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रूस की कंपनी के साथ भारत का एयर और मिसाइल डिफेंस समझौता

March 27, 2026

रूस की कंपनी के साथ भारत का एयर और मिसाइल डिफेंस समझौता

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नई दिल्ली 27 मार्च 26, रक्षा मंत्रालय ने आज तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और पी-8 आई दीर्घ-श्रेणी समुद्री टोही विमान के निरीक्षण के लिए आठ सौ 58 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।

मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना के लिए 445 करोड़ रुपये की तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की खरीद का अनुबंध रूस की जे.एस.सी. रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किया गया। मंत्रालय ने कहा कि ये अत्याधुनिक मिसाइलें ड्रोन और क्रूज मिसाइलों सहित हवाई खतरों के खिलाफ देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता बढ़ाएंगी। यह समझौता भारत-रूस रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करेगा।

इसी बीच, बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ भारतीय नौसेना के लिए भारत के लिए खरीद यानि बाय इंडिया श्रेणी के अंतर्गत 100 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री वाले पी-8 आई दीर्घ-श्रेणी समुद्री टोही विमान के निरीक्षण का अनुबंध किया गया। इसकी कीमत 413 करोड़ रुपये है। यह अनुबंध देश में स्थित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल सुविधा में पी-8 आई बेड़े के डिपो स्तर के रखरखाव को सुनिश्चित करेगा, जो आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

बालेंद्र शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बने

Posted on 27.03.2026 Time 07.58 PM, Kathmandu, Nepal News, UP News Portal

काठमांडू, 27 मार्च 26, नेपाल में, आज बालेंद्र शाह ने नए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। काठमांडू के शीतल निवास में राष्‍ट्रपति राम चन्‍द्र पौडेल ने उन्‍हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ मंत्रिमंडल के नए सदस्‍यों ने भी शपथ ली।

मंत्रिमंडल के सदस्‍यों को उनके विभाग भी सौंप दिये गये हैं। गृह मंत्रालय सूदन गुरुंग को दिया  गया है। स्वर्णिम वागले को वित्त मंत्री बनाया गया है। बिक्रम तिमिल्सिना को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया है। श्री शिशिर खनाल विदेश मंत्री बने है।

खड़का राज पौडेल को संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री नियुक्त किया गया है। दीपक साह को श्रम और रोजगार मंत्रालय दिया गया है। बिराज भक्त श्रेष्ठ ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय का कार्यभार देखेंगे।

गीता चौधरी को कृषि और पशुधन विकास तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री नियुक्त किया गया। सस्मित पोखरेल को शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा खेल मंत्री बनाया गया है।

Kathmandu, 27 March 26, In Nepal, today, Balendra Shah was sworn in as the new Prime Minister. He was administered the oath of office and secrecy by President Ram Chandra Paudel at the Shital Niwas in Kathmandu. Along with him, new members of the cabinet were also sworn in. Cabinet members have also been given their portfolios. The Home Ministry has been given to Sudan Gurung. Swarnim Wagle has been made the Finance Minister. Bikram Timilsina has been made Minister of Communications and Information Technology. Mr. Shishir Khanal has become the Foreign Minister. Khadka Raj Poudel has been appointed Minister of Culture, Tourism and Civil Aviation. Deepak Sah has been given the Ministry of Labour and Employment. Biraj Bhakta Shrestha will take charge of the Ministry of Energy, Water Resources and Irrigation. Geeta Choudhary was appointed Minister of Agriculture and Livestock Development and Minister of Forests and Environment.

