Shahjahanpur : : UP News | UP Web News | Page 6

Web News

www.upwebnews.com

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के चौथे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

February 24, 2026

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के चौथे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

Kamlesh D Patel DADA ji RC Mission

शांति, श्रद्धा और साधना का संगम
देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के चौथे चरण का आज शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा, मानो प्रकृति स्वयं इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की साक्षी बन गई हो।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि ज्ञानी लोग हमेेशा सेे एक ऐसी बात जानतेे हैंं जिसेे उत्पाादकताा विशेेषज्ञ अक्सर अनदेेखा कर देेतेे हैंं। आप सोच-विचार कर
जड़ता सेे बाहर नहींं निकल सकतेे। इससेे बाहर निकलनेे केे लिए आपको
गतिमान होना होगा। गति का नााटकीय होना ज़रूरी नहींं हैै बस उसका वास्तविक
होना ज़रूरी हैै। बाबूूजी नेे एक बार कहा था कि लोग कोशिश करतेे हैंं लेेकिन प्रयास नहींं करतेे।कोशिश’ करनेे मेंं अपनेे आप मेंं असफल होनेे की अनुुमति छिपी होती हैै। यह एक पैैर सुुरक्षित ज़मीन पर टिकाए रखता हैै। ‘प्रयाास’ पूूरी तरह सेे अलग बात हैै। यह पूूरेे अस्तित्व
को एक ही दिशा मेंं समेेट देेता हैै।
लेेकिन आप तब क्या करतेे हैंं जब पूूरी दूरीू तय करना असंंभव लगता हैै?
आपको पूूरी दूरी को जीतनेे की ज़रूरत नहींं हैै। आपको केेवल पहला कदम उठानेे की ज़रूरत हैै। एक बार जब क्रियाा शुुरू हो जाती हैै, तो इच्छााशक्ति सेे भी बड़ी एक शक्ति कार्ययभार संंभााल लेेती हैै। उस अधूूरी सैैर को छोड़नाा उसेे शुुरू करनेे सेे कहींं ज़्यादा मुश्किल हो जाता हैै जितना उसेे शुुरू करना।बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।
सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,दीपक कुमार, सलोनी गुप्ता, सहजा, प्रतिमा राजपूत, अजय चौधरी,डॉ.अनुराधा अग्रवाल, खुशी, नीलम सेठ, अनुष्का सिंंह, राजा गोपाल, मनोहरी, जिज्ञासु, कर्णिका सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

दाजी और स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के बीच आत्मीय भेंट
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में इन दिनों बीस दिवसीय आध्यात्मिक महाकुंभ का आयोजन अपनी पूर्ण आभा के साथ प्रवाहित हो रहा है। देश–विदेश से आए हजारों साधक बसंत उत्सव के माध्यम से साधना, सेवा और शांति के त्रिवेणी संगम का अनुभव कर रहे हैं।
इसी पावन अवसर पर आज सायंकाल पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे और रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष तथा हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी पटेल (दाजी) से आत्मीय भेंट की।
स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने दाजी का कुशलक्षेम जानकर शाहजहांपुर की पुण्यधरा पर उनका हार्दिक स्वागत किया, वहीं दाजी ने स्वामी जी को ध्यान-साधना के लिए आमंत्रित कर इस मिलन को आध्यात्मिक ऊँचाइयों से जोड़ दिया। यह भेंट केवल औपचारिक नहीं, बल्कि विचार, चेतना और साधना के संवाद की सजीव अभिव्यक्ति बन गई।
मुलाकात के दौरान माधो गोपाल अग्रवाल, डॉ. अवनीश मिश्रा, अशोक अग्रवाल, सुयश सिन्हा, राम निवास गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

February 21, 2026

तीन दिनों के प्रवास के बाद…वापस हुए…कोविंद


( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर– पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां श्री रामचन्द्र मिशन आश्रम में चल रहे बसन्त उत्सव में शामिल होने गत मंगलवार को रामचन्द्र मिशन आश्रम पहुंचे थे। ध्यान साधना में तीन दिनों तक लीन रहने के बाद वह आज अपरान्ह वापस चले गये। गुरुदेव कमलेश डी पटेल दाजी पूरी आत्मिकता के साथ विदा किया।

February 20, 2026

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के तीसरे चरण का आध्यात्मिक उद्घोष

