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मथुरा में गो रक्षक संत चंद्रशेखर को ट्रक ने कुचला, दिल्ली मार्ग जाम

March 21, 2026

मथुरा में गो रक्षक संत चंद्रशेखर को ट्रक ने कुचला, दिल्ली मार्ग जाम

Posted on 21.03.2026 Time 12.17 PM Mathura, Koshika

आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव, तोड़फोड़

मथुरा, 21 मार्च 26, (उप्र समाचार सेवा)। तड़के ट्रक का पीछा कर रहे गो रक्षक संत चंद्रशेखर की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वे ट्रक में गोवंश होने के संदेह में उक्त वहां का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद उनके समर्थकों में दिल्ली आगरा मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस से झड़प हुई। भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ कर दी तो पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं। घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार गो रक्षक संत चंद्रशेखर को सूचना मिली कि एक ट्रक में अवैध रूप से गो वंश ले जाया जा रहा है। वे सुबह 4 बजे दिल्ली आगरा मार्ग पर पहुंच गए और ट्रक का पीछा किया। कोसीकलां के पास पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। अभी ये पता नहीं चला है कि ये दोनों ट्रक साथ साथ थे या अलग। ट्रक में गोवंश के बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

इस घटना सूचना मिलने पर सैकड़ों समर्थक मौके पर पहुंच गए और मार्ग जाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी  कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मार्ग खुलवाने की कोशिश की तो भीड़ पुलिस से भिड़ गई और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

Angry mob pelted stones at police, vandalised

Mathura, 21 March 26, (UP Samachar Sewa). In the early hours of the day, the cow protector Sant Chandrashekhar, who was chasing the truck, died in the accident. They were following the truck, suspecting it to be carrying cattle. Meanwhile, they were run over by another truck. He died on the spot. His supporters blocked the Delhi-Agra road after the accident. During this, a scuffle broke out with the police. Police fired rubber bullets as the mob vandalised police vehicles. Chief Minister Yogi Adityanath has expressed grief over the incident and demanded strict action against the culprits. According to the information, the cow protector Sant Chandrashekhar got the information that the cow lineage was being illegally carried in a truck. They reached Delhi Agra route at 4 am and chased the truck. Kosik

दिल्ली पुलिस ने यूएनआई ऑफिस सील किया, मीडियाकर्मियों से अभद्रता

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यहां समाचार एजेंसी ‘यूएनआई’ के कार्यालय को उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए सील कर दिया।

यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) ने इस कार्रवाई को ‘प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला’ बताया।

समाचार एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी महिला कर्मचारियों के साथ पुलिस दल ने धक्का-मुक्की की।

हालांकि, पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) सचिन शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया और कोई भी गलत काम नहीं हुआ, क्योंकि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने भूमि आवंटन रद्द किये जाने के फैसले को यूएनआई द्वारा चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस आदेश के बाद दिल्ली पुलिस पर्याप्त बल के साथ 9-रफी मार्ग स्थित परिसर को सील करने पहुंची।

यह मामला केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) द्वारा जारी एक आदेश से संबंधित था, जिसमें समाचार एजेंसी को परिसर खाली करने के लिए कहा गया था।

यह मामला समाचार एजेंसी को आवंटित भूमि के रद्द होने से जुड़ा है।

उच्च न्यायालय ने समाचार एजेंसी की याचिका खारिज करते हुए आवंटन रद्द करने के आदेश को बरकरार रखा।

यूएनआई ने ट्विटर पर कहा, ‘‘देश की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित समाचार एजेंसियों में से एक, यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के कार्यालय को सील किए जाने से प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।’’

यूएनआई द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में, एक महिला पुलिसकर्मी को एक महिला पत्रकार के साथ झड़प के दौरान कथित तौर पर हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो फुटेज में पत्रकार का संतुलन बिगड़ता है, जिसके बाद वह जमीन पर गिर जाती है।

वीडियो फुटेज के अनुसार, पृष्ठभूमि में एक व्यक्ति को आपत्ति जताते हुए सुना जा सकता है, ‘‘ये क्या कर रही हो मैडम, हाथ-पैर टूट जाएगा और ये क्या तरीका है।’’

एजेंसी ने आरोप लगाया गया कि कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाला गया, कई लोगों को अपना सामान लेने की अनुमति नहीं दी गई, और महिला पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस की टीम द्वारा बदसलूकी की गई।

