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अनुज चौधरी हत्याकांड: कोर्ट में विवेचक पेश, दर्ज कराएं बयान

March 9, 2026

अनुज चौधरी हत्याकांड: कोर्ट में विवेचक पेश, दर्ज कराएं बयान

जिला जज अदालत में पन्द्रहवां गवाह प्रस्तुत, बुधवार को अगली सुनवाई

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Monday, 7.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia
मुरादाबाद‌। उप्र समाचार सेवा।
मझोला में करीब ढाई साल पहले अनुज चौधरी हत्याकांड में कोर्ट में सुनवाई हुई। सोमवार को जिला जज न्यायालय में केस में विवेचक के बयान रिकॉर्ड हुए। केस में विवेचक एसआई ने अदालत में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराएं। केस में अगली सुनवाई बुधवार 11 मार्च को होगी।
महानगर के मझोला थाना में नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में 10अगस्त, 23 को भाजपा नेता अनुज कुमार चौधरी की हत्या हो गई थी। हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि असमोली के ब्लॉक प्रमुख के पति प्रभाकर, बेटा अनिकेत ने सुपारी देकर अनुज की हत्या कराई। हत्या की साजिश में मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, कमलवीर, पुष्पेंद्र, अमित, मोहित शामिल थे। केस की मामले की सुनवाई जिला जज कोर्ट में विचाराधीन है। अनुज के परिवार की ओर हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर रोज सुनवाई की मांग को स्वीकार करते हुए जल्द सुनवाई के आदेश दिए।
केस में सोमवार को पन्द्रहवें गवाह बतौर विवेचक एसआई कमल किशोर पेश हुए। डीजीसी नितिन गुप्ता और एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने बताया कि बिजनौर से आए एसआई ने कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराएं। केस में शस्त्र बरामदगी मामले में एसआई ने विवेचना की थीं। अनुज हत्याकांड में अब तक 15 गवाह प्रस्तुत होकर बयान दर्ज करा चुके हैं। डीजीसी के अनुसार सोमवार को सुनवाई के दौरान जेल में बंद ललित कौशिक, मोहित आदि की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। जबकि आरोपी प्रभाकर समेत अन्य कोर्ट में हाजिर हुए। केस में अब अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।

भगतपुर में गैर इरादतन हत्या में तीन भाइयों को दस दस साल की सजा

फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, नल से पानी भरने को लेकर हुईं हत्या
2014 में हुए मामले में दोषियों पर 12-12 हजार जुर्माना
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Monday, 7.30 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia

मुरादाबाद‌। उप्र समाचार सेवा।
भगतपुर में नल से पानी भरने को लेकर हुए विवाद में महिला की हत्या में तीन भाइयों को दोषी ठहराया गया है। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट- दो मो. फिरोज ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए 12-12 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
जिले में भगतपुर के गांव नरेन्द्रपुर उर्फ निन्दपुर में 25 सितंबर, 2014 को नल पर पहले पानी भरने से विवाद हुआ। गांव की दो युवतियों में कहासुनी से दीवान सिंह के पुत्र नरेश, छत्रपाल और अजीत सिंह आदि भी गए। विवाद को सुलझाने के लिए गांव के जयपाल सिंह की मां चंपिया भी वहां पहुंच गई। झगड़े में महिला के हस्तक्षेप से भड़के कुछ लोग लाठी-डंडे ले आए और चंपिया पर हमला कर दिया। सिर पर डंडा लगने से घायल को जिला अस्पताल ले जाया गया पर महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुईं। एडीजीसी महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि केस में नौ गवाह प्रस्तुत हुए। कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए अदालत ने साक्ष्य के आधार पर गांव के दीवान सिंह के पुत्रों नरेश, छत्रपाल सिंह व अजीत कुमार को दोषी ठहराया।सभी दोषियों 10-10 साल की सजा और बारह बारह हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

March 8, 2026

14 मार्च को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, तैयारियां शुरू

मुरादाबाद में तैयारियों की समीक्षा, बैंक वादों के प्री-लिटिगेशन निस्तारण पर जोर
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Sunday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को लगेगी। अदालत की तैयारियां शुरू हो गई है। लोक अदालत की सफलता के लिए न्यायिक अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश सैय्यद माऊज बिन आसिम के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने की। बैठक में प्राधिकरण सचिव ने मौजूद बैंक व फाइनेंस कंपनियों के प्रबंधकों को लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंकों के ऋण वसूली मामलों को अधिक संख्या में आपसी सुलह सहमति के आधार पर निस्तारण पर जोर दिया।सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति के आधार पर त्वरित व सुलभ न्याय देना है। ऐसे में बैंकिंग मामलों विशेषकर ऋण संबंधी विवादों के निपटारे के लिए यह प्रभावी मंच साबित हो सकता है। उन्होंने 14 मार्च को होने वाली लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर व अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