शांति, श्रद्धा और साधना का संगम

देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम
( संजीव गुप्त द्वारा )
शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के तीसरे चरण का आज शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने संदेश में कहा कि आध्यात्मिक मार्ग पर अहंकार सबसे सूक्ष्म अवरोध है,क्योंंकि वह स्वयंं को मार्ग के रूप मेंं ही प्रस्तुत कर देता है। जिस साधक ने वर्षोंं की साधना संंचित की हो शास्त्रोंं का अध्ययन किया हो समुदाय का सम्मान प्राप्त किया हो और जो समर्पप तथा विनम्रता पर धारा प्रवाह बोल सकता हो वही साधक अहंंकार की कुटिल चालोंं के प्रति सबसे अधिक असुरक्षित होता है। ये उपलब्धियाँँ अपने आप मेंं झूठू नहींं हैंं संकट तब उत्पन्न होता है जब इनका संंचय एक पहचान बन जाता है और पहचान चाहे वह कितनी ही आध्यात्मिक आवरण मेंं क्योंं न सुसज्जित हो अंंततः अहंंकार ही है।बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।इस दौरान दाजी ने लालाजी महाराज और बाबूजी महाराज की प्रतिमाओं को अभ्यासियों को वितरित किया।
सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।
आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, सर्वेश चंद्रा, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, माधो गोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, हर्षवर्धन अग्रवाल, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,शुभम सक्सेना, जोन प्रभारी सौमेंद्र त्यागी, माया सिंह, बबिता यादव,बेबी राज, कुमार अभय,देवतोष श्रीवास्तव,सहित अनेक साधकों का योगदान रहा।

February 19, 2026

टीबीमुक्त पंचायत को लेकर बैठक संपन्न

=10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण

फोटो:

शाहजहांपुर।
प्रधानमंत्री के टीबीमुक्त भारत के लक्ष्य एवं प्रदेश सरकार के दिशा निर्देश पर जनपद में टीबी क्लीनिक द्वारा निरंतर क्षय रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सीएमओ आफिस सभागार में टीबी मुक्त पंचायत को लेकर एडीओ पंचायत व एमआईसी
के साथ एक बैठक आयोजित की गई। सीएमओ डा.विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक में टीबी मुक्त पंचायत के विजन पर कार्य करने के लिए मंथन किया गया। सीएमओ ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी मरीजों के लिए जांच, इलाज और अन्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाया गया है। टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत” मुख्य रूप से जन भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में पहल है। इस कार्यक्रम से ग्रामीण समुदाय को टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे बीमारी को खत्म करने की दिशा में सामूहिक प्रयास हो रहे हैं। इस दौरान डीटीओ ओमेन्द्र राठौर, सिध्दार्थ, आरती सिंह आदि मौजूद रहे। वही टीबी मुक्त कार्यक्रम के अंतर्गत विहास डेवलपमेंट सोसायटी की ओर से 10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण सीएमओ द्वारा किया गया।

