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हत्यारोपी गिरफ्तार, अवैध सम्बन्धों में हुई थी व्यक्ति की हत्या

March 19, 2026

हत्यारोपी गिरफ्तार, अवैध सम्बन्धों में हुई थी व्यक्ति की हत्या

फिरोजाबाद। थाना टूण्डला क्षेत्र अन्तर्गत तीन दिन पूर्व युवक की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने उससे अलाकत्ल बरामद किया है।
थाना टूंडला क्षेत्र के गांव उलाऊ निवासी तेजपाल सिंह की जरौली कट के समीप चाय समोसे की दुकान पर सोते समय 15 मार्च की रात्रि में सिर पर भारी बस्तु प्रहार कर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र कौशल किशोर ने 16 मार्च को थाना टूंडला पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस घटना की जांच के साथ ही एएसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए थाना टूण्डला पुलिस एवं सर्विलांस टीम सहित 04 टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटनास्थल के आस-पास संदिग्ध रास्तों व सडक के किनारे प्रतिष्ठानो पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे आदि की फुटेज देखे गये थे एवं घटना से सम्बन्धित संदिग्ध मोबाइल नम्बरो को सर्विलांस टीम द्वारा गहनता से अध्ययन कर साक्ष्य संकलन किया गया। जांच में अभियुक्त मुकेश पुत्र मुकट सिह निवासी जलोपुरा थाना टूण्डला का नाम प्रकाश में आया।
उन्होंने बताया कि थाना टूंडला प्रभारी अनिल कुमार सिंह पुलिस टी के साथ बृहस्पतिवार को क्षेत्र में गश्त पर थे तभी सूचना पर वांछित अभियुक्त मुकेश को राजा का ताल रोड से नागऊ कच्चे रास्ते से गिरफ्तार किया है।अभियुक्त की निंशादेही पर घटना मे प्रयुक्त आलाकत्ल एक स्टील का बांका, एक लोहे का मूसल व घटना के समय पहनी एक शर्ट बरामद हुई है।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ के अभियुक्त ने बताया है कि मेरे एक महिला से अवैध सम्बन्ध थे उसी महिला के घर तेजपाल का आना जाना था जब मुझे पता चला कि उस महिला से तेजपाल के भी अवैध सम्बन्ध हैं तो मैने महिला से कहा कि तेजपाल से सम्बन्ध खत्म कर दो तो उसने मुझसे ही सम्बन्ध खत्म कर दिये और बात करना बंद कर दिया । इसी बात से चिड़कर मैंने रात्रि में अपनी दुकान पर सो रहे तेजपाल की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने हत्यारोपी को कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा है।

राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की 

Posted on 19.03.2026 Time 08.48 PM Thursday, Ayodhya 
  • श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया
  • प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया, इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात : राष्ट्रपति
  • आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही : मुख्यमंत्री
अयोध्या : 19 मार्च, 2026,  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  ने आज चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत्-2083) पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया।
राष्ट्रपति जी ने देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतवासियों और श्रीराम भक्तों को नव वर्ष तथा आगामी रामनवमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया। इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात है। ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’, अर्थात् प्रभु श्रीराम ने इस भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। इसी अयोध्या अर्थात् अवधपुरी और आसपास की लोकभाषा में सन्त तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना की थी। मानस में प्रभु श्रीराम सीता माता से कहते हैं कि ‘जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, बेद पुरान बिदित जगु जाना, अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ’, अर्थात् सबने बैकुण्ठ का बखान किया है तथा वह वेद-पुराणों में वर्णित तथा जग प्रसिद्ध है, लेकिन बैकुण्ठ भी हमें अवधपुरी जैसा प्रिय लगता है।
राष्ट्रपति जी ने प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री जी को लिखे गये अपने पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पत्र में यह भाव व्यक्त किया गया था कि सौभाग्य की बात है कि हम सब अपने राष्ट्र की पुनर्स्थापना के नये काल चक्र के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर पर अयोध्या आकर स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हूं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि हम सभी एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वर्ष 2047 या सम्भवतः उससे पूर्व ही हम विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे। 21वीं सदी में हमारे समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की परिकल्पना राम राज्य के वर्णन में प्राप्त होती है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं, ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना’, अर्थात् राम राज्य में कोई भी दुःखी, निर्धन, बुद्धिहीन और संस्कारहीन नहीं है। विगत दशक के दौरान देश के 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से उबारा गया। राम राज्य का आदर्श आर्थिक समृद्धि और समाजिक समरसता के उच्चतम मानकों को प्रस्तुत करता है। प्रभु श्रीराम का माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह-सम्बन्ध, युद्ध में कोल-भील, वानर समुदाय का सहयोग लेना, जटायु, जामवन्त आदि को सम्मान तथा स्नेह की प्रेरणा प्रदान करना जैसे अनेक प्रसंग सर्वस्व समावेशी जीवन दर्शन अपनाने का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि वर्तमान सन्दर्भ में यह सुखद है कि सामाजिक समावेश तथा आर्थिक न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव-जन्तुओं की सुरक्षा हेतु बड़े पैमाने पर तय किये गये लक्ष्यों को मूर्त रूप प्रदान किया जा रहा है। राम राज्य के आदर्शां पर चलते हुए हम सब नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे। प्रभु श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का आदर्श वाक्य है, ‘रामो विग्रहवान् धर्मः‘, अर्थात् प्रभु श्रीराम धर्म के प्रतिमान स्वरूप हैं। धर्म के व्यापक अर्थों के आधार पर निजी और सामूहिक जीवन को संचालित करके ही हम प्रभु श्रीराम की सच्ची आराधना कर सकेंगे।
प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से इस मन्दिर तथा परिसर की भव्यता बढ़ती ही जा रही है। मैं माता अन्नपूर्णा, माँ दुर्गा, प्रभु श्रीराम परिसर तथा श्रीरामलला का दर्शन कर धन्य हो गयी हूँ। प्रभु श्रीराम की असीम कृपा से आज इस पावन परिसर में पुण्य लाभ की प्राप्ति हुई है। सप्त मन्दिर में माता शबरी, निषादराज, माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र तथा महर्षि अगस्त्य की पवित्र मूर्तियों का दर्शन करने व आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। सभी देवी-देवताओं की कृपा देशवासियों पर बनी रहे, हम सब आधुनिक विश्व में राम राज्य जैसी व्यवस्था स्थापित कर सकें। हम सब जनसामान्य की भाषा में सुनते रहे हैं कि ‘मुझमें राम, तुझमें राम, हम सबमें राम समाए‘। रामभक्ति के पवित्र बन्धन में जुड़कर पुण्य के भाव के साथ हम राष्ट्र का निर्माण करें।
इस दिव्य मन्दिर में द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह प्रभु श्रीराम की असीम कृपा का प्रमाण है। यह श्रीराम यंत्र कांची कामकोटि पीठम के पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती जी द्वारा प्रदत्त है। प्रभु श्रीराम और भगवान शंकर के बीच दैवीय स्नेह के आदर्शों को उनके भक्तों ने अपनी उपासना पद्धतियों में बनाये रखा है।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि श्री रामेश्वर में शिवलिंग की स्थापना और विधिवत पूजा करने के पश्चात स्वयं प्रभु श्रीराम ने गोस्वामी तुलसीदास जी के शब्दों में कहा कि ‘सिव समान प्रिय मोहि न दूजा‘। श्रीराम यंत्र भगवान शंकर की उपासना परम्परा से जुड़े कांची कामकोटि पीठ तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के बीच प्रगाढ़ स्नेह का प्रतीक है। यह पारस्परिक स्नेह हमारी सनातन परम्परा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। यह मन्दिर परिसर कला और शिल्प की अनुपम अभिव्यक्तियों से समृद्ध है। ऐसा लगता है कि मानो स्वयं भगवान विश्वकर्मा जी ने यहाँ विद्यमान निर्माण और शिल्प से जुड़ी संस्थाओं, शिल्पकारों और श्रमिकों को कुशलता और प्रेरणा प्रदान की है। सभी श्रमिक, शिल्पकार और निर्माण संस्थाएँ सराहना की पात्र हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को भारतीय कालगणना के प्रथम दिवस पर प्रारम्भ हिन्दू नव संवत्सर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह नववर्ष सभी के जीवन में नवचेतना, नवऊर्जा और नवसंकल्प का संचार करे। यह शुभ और पावन संयोग है कि श्रीराम मन्दिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो रही तथा हिन्दू नववर्ष का प्रथम प्रभात उदित हो रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने ‘रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः’ श्लोक से अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही है। अब हम अयोध्या के बारे में वह बातें कह सकते हैं, जिन्हें प्रभु श्रीराम ने स्वयं कहा था कि ‘अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ, जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिसि बह सरजू पावनि’। सरयू माता इस अयोध्या धाम को अपने निर्मल जल से पवित्र करते हुए पूरे क्षेत्र को आलोकित कर रहीं हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, श्रीराम दरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण तथा आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्य प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को आनन्द से परिपूर्ण कर देता है।
भारत की आस्था अनेक प्रकार के संघर्षों व विप्लवों को झेलने के बाद भी 500 वर्षों तक निरन्तर बनी रही। शासन चाहे जिसका रहा हो, संघर्ष हमेशा जारी रहा। परिणामस्वरूप 500 वर्षों की प्रतीक्षा के उपरान्त श्रीरामलला अयोध्या धाम में अपने मन्दिर में विराजमान हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर भव्य मन्दिर मात्र नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्र मन्दिर का प्रतीक बन चुका है। आज रामराज्य की अवधारणा साकार होती हुई दिखायी दे रही है। ‘राम राज बैठें त्रैलोका, हरषित भए गए सब सोका, बयरु न कर काहू सन कोई, राम प्रताप बिषमता खोई। बरनाश्रम निज निज धरम, निरत बेद पथ लोग, चलहिं सदा पावहिं सुखहि, नहिं भय सोक न रोग’।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में दुनिया में अनेक जगह युद्ध चल रहे हैं। भय, अव्यवस्था व आर्थिक अराजकता है। हम भारत के अयोध्याधाम में भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के सान्निध्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना के कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। हमारे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता तथा लोगों की आस्था ने भारत को सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ बनाये रखा है। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम से जुड़कर न केवल उत्तर प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया का प्रत्येक धर्मावलम्बी गौरव की अनुभूति कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आध्यात्मिक तथा धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आए हैं। दुनिया के किसी भी देश की इतनी आबादी नहीं है। यह नया तथा बदलता हुआ भारत है। वर्तमान पीढ़ी सही दिशा में जा रही है। आज युवा नया वर्ष मनाने के लिए मन्दिरों में जाता है। यही उसके संस्कार हैं। यहाँ जो बात अम्मा जी ने कही है, वह नये भारत में अक्षरशः देखने को मिल रही है।