प्रेमिका के विछोह में बहन पर चाकू के 80 वार

गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने जुड़वा बहन की कर दी बेदर्दी से हत्या(Murder)

-बहन का कसूर यह कि वह भाई को युवती को लेकर लगातार समझातीं। होली पर मुरादाबाद आए युवक को बहन की सलाह नागवार गुजरी
-उसे घर की रसोई में रखे चाकू से उसे गोदा

मुरादाबाद। (उप्र समाचार सेवा)।
मझोला में सगी बहन को ताबड़तोड़ चाकू से गोदने वाले कलयुगी भाई हर्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। माना जा रहा है कि पुणे में एक युवती के प्रेम में ब्रेकअप के बाद अवसादग्रस्त हो गया। सगी बहन का कसूर यह कि वह युवती को लेकर भाई को समझातीं। पर शुक्रवार को समझाने को लेकर आक्रामक हुए इंजीनियर भाई हार्दिक ने बहन हिमशिखा को घर में रखे चाकू से ही बुरी तरह गोद दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर में अस्सी से ज्यादा जख्म उभरे है।चाकू से किडनी समेत पूरा शरीर छलनी हो गया। हत्या के बाद हार्दिक ने अपनी मां नीलिमा पर जानलेवा हमला किया। हालांकि पड़ोसियों के आने से मां की जान बच गई।
मुरादाबाद में सनसनीखेज मामला शुक्रवार को दिल्ली रोड पर बुद्धि विहार का है। सेक्टर दो में रहने वाली नीलिमा दिल्ली रोड पर एक निजी बीमा कंपनी में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर है।बेटी हिमशिखा गुरुग्राम में एक आई टी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। वह इंजीनियर भाई यूट्यूबर हार्दिक के साथ गुरुग्राम में रह रही। हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर आईडी बनाईं हुईं हैं। तेरह हजार फालोअर है।
घटना से पहले होली पर दोनों भाई बहन घर आए थे। हार्दिक के व्यवहार में बदलाव था। वजह हार्दिक पुणे की एक युवती के संपर्क में था। बताते है कि कुछ महीने पहले गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप से हार्दिक चिड़चिड़ा रहने लगा। बहन उसे लगातार समझातीं। पर उसके समझाने को लेकर वह बहन से झगड़ने लगा। मुरादाबाद में भी घर पर समझने समझाने को लेकर विवाद हुआ। शुक्रवार को जब ये लोग गुरुग्राम जाने की तैयारी में थे तभी बहन ने समझाया तो हार्दिक अपना आपा खो बैठा। अवसादग्रस्त इंजीनियर भाई ने घर की रसोई में रखे चाकू से बहन को चाकू से गोद डाला।
शनिवार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 80 से ज्यादा घाव है। उसका शरीर बुरी तरह छलनी हो गया। परिवार मूलरूप से बदायूं का रहने वाला है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कहा कि मझोला प्रभारी समेत टीम ने आरोपी को नया मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

*पूछताछ में कबूला जुर्म*
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसकी बहन जुड़वा थे। दोनों गुडगांव में रहते थे। बहन एक कंपनी में नौकरी करते हुए एमबीए की पढ़ाई कर रही थी। अभियुक्त का एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर एक लड़की से संबंध करीब 7 माह पहले टूटने से वह अवसाद में रहने लगा।
अभियुक्त के अनुसार उसकी माँ व बहन उसे लड़की को लेकर समझाती। इससे वह बहन पर अक्सर आक्रामक हो जाता । होली पर सभी मुरादाबाद घर आए हुए। छह मार्च को बहन के समझाने पर आरोपी आक्रामक हो गया। रसोई से चाकू लाकर बहन पर ताबड़तोड़ वार किए। जिससे बहन की मौत हो गई। इस दौरान मां ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी खून से सने चाकू से वार किए। शोर-शराबा सुनकर मुहल्ले के लोगों के आने से आरोपी फरार हो गया।

*मामा ने दीं हिमशिखा को मुखाग्नि*
बहन की नृशंस तरीके से हत्या के बाद मां पर भी जानलेवा हमला किया। महिला नीलिमा को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच हिमशिखा की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हुआ। शव को बदायूं से आए रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। मामा दीपू ने हिमशिखा का अंतिम संस्कार किया।

March 7, 2026

चार होनहारों ने मुरादाबाद को दिलाई पहचान, सिविल सेवा में हासिल की मंजिल

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा।
पांचवीं बार में देवांश ने 77 वीं रैंक, जबकि सृजित ने दूसरी लगाई लंबी छलांग, 84 वीं रैंक हासिल की जबकि ऋषभ शर्मा ने 116 और एडवोकेट की बेटी गरिमा सिंह ने 240 वीं रैंक

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Friday, Time 22.20 pm
Moradabad, Rajesh Bhatia.