काठमाडौँ, मार्च 27: बालेन्द्र शाहले आज नेपालमा नयाँ प्रधानमन्त्रीको शपथ लिएका छन्। काठमाडौँको शीतल निवासमा राष्ट्रपति रामचन्द्र पोडलले उनलाई पद र गोपनीयताको शपथ दिलाए। मन्त्रीमण्डलका नयाँ सदस्यहरूले पनि उनीसँगै शपथ लिएका थिए। मन्त्रीमण्डलका सदस्यहरूलाई पनि आफ्नो विभाग हस्तान्तरण गरिएको छ। सुदान गुरुंगलाई गृह मन्त्रालय दिइएको छ। स्वर्णम वागललाई अर्थमन्त्री बनाइएको छ। बिक्रम तिमिलसिनालाई सञ्चार र सूचना प्रविधि मन्त्री बनाइएको छ। श्री सिहर खानल विदेश मन्त्री बनेका छन्। खडका राज पोडललाई संस्कृति, पर्यटन र नागरिक उड्डयन मन्त्री नियुक्त गरिएको छ। दीपक साहलाई श्रम र रोजगार मन्त्रालय दिइएको छ। बिराज भक्तहरूले उत्कृष्ट ऊर्जा, जल स्रोत र सिँचाइ मन्त्रालयको कार्यभार देख्नेछन्। गीता चौधरीलाई कृषि तथा पशुधन विकास तथा वन तथा वातावरण मन्त्री नियुक्त गरिएको थियो।

 

ऊर्जा संकट का समाधान देने वाले वैज्ञानिक की जन्मभूमि है सीतापुर

Posted on 27.03.2026, Time 06.12 PM Saturday, Sitapur Report by Alok Kumar Vajpayee

सीतापुर की धरती का गौरव: आज की ऊर्जा चुनौती का समाधान दशकों पहले दे चुके थे डॉ. राम बख्श सिंह

सीतापुर 27 March 26,  (यूपीएसएस)। जनपद के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि जिस बायोगैस (गोबर गैस) समाधान को आज सरकारें ऊर्जा संकट के विकल्प के रूप में अपनाने की दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही हैं, उसी दिशा में दशकों पूर्व सीतापुर की जन्मभूमि से जुड़े विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉ. राम बख्श सिंह ने मार्ग प्रशस्त किया था।
वर्तमान समय में, जब पारंपरिक ईंधन (जैसे LPG एवं पेट्रोलियम उत्पादों) पर निर्भरता के कारण आपूर्ति एवं मूल्य से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोबर गैस संयंत्रों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। यह पहल इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि डॉ. राम बख्श सिंह की वैज्ञानिक सोच कितनी दूरदर्शी और समय से आगे थी।
डॉ. राम बख्श सिंह ने वर्ष 1957 में सीतापुर में भारत का पहला सफल गोबर गैस संयंत्र स्थापित कर ग्रामीण ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई दिशा दी। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि विश्व के 15 से अधिक देशों में बायोगैस तकनीक के विकास और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगभग 40 वर्षों तक उनके निरंतर शोध, नवाचार और कार्यों ने बायोगैस को एक व्यवहारिक एवं टिकाऊ ऊर्जा समाधान के रूप में स्थापित किया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 के दशक के वैश्विक ऊर्जा संकट के समय भी डॉ. राम बख्श सिंह ने बायोगैस को एक स्वदेशी, स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया था। आज, जब विश्व पुनः ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनका वही दृष्टिकोण पुनः अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध हो रहा है।
यह सीतापुर जनपद के लिए गर्व का विषय है कि इस भूमि ने ऐसे वैज्ञानिक को जन्म दिया, जिनकी सोच आज भी राष्ट्रीय नीतियों और ऊर्जा समाधानों को दिशा दे रही है।
आवश्यक है कि इस अवसर पर डॉ. राम बख्श सिंह के योगदान को व्यापक स्तर पर जनसामान्य तक पहुँचाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकें।।

Sitapur 27 March 26, (UPSS). It is a matter of great pride for the district Sitapur that the biogas (cow dung gas) solution, which today governments are working on a mission mode towards adopting as an alternative to the energy crisis, was paved the way decades ago by the world-renowned scientist late Dr. Ram Baksh Singh associated with the birthplace of Sitapur.

