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विकसित भारत का विजन डॉक्यूमेंट है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

February 3, 2026

विकसित भारत का विजन डॉक्यूमेंट है केंद्रीय बजट: पंकज चौधरी

UP BJP President Pankaj Chaudhary

भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी

Posted on 03.02.2026 Tuesday, Time: 06.26 PM, BJP President Press Conference, Lucknow 

लखनऊ 03 फरवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 01 फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर फोकस किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट मात्र 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
श्री चौधरी ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे। इन परियोजनाओं से नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तेज़-गति से जोड़ने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रा समय घटेगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
श्री चौधरी ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक खर्च किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ एवं हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यावरणीय स्थलों को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।
मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए श्री पंकज चौधरी ने कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को लाया गया था। इसी क्रम को बनाये रखते हुए इस बजट में भी ७ स्ट्रेटेजिक निर्माण क्षेत्रों में फोकस किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देंगी। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष समर्थन का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और कुटीर उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
श्री चौधरी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का निर्णय लिया गया है। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों को लाभ मिलेगा। औद्योगिक नगरियों के समीप यूनिवर्सिटी टाउनशिप, स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि तथा स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट लैब की स्थापना से युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त होगी।
श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केंद्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ एवं सशक्त होंगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। उच्च मूल्य एवं विविधीकृत कृषि, एआई आधारित भारत विस्तार योजना और समर्थन मूल्य को मजबूत करने के लिए किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के तहत उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन प्राप्त होगा, जो प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगा।
श्री पंकज चौधरी ने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेज़ी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

January 31, 2026

यूपी में 6 आईएएस अफसरों के तबादले

नागेंद्र प्रताप आगरा के नए कमिश्नर

Posted on 31.01.2026 Saturday Time: 08.32 PM, Lucknow
लखनऊ। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप को आगरा मंडल का कमिश्नर बनाया गया..
मऊ के मुख्य विकास अधिकारी यानि सीडीओ प्रशांत नागर को फिरोजाबाद का नगर आयुक्त और फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया। लोक सेवा आयोग में तैनात उप सचिव विवेक कुमार श्रीवास्तव को मऊ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया।

मथुरा के मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीणा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाकर भेजे गए। गाजियाबाद की संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉक्टर पूजा गुप्ता को मथुरा का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया।
खाद्य एवं रसद तथा उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद को वर्तमान पद के साथ ही इसी विभाग के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है..

उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को दर्शाएंगे सात द्वार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिये अधिकारियों को निर्देश, लखनऊ में बनाए जाएं प्रवेश द्वार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रवेश द्वार को लेकर समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए

लखनऊ, 30 जनवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ को आकर्षक, भव्य और विशिष्ट सांस्कृतिक स्वरूप देने के उद्देश्य से शहर के सभी सात प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  ने कहा है कि राजधानी में प्रवेश करते ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखायी देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री यहाँ अपने सरकारी आवास पर राजधानी लखनऊ के मुख्य प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने के सम्बन्ध में बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ से प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, नैमिषारण्य, हस्तिनापुर, मथुरा और झांसी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सम्बन्धित सांस्कृतिक और धार्मिक गंतव्यों की पहचान को दर्शाने वाले प्रवेश द्वार बनाए जाएँ। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मार्ग पर विकसित किया जाने वाला प्रवेश द्वार उस गंतव्य की पौराणिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रतिबिम्बित करने वाला होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने प्रवेश द्वारों के नामकरण और स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रयागराज मार्ग (रायबरेली रोड) पर त्रिवेणी संगम और महाकुम्भ परम्परा को दर्शाने वाला ‘संगम द्वार’, वाराणसी मार्ग (सुल्तानपुर रोड) पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को दर्शाने वाला ‘नंदी द्वार’ तथा अयोध्या मार्ग (बाराबंकी रोड) पर भगवान श्रीराम और सूर्यवंश की परम्परा पर आधारित ‘सूर्य द्वार’ होना चाहिए। इसी प्रकार, नैमिषारण्य मार्ग (सीतापुर रोड) पर ‘व्यास द्वार’, हस्तिनापुर मार्ग (हरदोई रोड) पर ‘धर्म द्वार’, मथुरा मार्ग (आगरा रोड) पर ‘कृष्ण द्वार’ तथा झांसी मार्ग (उन्नाव रोड) पर वीरता और शौर्य का प्रतीक ‘शौर्य द्वार’ स्थापित किए जाएँ। सभी प्रवेश द्वारों पर उत्तर प्रदेश का राजकीय चिन्ह अवश्य दर्शाया जाए।

