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किशोरियों को ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में इनिशिएटिव फाउंडेशन का बड़ा कदम!

March 19, 2026

किशोरियों को ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में इनिशिएटिव फाउंडेशन का बड़ा कदम!

लखनऊ, 19 मार्च 2026, इनिशिएटिव फाउंडेशन द्वारा गर्ल्स कम्युनिटी लीडर्स के लिए मानवाधिकार एवं विकास में जेंडर की भूमिका विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण (18-19 मार्च 2026) कार्यक्रम का आयोजन बुद्धेश्वर, लखनऊ में किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 30 किशोरियों ने सहभागिता की।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना था, ताकि वे अपने परिवार और समुदाय में सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान मानवाधिकार विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षक प्रवेश वर्मा द्वारा किया गया, जबकि जेंडर इन डेवलपमेंट विषय पर सत्र का संचालन प्रशिक्षिका वर्षा जी द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को मानवाधिकार की मूल अवधारणाओं, लैंगिक समानता, सामाजिक संरचनाओं में महिलाओं की भूमिका तथा विकास प्रक्रिया में जेंडर के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
सत्रों में सहभागितापूर्ण गतिविधियों, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से किशोरियों को सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किशोरियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की सक्रिय नेतृत्वकर्ता बन सकती हैं।
इनिशिएटिव फाउंडेशन के निदेशक ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि किशोरियों को ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना है, जो अपने समुदाय में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकें।
यह पहल किशोरियों को ‘बेनिफिशियरी’ से ‘चेंजमेकर’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोग्राम कोआर्डिनेटर,कम्युनिटी मोबिलाइज़र, टीम सदस्यों एवं वॉलंटियर्स का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिनके प्रयासों से प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।
यह कार्यक्रम किशोरियों में सशक्त नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और लैंगिक समानता की समझ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