इस अवसर पर विदुषी माता अमृतानन्दमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि तथा सन्तगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

किशोरियों को ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में इनिशिएटिव फाउंडेशन का बड़ा कदम!

लखनऊ, 19 मार्च 2026, इनिशिएटिव फाउंडेशन द्वारा गर्ल्स कम्युनिटी लीडर्स के लिए मानवाधिकार एवं विकास में जेंडर की भूमिका विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण (18-19 मार्च 2026) कार्यक्रम का आयोजन बुद्धेश्वर, लखनऊ में किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 30 किशोरियों ने सहभागिता की।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था, ताकि वे अपने परिवार और समुदाय में सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान मानवाधिकार विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षक प्रवेश वर्मा द्वारा किया गया, जबकि जेंडर इन डेवलपमेंट विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षिका वर्षा जी द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को मानवाधिकार की मूल अवधारणाओं, लैंगिक समानता, सामाजिक संरचनाओं में महिलाओं की भूमिका तथा विकास प्रक्रिया में जेंडर के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
सत्रों में सहभागितापूर्ण गतिविधियों, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किशोरियों को सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किशोरियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की सक्रिय नेतृत्वकर्ता बन सकती हैं।
इनिशिएटिव फाउंडेशन के निदेशक ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि किशोरियों को ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है, जो अपने समुदाय में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकें।
यह पहल किशोरियों को ‘बेनिफिशियरी’ से ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोग्राम कोआर्डिनेटर,कम्युनिटी मोबिलाइज़र, टीम सदस्यों एवं वॉलंटियर्स का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिनके प्रयासों से प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।
यह कार्यक्रम किशोरियों में सशक्त नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और लैंगिक समानता की समझ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सिलिंडर नहीं मिला तो  दो बच्चों और पति को छोड़ मायके चली गयी पत्नी