बाबूजी की कुटिया अभ्यासियों के लिए बनी आकर्षण का केंद्र


श्री रामचंद्र मिशन आश्रम में तैयार की गई है बाबूजी महाराज की कुटिया
– चित्र प्रदर्शनी देखकर अभिभूत हो रहे हैं बाबूजी के अनुयाई
– ( संजीव गुप्त द्वारा )
#शाहजहांपुर का श्री रामचंद्र मिशन आश्रम इन दिनों स्वर्ण जयंती समारोह मना रहा है। बसंत उत्सव नाम से आयोजित भव्य और दिव्य उत्सव गुरु के चरणों में समर्पित है। देश-विदेश से जुटने वाले हजारों अभ्यासियों पर अध्यात्म का रंग पूरी तरह से चढ़ चुका है। हर ओर उल्लास ही उल्लास दिखाई दे रहा है।
#अध्यात्म के रंग में सराबोर अभ्यासी आश्रम परिसर में इधर-उधर आपस में एक दूसरे का परिचय प्राप्त करते और फोटो खिंचवाते देखे जा सकते हैं। वही सुबह शाम की ध्यान साधना से इतर पूरे दिन लोग कभी गुरु महाराज की समाधि के समक्ष या फूलों से खिलखिलाते पार्कों में ध्यान में लीन दिखाई दे रहे हैं। यूं तो आश्रम परिसर को तमाम प्रकार से सुसज्जित किया गया है। नए-नए भवन भी तैयार किए गए हैं, जिससे दूर दराज से आने वाले साधकों को कोई असुविधा न हो और वह आराम से अपना समय व्यतीत कर सकें, खान-पान के साथ ही स्वरुचि जलपान या भोजन के लिए बृहद रूप से कैंटीन भी सेवा में खोली गई है, जहां तमाम प्रकार के फास्ट फूड से लेकर अन्य लजीज व्यंजन और पकवान सहज उपलब्ध हो रहे हैं।
#चूंकि बाबूजी महाराज का आवास केरूगंज स्थित मोहल्ला दीवान जोगराज में एक पतली गली में स्थित है, जहां सभी अनुयाई नहीं पहुंच सकते हैं, इसलिए मिशन आश्रम में ही बाबूजी की कुटिया तैयार कराई गई है। इस कुटिया की विशेषता यह है कि जिस तरीके से बाबूजी अपने घर पर कक्ष में रहते थे, हूबहू उसी प्रकार की कुटिया आश्रम में निर्मित की गई है। कुटिया में बाबूजी की दिव्य कांस्य प्रतिमा भी रखी गई है। कुटिया के बाहर वैसा ही फर्श तैयार कराया गया है, जैसा कि उनके आवास पर था। इस कुटिया में कभी उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुएं भी अभ्यासियों के दर्शनार्थ रखी गई हैं, जिसमें कुर्सी, चौकी, लालटेन, बाबू जी की छड़ी, छतरी, चप्पल, चारपाई यहां तक कि वह रिक्शा भी कुटिया के बाहर खड़ा किया गया है, जिस पर बैठकर बाबूजी आश्रम से अपने आवास और अपने आवास से आश्रम तक का सफर तय किया करते थे।
#उसके पड़ोस में ही एक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है जो एक बड़े से कक्ष में स्थापित है। बाबूजी के चित्रों को देखने के लिए सैकड़ो अनुयाई कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कमरे के एक दरवाजे से प्रवेश करते हुए और चित्रों को निहारत हुए अभ्यासी अभिभूत हो रहे हैं। साथ ही फोटोग्राफी और सेल्फी का भी दौर खूब चल रहा है। वहीं स्थाई ध्यान साधना के आकर्षक भवन के इर्द-गिर्द भी बाबूजी महाराज के बड़े-बड़े चित्र लगाए गए हैं। फूलों से सुगंधित आश्रम में दुर्लभ फूलों की प्रजातियां और पेड़ पौधे देखने के लिए भी खास खर्च किया गया है। व्यवस्थाएं अभ्यासी ही अपने आप संभाले हुए हैं।
#सबसे खास बात यह भी है कि 20 दिन तक यानि दो मार्च तक चलने वाले इस भव्य महाकुंभ में प्रतिदिन 5000 से 6000 श्रद्धालु या जिन्हें अनुयाई कह सकते है आते रहते हैं, लेकिन उनको व्यवस्थित करने के लिए किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। शांतिपूर्ण माहौल में सभी ध्यान साधना में डूबे हुए हैं। गुरु महाराज की समाधि के इर्द-गिर्द लोग पहुंचकर अपने आप को धन्य समझ रहे हैं। रंग-बिरंगे फूलों से समाधि को सुसज्जित किया गया है। आश्रम इस समय एक पर्यटन स्थल के रूप में दिखाई दे रहा है। हजारों की संख्या में लोग आपस में बतियाते तो देखे जा सकते हैं, लेकिन किसी प्रकार का शोर सुनाई नहीं दे रहा है। वातावरण पूरा शांत पूर्ण ढंग से दिखाई दे रहा है।

#किसी को कुछ बताया नहीं जा रहा है। सभी लोग अपने-अपने समय पर भोजन के लिए पहुंच जाते हैं, जलपान के लिए पहुंच जाते हैं और ध्यान साधना से ठीक एक घंटे पहले से लोग अपने आप धीरे-धीरे करके अस्थाई रूप से तैयार किए गए ध्यान साधना पंडाल में अपना स्थान ग्रहण कर लेते हैं। विशाल पंडाल में लगभग 5000 के आसपास अभ्यासी बैठ जाते हैं। सुविधा के लिए लगभग 4000 कुर्सियां और 1000 लोगों के जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई है। सबसे पहले श्री रामचंद्र मिशन आश्रम के अध्यक्ष गुरुदेव कमलेश डी पटेल जिन्हें दाजी के नाम से जाना जाता है वह अभ्यासियों का मार्गदर्शन करते हैं। उसके बाद में सभी गुरुदेव के साथ ही ध्यान साधना में डूब जाते हैं।

« Newer PostsOlder Posts »