March 18, 2026

सीएम ने बांटे तीर्थ यात्रियों को एक एक लाख के चेक

लखनऊ 17 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परम्परा, समाज तथा राष्ट्र की एकता व एकात्मता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। सुखद संयोग है कि ऋषि-मुनियों ने जिस भाव के साथ हमें जोड़ने का कार्य किया, आज हम सभी उसे बनाये रखने के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन सभागार में श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अनुदान राशि वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को एक एक लाख रुपये की अनुदान राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 555 तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा अनुदान राशि प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले तीर्थाटन जीवन का हिस्सा माना जाता था। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर यात्रा पर निकलते थे। लोगों के पास संग्रह की वृत्ति नहीं थी, बल्कि अपनी मेहनत व पुरूषार्थ से जो कुछ अर्जित करते थे, उससे किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर निकलकर जरूरतमन्दों की सहायता करते थे। उस यात्रा के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनने के साथ समाज को जोड़ने, समझने का कार्य करते थे। यह भाव आदिकाल से बना हुआ है। जब आदि शंकर ने केरल से निकलकर देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी, तब देश में कोई सरकार नहीं थी। राजा-रजवाड़ों का शासन था। राजनीतिक इकाईयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सम्पूर्ण भारत एक था। आज भी वह भाव प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में रहता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा की कठिनाईयों, चुनौतियों और आपदाओं का मुकाबला करते हुए गत वर्ष इस यात्रा को सकुशल पूर्ण किया।  प्रदेश के श्रद्धालुजनों को कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है, जो निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूर्ण करने के दौरान यह भवन श्रद्धालुओं के ठहराव का प्रथम पड़ाव होता है। शेष समय इस यात्रा भवन का उपयोग अन्य धार्मिक यात्रा से सम्बन्धित श्रद्धालुओं के लिए भी सुनिश्चित किया जाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन के उपयोग के साथ-साथ इसका संरक्षण व बेहतर रख-रखाव भी किया जाए, क्योंकि अपनी परम्परा व धार्मिक स्थलों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा में राज्य सरकार प्रदेश के अन्दर तथा भारत सरकार सम्पूर्ण भारत में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लेकिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दूसरे देशों से भी जुड़ना होता है और उनका व्यवहार जगजाहिर है। लेकिन उस असुविधा में भी हमारी आस्था भारी पड़ती है और लोग देवाधिदेव महादेव का दर्शन करते हैं। जब भाव होता है, तो व्यक्ति प्रत्येक कठिन चुनौती का सामना करते हुए भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। हमारी सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आने वाले समय में गाजियाबाद में ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में और वृद्धि करने का प्रयास करेगी। पासपोर्ट कार्यालय जनपदों में बनाये जा रहे हैं। कई सुविधाएं ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की मर्यादा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबका होना चाहिए। धार्मिक यात्रा श्रद्धा भाव के साथ करनी चाहिए, पर्यटन व मनोरंजन गौण होना चाहिए। इससे हम धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और गरिमा को बनाये रख सकेंगे। इन धार्मिक स्थलों की गरिमा के अनुरूप हमारा आचरण आगे आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने में भी सहायक होगा। प्रदेश सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आज के समय के अनुरूप अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। डबल इंजन सरकार का इस पर विशेष फोकस है।
वर्ष 2025 में प्रदेश में 164 करोड़ श्रद्धालु अलग-अलग धर्मस्थलों व तीर्थ स्थलों पर आए। इसमें 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में ही आए थे। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा-वृन्दावन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह चुनौती होने के साथ-साथ एक अवसर भी है। सरकार अपने स्तर पर आवागमन व जनसुविधाओं से सम्बन्धित अच्छी व्यवस्था देने का लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र की सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन सम्भावनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास व रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में लखनऊ, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, मथुरा-वृन्दावन, शुकतीर्थ, बौद्ध व जैन पर्यटन से सम्बन्धित केन्द्रों व अन्य तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम हैं। इसके साथ देश में भी चार धाम हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के अनेक प्रयास किये हैं। विगत 04-05 वर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम् का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बना है। उत्तर प्रदेश में श्री काशी विश्वनाथ धाम है, तो तमिलनाडु में श्री रामेश्वरम धाम है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के श्रद्धालु काशी से गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रामेश्वरम की यात्रा पर जाएं। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। उत्तर-दक्षिण के जुड़ने से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रयास होना चाहिए कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल, विजुअल एवं प्रिण्ट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यात्रा के समय हमारे पास एक ऐप हो। ऐसे नवाचारों से धार्मिक यात्राओं एवं प्रदेश के पर्यटन को एक नई पहचान प्राप्त होगी तथा अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने देश व प्रदेश के गौरव को लौटाया है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सनातन संस्कृति को मजबूत किया है। उन्होंने एक शायर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कि ‘काबिले तारीफ है अन्दाज़ एक-एक काम का, और गा रहा है गीत यू0पी0 योगी जी के नाम का’।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के श्रद्धालु श्री कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभारी है। प्रदेश विरासत के सम्मान के साथ विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की धार्मिक यात्रा वृत्तान्त पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम को कैलाश मानसरोवर सेवा समिति, लखनऊ के अध्यक्ष के0के0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधायक ओ0पी0 श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य  मुकेश शर्मा व रामचन्द्र प्रधान, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

March 17, 2026

देश में राष्ट्र प्रथम का भाव एवं पंच परिवर्तन का स्वभाव बने : सरदार स्वर्ण सिंह

लखनऊ : अवध प्रान्त के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह एवं सह प्रांत कार्यवाह संजय सिंह ने समालखा हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के संदर्भ में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मीडिया सेंटर विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ लखनऊ में आयोजित प्रेसवार्ता में बैठक में संगठन कार्य के विस्तार, राष्ट्र हित में समाज की सज्जनशक्ति की सक्रिय भागीदारी एवं सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी ने बताया कि बैठक में संत शिरोमणि सद्‌गुरु श्री रविदास जी के 650 वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी द्वारा एक वक्तव्य जारी किया गया है, इसमें कहा गया है कि वर्तमान में जब विभिन्न विभाजनकारी शक्तियां समाज को वर्ग और जाति के आधार पर विभाजित करने का निरंतर प्रयास कर रही हैं तब संत रविदास जी के जीवन संदेश के मर्म को समझते हुए समाज की एकात्मकता के लिए कार्य करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि समाज में महापुरुषों के श्रेष्ठ कार्यों को जाति और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर स्वीकार करना चाहिए। देश में राष्ट्र प्रथम का भाव एवं पंच परिवर्तन का स्वभाव बने, इसी भाव भावना से संघ के स्वयंसेवकों ने सिख परम्परा के नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी के बलिदान के 350वें वर्ष के अवसर पर देशभर में 2000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। अवध प्रांत में भी 24 स्थानों पर 24 कार्यक्रम सम्पन्न हुए, जिसमें 10000 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

