प्रेरणा प्रदान करता है भारत का वैभव*
सीएम योगी ने कहा कि भारत का वैभव हमेशा प्रेरणा प्रदान करता है। वैदिक कालीन भारत, आदर्श भारत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित भारत, जहां किसान उत्पादक था, कारीगर उद्यमी और व्यापारी राष्ट्र को जोड़ने का सेतु। ग्राम स्वराज हमारी पहचान थी। आक्रांता साम्राज्य नारी अस्मिता के साथ खिलवाड़ और संस्कृति, परंपरा व बौद्धिक संपदा को रौंदते-लूटते हैं। उन्होंने शोषण की जो प्रवृत्ति पैदा की, उसका दुष्परिणाम था कि किसान उत्पादक से उपभोक्ता और उपभोक्ता से कर्जदाता हो गया। कारीगर श्रमिक होकर बेरोजगार हो गया। व्यापारी कर्ज के बोझ से आजीविका के लिए भटकने लगा। औपनिवेशिक कालखंड के शोषण के इस दुष्चक्र को समाप्त करने के लिए आजादी के बाद वर्ष दर वर्ष बीतते गए, लेकिन भारत की अस्मिता को पहचानने का प्रयास नहीं किया गया। अब आत्मनिर्भर व विकसित भारत की नींव को मजबूत बनाने की आधारभूत इकाई ग्राम पंचायतें, ग्राम सभाएं व कस्बे बनेंगे।

*बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का पता नहीं, महाराणा प्रताप के वंशज मंच पर बैठे हैं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभूमि चित्तौड़गढ़ को देखकर मुझे यूपी के साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय की रचना हल्दीघाटी की पंक्तियां याद आती हैं – “एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है…”। खिलजी के नाम पर भारत में आज कोई नमूना दिखाई नहीं देता। बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का अतापता नहीं है, लेकिन महाराणा प्रताप की वंशावली महाराजा साहब मंच पर उपस्थित हैं। रानी पद्मिनी की वंशावली सैकड़ों वर्ष बाद आज भी है। सनातन की मर्यादा सदैव अमर है और रहेगी। सनातन धर्म कभी पददलित नहीं होगा। हमने अनेक चुनौतियां का मुकाबला किया और करेंगे, लेकिन हमारी अमरता पर कोई अंगुली नहीं उठा सकता। मातृशक्ति का साहस अजेय था और रहेगा। स्वाभिमान की ज्वाला भी शाश्वत बनी रहेगी।

इस अवसर पर मेवाड़ के महाराणा विश्वराज सिंह, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गौतम दक, सांसद सीपी जोशी, विधायक रविंद्र सिंह भाटी, श्रीचंद कृपलानी, चंद्रभान सिंह आक्या, अर्जुन जिंगर, हमीर सिंह, दिलीप सिंह परिहार, वीरेंद्र सिंह, स्वामी निरंजन नाथ, जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष रावत नरेंद्र सिंह, महामंत्री तेजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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