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वर्ष प्रतिपदा उत्सव पर संघ ने लिया पंच परिवर्तन का संकल्प

March 19, 2026

वर्ष प्रतिपदा उत्सव पर संघ ने लिया पंच परिवर्तन का संकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरिगढ़ विभाग सह प्रचार प्रमुख राजनारायण सिंह
हाथरस। वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने समाज निर्माण और राष्ट्र उत्थान के लिए पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरिगढ़ विभाग सह प्रचार प्रमुख राजनारायण सिंह ने कहा कि संघ ने बिना किसी ऊंच-नीच, जाति-पांति और द्वेषभाव के समाज को संगठित करने का कार्य किया है। यही कारण है कि संघ के कार्यों की देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी सराहना हो रही है। उन्होंने नवसंवत्सर 2083 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन अत्यंत पावन है और सभी को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।कार्यक्रम का शुभारंभ संघ संस्थापक केशवराव बलिराम हेडगेवार को प्रणाम कर किया गया। वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 1925 में स्थापित संघ आज एक विशाल स्वरूप ले चुका है और समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।उन्होंने कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते हुए कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तन पर कार्य कर रहा है, जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी एवं व्यवसायी देवेंद्र वार्ष्णेय ने की, जबकि संचालन नगर कार्यवाह भानु द्वारा किया गया।इस अवसर पर जिला प्रचारक जयकिशोर , नगर प्रचारक शिवम  , विभाग सह कार्यवाह अजय कुलश्रेष्ठ , विभाग सह सम्पर्क प्रमुख दुर्गेश गुप्ता , जिला संघचालक डॉ यूएस गौड़, जिला सेवा प्रमुख योगेश बागड़ी , जिला बौद्धिक प्रमुख पवन शर्मा ,जिला व्यवस्था प्रमुख मनीष अग्रवाल ,जिला प्रचार प्रमुख आशीष सेंगर , नगर संघचालक डॉ पीपी सिंह ,सह नगर कार्यवाह अमित गौतम , आनंद गोयल विपिन , लक्ष्मीकांत दीक्षित , प्रबल प्रताप , शुभम एलानी ,वीरेंद्र माहौर , संदीप वार्ष्णेय , प्रदीप यादव , अजय , सतीश बेंक वाले , लोकेंद्रनाथ शर्मा , देवेश समाधिया , रूपेश उपध्याय , अनिल गुप्ता ,देवेन्द्र मोहता आदि सहित काफी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

भक्ति और उत्साह के साथ निकली भगवान परशुराम शोभायात्रा, क्षेत्र में उमड़ा जनसैलाब

भगवान परशुराम शोभायात्रा में शामिल जनप्रतिनिधि व आयोजक

हाथरस। क्षेत्र में भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ गुरुवार को बड़े ही विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा रामवीर उपाध्याय ने भगवान परशुराम जी की विधिवत आरती एवं पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और चारों ओर जयकारों की गूंज सुनाई दी।
शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर आयोजक समिति द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय पूनम पांडे विनोद उपाध्याय और भाजपा नेता चिराग़ उपाध्याय का 51 किलो की भव्य फूलमाला पहनाकर, पटका ओढ़ाकर तथा भगवान परशुराम का प्रतीक फरसा भेंट कर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया।
शोभायात्रा में विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
मेला अध्यक्ष योगा पण्डित ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के भव्य आयोजन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राम शर्मा, गिरीश पचौरी, के.के. दीक्षित, धीरज पांडे, शैलू शर्मा पहलवान, अधीर पचौरी, दिनेश लवानिया, मुकेश दीक्षित, मदन शर्मा, सुधीर पचौरी, सोनू पचौरी, रामनिवास शर्मा (प्रधान), आशीष दीक्षित, संतोष उपाध्याय, विशाल शर्मा, रामेश्वर सारस्वत, रघुवर दयाल शर्मा, सुरेश शर्मा, शोभित उपाध्याय, प्रदीप शर्मा, पवन शर्मा (मास्टर), मनोज श्रोती, राकेश शर्मा, प्रवीण कौशिक, विकास शर्मा, कन्हैया कौशल, बोली पचौरी, रणवीर पाठक, सचिन पाठक, शिवकुमार शर्मा, पवन पाठक, राजवीर (मुखिया), कमल पालीवाल, श्याम अग्निहोत्री (पूर्व प्रधान), अनी पंडित, संजय शर्मा, निशांत उपाध्याय, अमित अग्निहोत्री, गोपाल अग्निहोत्री, पुनीत अग्निहोत्री, रॉकी कौशिक, देवा पंडित, पंकज शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजक समिति की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों से यह आयोजन भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए

मुठभेड़ में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, गोली लगी

फिरोजाबाद। थाना खैरगढ़ पुलिस टीम ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। गोली लगने से घायल अभियुक्त को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
सीओ शिकोहाबाद अमरीश कुमार ने बताया कि 18 मार्च को थाना खैरगढ़ पर एक पीड़ित पिता ने शिकायत दी कि उसकी नाबालिग पुत्री अपने परिजनों के साथ कंस मेला देखने कस्बा हाथवंत गयी थी। मेले में भीड़ अत्यधिक होने के कारण उसकी पुत्री परिजनों से बिछड़ गयी। इसी दौरान अभियुक्त सत्यवीर पुत्र हरिशंकर निवासी नगला कल्याण थाना खैरगढ़ उसकी पुत्री को घर छोड़ने की बोलकर अपनी मोटर साइकिल पर ले गया और रास्ते में डरा धमकाकर उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी। थाना खैरगढ़ प्रभारी प्रेम सिंह बृहस्पतिवार को पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे तभी सांखिनी चौराहा के पास पुलिस टीम को एक संदिग्ध दिखा। पुलिस ने रोका तो संदिग्ध ने जान से मारने की नियत से पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गयी जबावी कार्यवाही में अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल अभियुक्त की पहचान सत्यवीर पुत्र हरि शंकर निवासी नगला कल्याण थाना खैरगढ़ के रूप में हुई है। जिसके कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, 01 खोखा कारतूस, 01 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
सीओ ने बताया कि घायल अभियुक्त को उपचार के लिए पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है । अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

हत्यारोपी गिरफ्तार, अवैध सम्बन्धों में हुई थी व्यक्ति की हत्या

फिरोजाबाद। थाना टूण्डला क्षेत्र अन्तर्गत तीन दिन पूर्व युवक की हत्या अवैध संबंधों के चलते हुई थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने उससे अलाकत्ल बरामद किया है।
थाना टूंडला क्षेत्र के गांव उलाऊ निवासी तेजपाल सिंह की जरौली कट के समीप चाय समोसे की दुकान पर सोते समय 15 मार्च की रात्रि में सिर पर भारी बस्तु प्रहार कर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र कौशल किशोर ने 16 मार्च को थाना टूंडला पर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस घटना की जांच के साथ ही एएसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए थाना टूण्डला पुलिस एवं सर्विलांस टीम सहित 04 टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटनास्थल के आस-पास संदिग्ध रास्तों व सडक के किनारे प्रतिष्ठानो पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरे आदि की फुटेज देखे गये थे एवं घटना से सम्बन्धित संदिग्ध मोबाइल नम्बरो को सर्विलांस टीम द्वारा गहनता से अध्ययन कर साक्ष्य संकलन किया गया। जांच में अभियुक्त मुकेश पुत्र मुकट सिह निवासी जलोपुरा थाना टूण्डला का नाम प्रकाश में आया।
उन्होंने बताया कि थाना टूंडला प्रभारी अनिल कुमार सिंह पुलिस टी के साथ बृहस्पतिवार को क्षेत्र में गश्त पर थे तभी सूचना पर वांछित अभियुक्त मुकेश को राजा का ताल रोड से नागऊ कच्चे रास्ते से गिरफ्तार किया है।अभियुक्त की निंशादेही पर घटना मे प्रयुक्त आलाकत्ल एक स्टील का बांका, एक लोहे का मूसल व घटना के समय पहनी एक शर्ट बरामद हुई है।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ के अभियुक्त ने बताया है कि मेरे एक महिला से अवैध सम्बन्ध थे उसी महिला के घर तेजपाल का आना जाना था जब मुझे पता चला कि उस महिला से तेजपाल के भी अवैध सम्बन्ध हैं तो मैने महिला से कहा कि तेजपाल से सम्बन्ध खत्म कर दो तो उसने मुझसे ही सम्बन्ध खत्म कर दिये और बात करना बंद कर दिया । इसी बात से चिड़कर मैंने रात्रि में अपनी दुकान पर सो रहे तेजपाल की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने हत्यारोपी को कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा है।

राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की 

Posted on 19.03.2026 Time 08.48 PM Thursday, Ayodhya 
  • श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया
  • प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया, इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात : राष्ट्रपति
  • आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही : मुख्यमंत्री
अयोध्या : 19 मार्च, 2026,  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  ने आज चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत्-2083) पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया।
राष्ट्रपति जी ने देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतवासियों और श्रीराम भक्तों को नव वर्ष तथा आगामी रामनवमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया। इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात है। ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’, अर्थात् प्रभु श्रीराम ने इस भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। इसी अयोध्या अर्थात् अवधपुरी और आसपास की लोकभाषा में सन्त तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना की थी। मानस में प्रभु श्रीराम सीता माता से कहते हैं कि ‘जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, बेद पुरान बिदित जगु जाना, अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ’, अर्थात् सबने बैकुण्ठ का बखान किया है तथा वह वेद-पुराणों में वर्णित तथा जग प्रसिद्ध है, लेकिन बैकुण्ठ भी हमें अवधपुरी जैसा प्रिय लगता है।
राष्ट्रपति जी ने प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री जी को लिखे गये अपने पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पत्र में यह भाव व्यक्त किया गया था कि सौभाग्य की बात है कि हम सब अपने राष्ट्र की पुनर्स्थापना के नये काल चक्र के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर पर अयोध्या आकर स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हूं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि हम सभी एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वर्ष 2047 या सम्भवतः उससे पूर्व ही हम विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे। 21वीं सदी में हमारे समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की परिकल्पना राम राज्य के वर्णन में प्राप्त होती है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं, ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना’, अर्थात् राम राज्य में कोई भी दुःखी, निर्धन, बुद्धिहीन और संस्कारहीन नहीं है। विगत दशक के दौरान देश के 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से उबारा गया। राम राज्य का आदर्श आर्थिक समृद्धि और समाजिक समरसता के उच्चतम मानकों को प्रस्तुत करता है। प्रभु श्रीराम का माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह-सम्बन्ध, युद्ध में कोल-भील, वानर समुदाय का सहयोग लेना, जटायु, जामवन्त आदि को सम्मान तथा स्नेह की प्रेरणा प्रदान करना जैसे अनेक प्रसंग सर्वस्व समावेशी जीवन दर्शन अपनाने का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि वर्तमान सन्दर्भ में यह सुखद है कि सामाजिक समावेश तथा आर्थिक न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव-जन्तुओं की सुरक्षा हेतु बड़े पैमाने पर तय किये गये लक्ष्यों को मूर्त रूप प्रदान किया जा रहा है। राम राज्य के आदर्शां पर चलते हुए हम सब नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे। प्रभु श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का आदर्श वाक्य है, ‘रामो विग्रहवान् धर्मः‘, अर्थात् प्रभु श्रीराम धर्म के प्रतिमान स्वरूप हैं। धर्म के व्यापक अर्थों के आधार पर निजी और सामूहिक जीवन को संचालित करके ही हम प्रभु श्रीराम की सच्ची आराधना कर सकेंगे।
प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से इस मन्दिर तथा परिसर की भव्यता बढ़ती ही जा रही है। मैं माता अन्नपूर्णा, माँ दुर्गा, प्रभु श्रीराम परिसर तथा श्रीरामलला का दर्शन कर धन्य हो गयी हूँ। प्रभु श्रीराम की असीम कृपा से आज इस पावन परिसर में पुण्य लाभ की प्राप्ति हुई है। सप्त मन्दिर में माता शबरी, निषादराज, माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र तथा महर्षि अगस्त्य की पवित्र मूर्तियों का दर्शन करने व आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। सभी देवी-देवताओं की कृपा देशवासियों पर बनी रहे, हम सब आधुनिक विश्व में राम राज्य जैसी व्यवस्था स्थापित कर सकें। हम सब जनसामान्य की भाषा में सुनते रहे हैं कि ‘मुझमें राम, तुझमें राम, हम सबमें राम समाए‘। रामभक्ति के पवित्र बन्धन में जुड़कर पुण्य के भाव के साथ हम राष्ट्र का निर्माण करें।