मुरादाबाद, 6 मार्च (उप्र समाचार सेवा)।
शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया। परीक्षा में मुरादाबाद से चार होनहारों ने नया मुकाम हासिल किया। युवाओं ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। एकाग्रता के साथ पढ़ाई पर फोकस किया और सिविल सेवा परीक्षा में अपनी चमक बिखेरी।

*पांचवीं बार में देवांश को 77 वीं रैंक*
मुरादाबाद में रैंकिंग में 77 वीं रैंकिंग गोकुल दास गर्ल्स कॉलेज की प्रोफेसर डा किरन साहू के बेटे देवांश गुप्ता ने पाईं है। देवांश ने पांचवीं बार सिविल सेवा परीक्षा में जगह बनाई। देवांश ने लगातार नाकामियों से हिम्मत न हारकर सिविल सेवा में जगह बनाने में कामयाब रहे।
इस बार 77 वीं रैंक हासिल की। बताया कि 2021 में एलएलबी के बाद सिविल सेवा के जरिए काम करने का निर्णय कर लिया। उनका कहना है कि आत्मविश्वास और धैर्य के साथ हुईं अंततः सफ़लता दिलातीं है।

*दूसरे प्रयास में खामियां दूर कर सृजित ने हासिल की 84 वीं रैंक*
पिछली बार 277 वीं रैंक हासिल करने वाले सृजित कुमार ने इस बार लंबी छलांग लगाई। मूलरूप से शाहजहांपुर के रहने वाले सृजित मुरादाबाद में तैनात एसपी ट्रैफिक सुभाष चंद्र गंगवार के बेटे हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय पिता और माता नीलिमा सिंह को देते हैं। सिविल सेवा परीक्षा परिणाम आया तो पिता एसपी ट्रैफिक घर पर थे। परिणाम घोषित होते ही परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खास यह कि सृजित ने अपनी रैंकिंग में सुधार कर 84 वीं रैंक पाईं। 2021 में आईआईटी IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरा कर यूपीएससी
UPSC की तैयारी में जुट गए।UPSC CSE 2024 में 277 वीं रैंक मिली। IRS (सीमा शुल्क और अप्रत्यक्ष कर) सेवा मिली। पिता को प्रेरणा स्रोत मानते हुए एक बार तैयारी की।

*प्राइवेट नौकरी छोड़ ऋषभ ने हासिल की 116 वीं रैंक*
बरेली की मूल निवासी आभा शर्मा मुरादाबाद में एल आईं यू की इंस्पेक्टर के पद पर हैं। उनके होनहार पुत्र ऋषभ ने सिविल सेवा परीक्षा में 116 वीं रैंक हासिल कर मुकाम बनाया। प्रयागराज से बीटेक कर बेंगलुरु में कंपनी में जाँब कर लीं। पर नौकरी में मन न लगा तो 2023 में नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। दो साल मेहनत कर 2025 में सिविल सेवा परीक्षा दीं। ऋषभ ने दूसरी बार की कोशिश में 116 वीं रैंक पाईं।


*गरिमा ने संघर्ष के बाद पाईं सफलता*

मूलरूप से रामपुर में टांडा दढ़ियाल के निवासी रामौतार सिंह की होनहार बेटी गरिमा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में जगह बनाई। गरिमा ने 240 वीं रैंक हासिल की। मुरादाबाद में एडवोकेट रामौतार सिंह बताते हैं कि तीन बार की नाकामियों के बावजूद बिटिया ने हिम्मत नहीं हारी। पहली बार में इंटरव्यू में नंबर कम से पिछड़ गई। चौथी बार में गरिमा सिविल सेवा
की सीढ़ियां चढ़ गई।
मुरादाबाद में मानसरोवर कालोनी में रहने वाले रामौतार सिंह की बेटी गरिमा की शुरुआती पढ़ाई केसीएम स्कूल से हुई। इंटर कर डीयू में मिरांडा के बाद आईआईटी इंदौर से पढ़कर गरिमा ने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया। गरिमा के बड़े भाई रक्षा मंत्रालय में सेक्शन आँफीसर व दूसरा एनडीए में कैप्टन के पद पर हैं। अब यूपीएससी का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एडवोकेट रामौतार सिंह के परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं है। रात तक उनके घर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा। इनमें मुरादाबाद में शासकीय अधिवक्ता सुरेन्द्र पाल सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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