सह प्रान्त कार्यवाह संजय सिंह जी ने बताया कि विगत विजयादशमी से देश भर में अधिक संख्या में सम्पन्न उत्सवों के साथ ही शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम प्रारंभ हुए। इन विविध कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की व्यापक योजना एवं परिश्रम के अनुसार सर्वत्र सफलता मिली। समाज बंधुओं ने उन्हें सहर्ष तथा हृदयपूर्वक स्वागत करते हुए सहयोग एवं समर्थन दिया। संघ के निमंत्रण पर समाज के विभिन्न वर्गों-श्रेणियों के बंधु भगिनी उत्साह से सहभागी होकर कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से सम्पन्न करने में अपार योगदान दिए। मंडल बस्ती स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के कारण संगठन की दृष्टि से समाज की छोटी इकाई तक पहुँचने में बड़ी सफलता मिली है। गृह सम्पर्क के कारण संघ को, संघ के विचारों को घर घर तक पहुँचाना सम्भव हो रहा है। सद्भाव बैठकों और नागरिक गोष्ठी से समाज में सकारात्मक चिंतन एवं कर्तव्य बोध का निर्माण हो रहा है। समाज संघ की 100 वर्ष की यात्रा को समझते हुए राष्ट्र जीवन में संघ से अधिकाधिक अपेक्षा भी कर रहा है। पंच परिवर्तन के विषयों का सर्वत्र स्वागत है। संघ के बारे में जानने की तथा सामाजिक कार्यों के बारे में उत्सुकता बढ़ रही है।

अवध प्रांत में संगठनात्मक कार्य का निरंतर विस्तार हो रहा है। प्रान्त के कुल 2888 मंडल, बस्ती में से 2860 में शाखा है, 2728 मंडल, बस्ती में हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। कुल 18993 गाँवों में से 15864 गाँवों में घर घर सम्पर्क किया गया । सामाजिक सद्भाव की 294 बैठकें एवं 124 केन्द्रों पर प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन किया गया। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आगामी विजयदशमी तक सम्पन्न होंगे, आगे युवा पीढ़ी में राष्ट्रबोध, संगठन स्वभाव एवं समाज परिवर्तन के प्रयत्न की वृद्धि को ध्यान में रखकर युवकों में कार्य बढ़ाने की योजना है, कार्य विस्तार की दृष्टि से अधिकतम स्थानों पर अधिकतम कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाते हुए अधिकतम शाखाएं खड़ी करने की योजना है। संघ का काम निरंतर चलने वाला काम है, शताब्दी वर्ष वास्तव में संघ की 100 वर्ष की यात्रा का अनुवर्तन ही है। शताब्दी वर्ष में समाज की बहुत बड़ी सज्जन शक्ति, सुप्त शक्ति एवं उत्सुक शक्ति का अनुवर्तन करते हुए ‘राष्ट्र प्रथम का भाव’ एवं ‘पंच परिवर्तन का स्वभाव’ उत्तरोत्तर बढ़ता रहे इस हेतु आवाहन किया गया।

अन्त में आए हुए सभी पत्रकार बन्धुओं का आभार व्यक्त किया गया और होली की शुभकामनाएँ प्रेषित की गई। होली मिलन के इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष जी भी उपस्थित रहे।

March 16, 2026

श्रद्धा, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है नवरात्र : जयवीर सिंह

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह होली मिलन समारोह में हुए शामिल

लखनऊ, दिनांक 16 मार्च, 2026 जनकल्याण महासमिति, गोमती नगर, लखनऊ द्वारा आज अटल क्रीड़ा स्थल (मिनी स्टेडियम), विराम खण्ड में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रवज्जलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

मंत्री श्री जयवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि लखनऊ की धरती गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक रही है, जहाँ सदियों से प्रेम, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्ध विरासत विकसित हुई है। होली का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में व्याप्त भेदभाव और दूरियों को मिटाकर लोगों को एक सूत्र में बांधने का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्री ने सभी नागरिकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता को बनाए रखने का आह्वान किया।

होली के बाद आने वाले चैत्र नवरात्र की भी मंत्री श्री जयवीर सिंह ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवरात्र भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। आगामी 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र के अवसर पर देवी शक्ति की आराधना के साथ प्रदेश भर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन होते हैं। यह पर्व श्रद्धा, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा समाज में आध्यात्मिक चेतना को प्रबल करता है।

समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। विशेष रूप से राधा-कृष्ण का मनमोहक मयूर नृत्य तथा फूलों की दिव्य होली कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे, जिनका उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय परिवारों एवं नागरिकों ने भाग लेते हुए प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे के इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

कार्यक्रम में विधायक श्री ओ.पी. श्रीवास्तव, जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष डॉ. बी.एन. सिंह, महासचिव डॉ. राघवेन्द्र शुक्ला, मा० रक्षामंत्री के पी.आर.ओ., कर्नल ए.एन. पाण्डेय (कार्यकारी महासचिव), श्री आर.सी. मिश्रा, डॉ. ओ.पी. सिंह, श्री ओ.पी. दीक्षित, श्री बी.एस. सिसोदिया, श्री अरुण तिवारी (सभासद), श्री संजय सिंह राठौर (सभासद), श्री रामकृष्ण यादव (सभासद), डॉ. वीरेन्द्र कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

March 15, 2026

पत्रकार एसोसिएशन का रोज़ा इफ्तार संपन्न

Roja Iftar lucknow

इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया में गूँजी भाईचारे की सदाएँ

हिन्दू–मुस्लिम एकता और अमन-शांति की दुआओं के साथ सम्पन्न हुआ
गंगा-जमुनी तहज़ीब की दिखी मिसाल, विभिन्न धर्मगुरु एक साथ रोज़ा इफ्तार में हुए शामिल

लखनऊ। पाक माह-ए-रमज़ान के मुबारक अवसर पर गंगा-जमुनी तहज़ीब की नगरी लखनऊ ने एक बार फिर आपसी सौहार्द, भाईचारे और एकता की अनूठी मिसाल पेश की। उ.प्र. ज़िला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन एवं जश्न-ए-आजादी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम में सभी धर्मों और सम्प्रदायों के लोगों ने एक साथ बैठकर रोज़ा इफ्तार किया और प्रदेश में अमन-शांति, खुशहाली तथा आपसी सद्भाव के लिए दुआएँ कीं।
कार्यक्रम का आयोजन तैयब हॉल, ऐशबाग ईदगाह में किया गया, जहाँ विभिन्न धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब का जीवंत उदाहरण बताया।

इस अवसर पर इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली, जश्न-ए-आजादी के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा, वेदव्रत बाजपेई,राजेंद्र सिंह बग्गा,हरपाल सिंह जग्गी, वी बी पांडेय,संदीप पांडेय,मो अली साहिल सहित अनेक प्रख्यात हस्तियों ने शिरकत की। विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं ने एक साथ बैठकर रोज़ा इफ्तार किया और समाज में प्रेम, भाईचारे और एकजुटता का संदेश दिया।
इफ्तार के बाद मौलाना मुश्ताक ने रोज़ेदारों को नमाज़ अदा कराई और देश की अखंडता, सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष दुआ कराई।
इस अवसर पर जश्न-ए-आजादी के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास को और मज़बूत करते हैं। वहीं पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद ने कहा कि संस्था पत्रकारिता के दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है।

एसोसिएशन के सचिव जुबैर अहमद ने कहा कि इस रोज़ा इफ्तार मे सभी धर्मों के लोगों ने शिरकत कर एकता का सन्देश दिया हैं जो इसकी सबसे बड़ी सफलता है और यह लखनऊ की गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक भी है।
कार्यक्रम में एसोसिएशन के चेयरमैन अज़ीज़ सिद्दीकी,एम एम मोहसिन,तौसीफ हुसैन, वामिक खान, अभय अग्रवाल, संजय गुप्ता, डॉ जफर खान, मोहम्मद इरफ़ान,नजम अहसन, समाजसेवी आरिफ ज्वेलर्स, सहित समाजसेवियों, चिकित्सकों, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों सहित बड़ी संख्या में सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन में आए सभी अतिथियों का मुरलीधर आहूजा, अज़ीज़ सिद्दीकी, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद और तौसीफ हुसैन ने अंगवस्त्र पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रदेश में शांति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने का संकल्प लिया।
यह आयोजन केवल एक रोज़ा इफ्तार नहीं, बल्कि एक संदेश था — एकता का, प्रेम का और उस लखनऊ की पहचान का, जहाँ दिल मिलते हैं और दुआएँ सबके लिए होती हैं।

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