बम की धमकी से मुरादाबाद में हड़कंप, तत्काल पुलिस सक्रिय

“पासपोर्ट दफ्तर में दस बम, दो बजे होगा विस्फोट”

मुरादाबाद में मुख्य डाकघर, पासपोर्ट कार्यालय पूरे परिसर को खंगाला, खाली कराया कार्यालय, निकलीं अफवाह

-मेल से हड़कंप,पुलिस ने डाँग व बम स्क्वायड संग पहुंचीं

-संदिग्ध वस्तु न मिलने से राहत, विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर पुलिस लौटीं
-धमकीं से दहशत, पुलिस
अलर्ट, परिसर में बढ़ी चौकसी

Post on 27.3.26
Friday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
‘पासपोर्ट कार्यालय में दस बम, 2 बजे होगा विस्फोट’।
शुक्रवार को चंद लाइनों के मेल ने डाकघर व पासपोर्ट विभाग की नींद उड़ गई। धमकीं का मेल डाक मुख्यालय को मिला तो सभी जिलों में अलर्टनेस के निर्देश जारी हो गए।

बम की धमकीं का मेल की सूचना से मुरादाबाद में भी हड़कंप मच गया। चौकस हुईं पुलिस ने जेल रोड पर मुख्य डाकघर, पासपोर्ट और केंद्र के हाँस्पटिल समेत पूरे परिसर में कोना कोना तलाशा। हालांकि संदिग्ध वस्तु न मिलने से पुलिस, विभाग ने भी राहत की सांस ली।
शुक्रवार को रामनवमी पर्व पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने देश-भर में पासपोर्ट कार्यालय उड़ाने की धमकी दे डाली।इससे पासपोर्ट, डाक विभाग को अलर्ट कर सुरक्षा का संदेश भेजा।

मुरादाबाद में डाक व पासपोर्ट के अफसरों को जानकारी दी। दोपहर एक बजे मुख्य डाकघर पुलिस फोर्स पहुंच गई।सिविल लाइंस प्रभारी मनीष सक्सेना व फोर्स संग डाँग व बम निरोधक दस्ते की टीम पहुंच गई। पुलिस ने कार्यालयों में काम कर रहे कर्मचारियों और अन्य लोगों को बाहर खड़ा कर पूरे परिसर को सघनता से तलाशी ली गई। डाँग व बम स्क्वायड और पुलिस बिल्डिंग परिसर में स्थित पासपोर्ट, मुख्य डाकघर,पार्किंग, सरकारी हाँस्पिटल समेत पूरे परिसर में कोने कोने में पहुंची और तलाशी ली। पुलिस ने बिल्डिंग की छत पर भी टंकी की भी तलाशी ली। हालांकि इस दौरान पुलिस को संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चला। इससे विभाग व पुलिस ने राहत की सांस ली। और आवश्यक निर्देश देकर लौट गई।
तलाशी के दौरान डाक विभाग के पोस्ट मास्टर प्रभारी अरुण मोहन सांख्यधर व अधिकारी रहें।

मुख्यालय से पासपोर्ट कार्यालय आदि को बम से उड़ाने की धमकीं के चलते पुलिस को सूचना दी गई। मुरादाबाद में हेड पोस्ट आफिस में पासपोर्ट व अन्य कार्यालय होने से सुरक्षा के उपाय किए गए।
पुलिस,डाँग-बम निरोधक दस्ते ने परिसर की तलाशी लीं। बम की सूचना निराधार रहीं। संवेदनशील डाकघर में पार्सल, पासपोर्ट आदि होने से सुरक्षा के लिए सीसी कैमरे लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।

विनय कुमार डिप्टी एस एस मुरादाबाद।

*धमकीं में यह था संदेश*—
मेल में पासपोर्ट कर्मियों व आवेदकों की सुरक्षा के लिए तत्काल पुलिस की मदद लेने के निर्देश दिए गए। मेल में दो बजे का समय होने से पासपोर्ट और मुख्य डाकघर कार्यालय में हलचल मच गई। मुरादाबाद में मुख्य डाकघर में ही पासपोर्ट, सरकारी चिकित्सालय समेत अन्य कार्यालय होने से सनसनी मच गई। सूचना पर पहुंची सिविल लाइंस पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने पूरे परिसर को खाली कराकर तलाशी अभियान चलाया।

March 26, 2026

केएम विश्वविद्यालय में भव्य शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में गायिका सुनंदा ने बांधा समां

ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर हो जाता है तरोताजा

कुलसचिव ने प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका के जीवन चरित्र से कराया छात्र-छात्राओं को अवगत

मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में आज दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर भव्य शास्त्रीय संगीत की सुरमयी महफिल सजी। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवी सिंह भारतीय शास्त्रीय गायन की दिग्गज और पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा, विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे ने संयुक्त रूप से ज्ञान व संगीत की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट के पास स्थित गांव दाह के शांत वातावरण में उनका जन्म हुआ और पांच वर्ष की आयु में अपने पिता पंडित सुदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत का प्रशिक्षण शुरू किया। संगीत में स्नातक करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय से भारतीय शास्त्रीय गायन में स्वर्ण पदक के साथ मास्टर की उपाधि प्राप्त की। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में उनकी प्रतिभा को देखकर पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी ने उन्हें शिष्या के रूप में स्वीकार की और उन्हें पंडित किशन महाराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सुनंदा शर्माजी नौ वर्षों तक बनारस और कोलकाता में अपनी गुरु के साथ रहीं और संगीत की उन बारीकियों को आत्मसात किया जो आज उनके गायन की पहचान बन चुकी है। हालाँकि उनकी मुख्य विशेषज्ञता ’ख्याल’, ’टप्पा’, ’ठुमरी’, ’दादरा’ और ’चैती’ गायन में है, लेकिन उन्होंने पंजाब और हिमाचल की लोक-परंपराओं, भक्ति संगीत और विभिन्न संस्कृतियों के मेल से बनी संगीत-शैलियों को भी अपनाया है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में अपनी प्रस्तुतियाँ दी हैं, जिनमें ’तानसेन संगीत सम्मेलन’, ’सप्तक महोत्सव’, ’ठुमरी महोत्सव’ और ’स्पिक मैके’ के कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने लंदन, पेरिस, ब्रसेल्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देशों के अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
गायिका के जीवन वक्तत्व को सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुनंदा शर्माजी ने सभागार में मौजूद सभी को नमस्कार करके संबोधन किया, उन्होंने कहा गुरु गिरिजा देवी के साथ रहना केवल संगीत सीखना ही नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने का एक सलीका सीखना था, उन्होंने संगीत के हर सुर में अनुशासन के साथ-साथ भाव भी होना चाहिए, उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा शिक्षा हो या किसी भी मैदान में ध्यान होना अहम बात है, ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर भी ताजा हो जाता है, उन्हीं में से एक क्षण संगीत सुनना भी है। आपकी शिक्षा यात्रा में जिम्मेदारी है, जिसमें ड्रिप्रेशन होना संभव है, जिसे संगीत दूर कर सकता है, संगीत ईश्वर की देन है। प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा ने स्वर विस्तार और तानों की सधी हुई प्रस्तुती देते हुए देशी राग, भजन में पायो जी मैंने (राम भजन) और रघुपति राघव राजा राम….’ के भजनों का रसापान कराया। राग में श्रृंगार और विरह के भावों का सुंदर संगम देखने को मिला। गायिका ने राग की प्रकृति के अनुरूप भावों का संतुलित संप्रेषण किया, जिस पर सभागार तालियों से गूंज उठा। सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुती से श्रोताओं को मंत्रमग्ध कर दिया और भक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया। हारमोनियम पर पंडित सुमित मिश्रा, तबले पर पंडित गोपाल मिश्रा की संगत ने प्रस्तुति को सशक्त आधार दिया। कार्यक्रम के अंत में केएम विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव ने प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा को सम्मानित किया और उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए। विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने का यह प्रयास है, ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति की कालजयी विरासत के और करीब लाने का प्रयास है, ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय में भविष्य में भी होते रहेंगे, जिससे छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति को जान सकें। इस दौरान कार्यक्रम में ’स्पिक मैके’ की शैफाली मल्हौत्रा, केएम पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश, एसोसिएट डीन डा. पीताम्बर सिंह, प्रोफेसर डा. अशोक कुमार, खेल निदेशक आरके शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल सहित विवि के सभी संकायों के डीन-प्रोफेसरों सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

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