मैनपुरी। गैस सिलिंडर की लगातार समस्या अब घरों में विवाद का कारण बन रही है। ऐसे ही एक मामले में सिलिंडर नहीं मिलने से नाराज होकर एक महिला बच्चों और पति को छोड़कर मायके चली गई। यह घटना मैनपुरी जिले के बेवर कस्बा के जीटी सड़क निवासी शिव शंकर अग्रवाल के परिवार में हुई है।
     शिव शंकर अग्रवाल एक स्थानीय गैस एजेंसी के कनेक्शन धारक हैं। उन्होंने बताया कि उनका गैस सिलिंडर 12 मार्च को समाप्त हो गया था। वे अगले दिन यानी 13 मार्च को एजेंसी पर सिलिंडर लेने गए। जब उन्होंने गैस बुकिंग की, तो मोबाइल पर एक संदेश आया। संदेश में लिखा था कि उनकी पर्ची 2 मार्च को निकल चुकी है। शिव शंकर ने एजेंसी संचालक से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2 मार्च को न तो बुकिंग की थी और न ही सिलिंडर लिया था। फिर भी सिलिंडर कैसे और किसे दे दिया गया, यह सवाल उन्होंने उठाया।
पत्नी की नाराजगी और मायके जाना
    शिव शंकर ने यह पूरी बात अपनी पत्नी रचना अग्रवाल को बताई। रचना ने साफ कहा कि वह कुछ नहीं जानती और किसी भी तरह सिलिंडर लेकर आए। घर में खाना बनाने की समस्या के चलते पत्नी ने दो तीन दिन चूल्हे पर खाना बनाया। इसके बाद उनकी नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया। रचना अपने दो जुड़वां बच्चों और पति को छोड़कर अपने मायके सौरिख चली गईं।
गैस एजेंसी पर लापरवाही के आरोप
       शिव शंकर अग्रवाल ने गैस एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर कैसे जारी किया गया। यह एजेंसी की आंतरिक गड़बड़ी या किसी और को गलत तरीके से सिलिंडर देने का मामला हो सकता है। इस प्रकार की अनियमितता से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलिंडर की उपलब्धता में पारदर्शिता की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है।

March 18, 2026

बार एसोसिएशन में मनाया गया रोजा इफ्तार

Post on 18.3.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
बुधवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी की ओर से रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस दौरान बार के सदस्यों ने रोजा इफ्तार कराया और गले मिलकर मुबारकबाद दी।
कचहरी परिसर में एसपी गुप्ता सभा भवन में रोजा इफ्तार पार्टी
का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद व शहर इमाम मुफ्ती फहद, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर, पूर्व सांसद एसटी हसन समेत लोग रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन में बार सदस्यों ने साथियों को इफ्तार कराया। साथ एक दूसरे को मुबारकबाद दी।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता व महासचिव कपिल गुप्ता के अलावा बार कोषाध्यक्ष अजय बंसल, संयुक्त सचिव आवरण अग्रवाल,वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजार हुसैन के अतिरिक्त पूर्व बार महासचिव राकेश वशिष्ठ व अभिषेक भटनागर, जितेंद्र खंडेलवाल,पूर्व अध्यक्ष आदेश श्रीवास्तव, त्रिलोक चन्द्र दिवाकर,आशु त्यागी, राजीव चौधरी, अमान खां,नवाज़ इंतेज़ार,आसिफ अतीक,वसीम, फरहद अली, सालिम, अनीस आदि रहे।

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