January 30, 2026

विधायक वही सफल जो खुद को जनता का व्यक्ति समझे: सतीश महाना

Published on 30.01.2025 , Friday, Time: 02:46 PM, UP Assembly New

हिमाचल प्रदेश की सार्वजनिक उपक्रम समिति का उत्तर प्रदेश विधान सभा का भ्रमण

हिमाचल प्रदेश विधान सभा की सार्वजनिक उपक्रम और निगम समिति के सभापति किशोरीलाल का स्वागत करते हुए विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना

लखनऊ, 30 जनवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जनसेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “लोकतंत्र में वही विधायक सफल होता है जो स्वयं को जनता का व्यक्ति समझे, केवल विधायक बनकर नहीं। जनता से ऐसा जीवंत और आत्मीय जुड़ाव होना चाहिए कि लोग आपसे मिलने को उत्सुक हों, न कि किसी मजबूरी में। यदि कभी जनता में असंतोष दिखाई दे, तो जनप्रतिनिधि को धैर्य, संयम और संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुननी चाहिए।”
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति ने शिष्टाचार भेंट की। यह समिति किशोरी लाल  के सभापतित्व में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सात सदस्यीय दल के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा के भ्रमण पर आई थी।
इस अवसर पर श्री महाना जी ने कहा कि “हर विधायक की वास्तविक योग्यता जनता का विश्वास है। जनता के कारण ही हम सभी यहाँ बैठे हैं। जो जनप्रतिनिधि अपने पाँच वर्ष के कार्यकाल में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हैं, उन्हें चुनाव के समय कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।”
उन्होंने राजनीति को लेकर बनी नकारात्मक धारणाओं पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सकारात्मक अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि आज का विधायक सक्षम, उत्तरदायी और जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध होता है।
हिमाचल प्रदेश से आई समिति ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुए व्यवस्थागत एवं संरचनात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए इन्हें अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। भ्रमण के दौरान समिति के सदस्यों ने विधानसभा की कार्यप्रणाली को निकट से समझा और अपने अनुभव साझा किए।

पुण्य तिथि पर सीएम योगी ने बापू को किया नमन

Mahatma Gandhi

पुण्य तिथि पर महात्मा गांधी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्राद्ध सुमन अर्पित किए

  • मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
  • मुख्यमंत्री ने किया आमजन से बापू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

Published on 30.01.2026, Friday Time: 02:33 , UP News

लखनऊ, 30 जनवरी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धा व सम्मान के वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को नमन किया। इसके बाद कुछ क्षण मौन रहकर उन्होंने राष्ट्रपिता को स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर भी बापू को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आमजन से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

भजनों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। ‘रघुपति राघव राजाराम’ सहित अन्य भजनों की मधुर धुनों से जीपीओ पार्क गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकाग्रता के साथ लगभग 15 मिनट तक बैठकर भजनों को सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की, बल्कि गांधी प्रतिमा के समक्ष सभी स्कूली बच्चों के साथ फोटो भी खिंचाई।

सत्य और अहिंसा का संदेश
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर बापू को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। श्रद्धेय बापू का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा, संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेगी। आइए, बापू के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।’

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रपिता के चित्र व प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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