इस दिव्य मन्दिर में द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह प्रभु श्रीराम की असीम कृपा का प्रमाण है। यह श्रीराम यंत्र कांची कामकोटि पीठम के पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती जी द्वारा प्रदत्त है। प्रभु श्रीराम और भगवान शंकर के बीच दैवीय स्नेह के आदर्शों को उनके भक्तों ने अपनी उपासना पद्धतियों में बनाये रखा है।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि श्री रामेश्वर में शिवलिंग की स्थापना और विधिवत पूजा करने के पश्चात स्वयं प्रभु श्रीराम ने गोस्वामी तुलसीदास जी के शब्दों में कहा कि ‘सिव समान प्रिय मोहि न दूजा‘। श्रीराम यंत्र भगवान शंकर की उपासना परम्परा से जुड़े कांची कामकोटि पीठ तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के बीच प्रगाढ़ स्नेह का प्रतीक है। यह पारस्परिक स्नेह हमारी सनातन परम्परा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। यह मन्दिर परिसर कला और शिल्प की अनुपम अभिव्यक्तियों से समृद्ध है। ऐसा लगता है कि मानो स्वयं भगवान विश्वकर्मा जी ने यहाँ विद्यमान निर्माण और शिल्प से जुड़ी संस्थाओं, शिल्पकारों और श्रमिकों को कुशलता और प्रेरणा प्रदान की है। सभी श्रमिक, शिल्पकार और निर्माण संस्थाएँ सराहना की पात्र हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को भारतीय कालगणना के प्रथम दिवस पर प्रारम्भ हिन्दू नव संवत्सर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह नववर्ष सभी के जीवन में नवचेतना, नवऊर्जा और नवसंकल्प का संचार करे। यह शुभ और पावन संयोग है कि श्रीराम मन्दिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो रही तथा हिन्दू नववर्ष का प्रथम प्रभात उदित हो रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने ‘रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः’ श्लोक से अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही है। अब हम अयोध्या के बारे में वह बातें कह सकते हैं, जिन्हें प्रभु श्रीराम ने स्वयं कहा था कि ‘अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ, जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिसि बह सरजू पावनि’। सरयू माता इस अयोध्या धाम को अपने निर्मल जल से पवित्र करते हुए पूरे क्षेत्र को आलोकित कर रहीं हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, श्रीराम दरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण तथा आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्य प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को आनन्द से परिपूर्ण कर देता है।
भारत की आस्था अनेक प्रकार के संघर्षों व विप्लवों को झेलने के बाद भी 500 वर्षों तक निरन्तर बनी रही। शासन चाहे जिसका रहा हो, संघर्ष हमेशा जारी रहा। परिणामस्वरूप 500 वर्षों की प्रतीक्षा के उपरान्त श्रीरामलला अयोध्या धाम में अपने मन्दिर में विराजमान हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर भव्य मन्दिर मात्र नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्र मन्दिर का प्रतीक बन चुका है। आज रामराज्य की अवधारणा साकार होती हुई दिखायी दे रही है। ‘राम राज बैठें त्रैलोका, हरषित भए गए सब सोका, बयरु न कर काहू सन कोई, राम प्रताप बिषमता खोई। बरनाश्रम निज निज धरम, निरत बेद पथ लोग, चलहिं सदा पावहिं सुखहि, नहिं भय सोक न रोग’।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में दुनिया में अनेक जगह युद्ध चल रहे हैं। भय, अव्यवस्था व आर्थिक अराजकता है। हम भारत के अयोध्याधाम में भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के सान्निध्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना के कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। हमारे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता तथा लोगों की आस्था ने भारत को सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ बनाये रखा है। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम से जुड़कर न केवल उत्तर प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया का प्रत्येक धर्मावलम्बी गौरव की अनुभूति कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आध्यात्मिक तथा धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आए हैं। दुनिया के किसी भी देश की इतनी आबादी नहीं है। यह नया तथा बदलता हुआ भारत है। वर्तमान पीढ़ी सही दिशा में जा रही है। आज युवा नया वर्ष मनाने के लिए मन्दिरों में जाता है। यही उसके संस्कार हैं। यहाँ जो बात अम्मा जी ने कही है, वह नये भारत में अक्षरशः देखने को मिल रही है।

इस अवसर पर विदुषी माता अमृतानन्दमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि तथा सन्तगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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