यूएनआई के अनुसार, ‘‘दिल्ली पुलिस के कुछ जवान ड्यूटी पर नशे में थे। दो वकीलों और दिल्ली पुलिस के जवानों ने कथित तौर पर कई लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया।’’

समाचार एजेंसी के कार्यालय में चस्पा किये गए नोटिस में यह लिखा है, ‘‘दिल्ली उच्च न्यायालय के शुक्रवार के फैसले के अनुसार, भारत सरकार ने 9-रफी मार्ग, नयी दिल्ली स्थित परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है। भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति द्वारा उक्त परिसर में प्रवेश, कब्जा या उपयोग करना सख्त वर्जित है और ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

भाषा

March 20, 2026

पार्टियों को चुनावी डिजिटल विज्ञापन कराने होंगे स्वीकृत

Posted on 20.03.2026 Friday Time 06.09 PM

नई दिल्ली 20 मार्च 26, चुनावी विज्ञापन के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े नियम बनाए हैं। अब डिजिटल और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में विज्ञापन जारी करने से पहले इसे मीडिया मॉनिटरिंग कमिटी से स्वीकृत कराना पड़ेगा।

The Election Commission has made strict rules for election advertising. Advertisements in digital and electronic media will now have to be approved by the Media Monitoring Committee before they can be released.

निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों को विनियमित करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और व्यक्तियों या संगठनों को भी अपने विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले स्वीकृति लेनी होगी। स्वीकृति मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति -एमसीएमसी से लेनी होगी। यह नियम टीवी, रेडियो, सार्वजनिक प्रदर्शन स्क्रीन, ई-पेपर, बढी संख्‍या में एसएमएस, वॉइस मैसेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों पर लागू होता है। आयोग ने कहा है कि उम्मीदवार और व्यक्ति जिला एमसीएमसी में प्रमाणन के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यालय वाले राजनीतिक दलों को राज्य स्तरीय एमसीएमसी में आवेदन करना होगा। इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि संबंधित एमसीएमसी से पूर्व-प्रमाणन के बिना कोई भी राजनीतिक विज्ञापन जारी नहीं किया जाना चाहिए। इसमें राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया या वेबसाइट और सोशल मीडिया भी शामिल है। आयोग ने एमसीएमसी को मीडिया में भुगतान किए गए समाचारों के संदिग्ध मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय अपने हलफनामे में प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों का विवरण देना अनिवार्य है।

आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के भीतर निर्वाचन आयोग को इंटरनेट और सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से प्रचार पर हुए खर्च का विवरण देना होगा।

निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एक अपीलीय समिति का गठन किया है। यहां दल या उम्मीदवार एमसीएमसी द्वारा लिए गए निर्णयों को चुनौती दे सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिना पूर्व अनुमति के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन ऑनलाइन या सोशल मीडिया पर प्रकाशित नहीं किया जा सकता है। ये कदम चुनाव प्रचार में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।

सहजनवा पुलिस की तत्परता, 1 घंटे में गुमशुदा बच्ची बरामद*

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
20/03/2026

 

*सीसीटीवी व त्वरित कार्रवाई से 3 वर्षीय मासूम सकुशल परिजनों को सौंपा*

गोरखपुर। सहजनवा थाना क्षेत्र में पुलिस की मुस्तैदी से एक गुमशुदा 3 वर्षीय बच्ची को मात्र एक घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस की सराहना की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी गीडा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सहजनवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सराहनीय कार्य किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक महिला अपनी 3 वर्षीय बच्ची के साथ बाजार गई थी, जहां भीड़ के दौरान बच्ची उनसे बिछड़कर लापता हो गई। घबराई मां ने तत्काल थाना सहजनवा में सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज व अन्य माध्यमों की मदद से महज एक घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों ने सहजनवा पुलिस की प्रशंसा की है।

गढचिरौली में 11 माओवादियों का आत्मसर्मपण

मुम्बई, 20 मार्च 2026, गढ़चिरोली जिले में 11 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इनमें मंडल समिति सदस्य, क्षेत्र समिति सचिव, कमांडर और क्षेत्र समिति सदस्य के तौर पर महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले में 11 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इनमें मंडल समिति सदस्य, क्षेत्र समिति सचिव, कमांडर और क्षेत्र समिति सदस्य के तौर पर सक्रिय रहे माओवादी शामिल हैं। इन माओवादियों पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

 

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