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प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, एम्प्लॉयमेन्ट जेनरेशन की स्थिति में सुधार

February 9, 2026

प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, एम्प्लॉयमेन्ट जेनरेशन की स्थिति में सुधार

विधान सभा सत्र आरम्भ होने के पूर्व मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : 09 फरवरी, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में आज से बजट सत्र प्रारम्भ हो रहा है। राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी का अभिभाषण और सामान्य बजट, यह बजट सत्र के दो महत्वपूर्ण एजेण्डे होते हैं। संसदीय परम्परा के अनुरूप इसकी शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी। राज्यपाल जी द्वारा समवेत सदन को अपना अभिभाषण सम्बोधन के माध्यम से दिया जाएगा। राज्यपाल जी का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी कार्ययोजना का एक दस्तावेज होता है, जिसे राज्यपाल जी द्वारा सदन के माध्यम से प्रदेश की जनता-जनार्दन को समर्पित किया जाता है। सभी सदस्य इस पर चर्चा करते हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान भवन परिसर में विधान मण्डल सत्र से पूर्व मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। वर्ष 2026-27 का सामान्य बजट आगामी 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा और फिर इस पर चर्चा होगी। अन्त में अनुदान मांगों को पारित किया जाएगा। बजट सत्र आज 09 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्यपाल जी के अभिभाषण के सदन के पटल पर रखे जाने के उपरान्त यह पहली बार होगा, जब उत्तर प्रदेश सरकार की आर्थिक उपलब्धियों पर आधारित आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में प्रस्तुत किया जायेगा। हमने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से उबारकर भारत की इकोनॉमी के ब्रेक-थ्रू स्टेट के रूप में स्थापित किया है। उन सभी कारकों और उत्तर प्रदेश के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार सभी माननीय जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता-जनार्दन को होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, आर्थिक उन्नयन, एम्प्लॉयमेन्ट जेनरेशन की स्थिति में सुधार तथा प्रदेश के वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण आदि विषयों से सम्बन्धित आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत होगी। राज्य को पिछले 05 वर्ष से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया गया है। राज्यपाल जी के अभिभाषण और बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों के लिए यह रिपोर्ट प्रदेश के डाटा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधान मण्डल लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधारस्तम्भ है। यह संवाद से चलता है, कार्रवाई को बाधित करके नहीं। हमारी सरकार संवाद से समस्या के समाधान पर विश्वास करती है। सरकार प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा-परिचर्चा करने तथा सभी सदस्यों के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने को तैयार है। उन सुझावों पर चर्चा करके राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है। लेकिन सदन की कार्रवाई को बाधित न किया जाए और अनावश्यक शोर-गुल से बचा जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सभी पक्षों के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि हमें विधायिका के सर्वोच्च मंच को जनता-जनार्दन से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने तथा संवाद से समस्या के समाधान की दिशा में एक नया मार्ग आगे बढ़ाने की दिशा में अपना प्रयास करना चाहिए। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश विधान मण्डल में कार्रवाई के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। यह वर्ष हमारी सरकार का 10वां बजट प्रस्तुत करने का है, ऐसे में यह सत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस पर पूरे प्रदेश और देश की निगाहें होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की स्पीड को और तीव्र करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। यह  अनेक प्रकार के विधायी कार्यों को सम्पन्न करने तथा समस्त सदस्यों के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का भी एक मंच बनेगा।

February 8, 2026

विधान सभा सत्र संचालन में दलीय नेता सहयोग करें: सतीश महाना

Yogi Adityanath

दलीय नेताओं की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वागत किया

Posted on 08.02.2026, Time: 08.01 AM, UP Assembly session 

लखनऊ, 08 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने 09 जनवरी 2026 से प्रारम्भ हो रहे 18वीं विधान सभा सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद तथा सकारात्मक चर्चा-परिचर्चा के माध्यम से लोकतंत्र सुदृढ़ होता है। विधानसभा चर्चा और परिचर्चा का मंच है, शोर-शराबे का नहीं। सहमति और असहमति लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं। शोर-शराबे से न तो सरकार की बात सामने आती है और न ही विपक्ष की।विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी दलीय नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष को सदन संचालन में सहयोग देने का आश्वासन दिया।

बैठक में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी विधान सभा है। स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही पूरे देश के विधान मंडलों के लिए एक मानक एवं आदर्श प्रस्तुत करती है। श्री महाना ने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व के इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा हुई है।विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने पक्ष को सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अंतर्गत रखें और प्रेमपूर्ण वातावरण में बहस करें। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व के सत्रों में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ है, उसी प्रकार इस सत्र में भी सहयोग की आशा है।इस अवसर पर सभी दलीय नेताओं ने विधान सभा अध्यक्ष की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि आपके दिशा-निर्देशन में विधान सभा में निरंतर कुछ नया देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि भविष्य में भी नए प्रयोगों के साथ विधान सभा में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।बैठक में नेता सदन एवं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ विकास को नई गति देने एवं आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। सरकार सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। संसदीय कार्य मंत्री ने माननीय मुख्यमंत्री जी की भावना के अनुरूप सभी दलीय नेताओं से सदन में शांतिपूर्ण सहयोग की अपील की।इस अवसर पर माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, माननीय नेता अपना दल (सोनेलाल) श्री राम निवास वर्मा, माननीय नेता राष्ट्रीय लोकदल श्री राजपाल बालियान, माननीय नेता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी श्री ओमप्रकाश राजभर, माननीय नेता निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल श्री रमेश सिंह, माननीय नेता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ तथा जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के माननीय नेता कुंवर रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के स्थान पर श्री विनोद सरोज ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए और सदन की कार्यवाही को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने में हर प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया।इससे पूर्व माननीय विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना के अतिरिक्त समिति के सदस्य श्री जयवीर सिंह, श्रीमती बेबी रानी मौर्य, श्री सुशील कुमार शाक्य, श्री जयप्रताप सिंह, श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, श्री पंकज सिंह, श्री रविदास मेहरोत्रा, डॉ. संग्राम यादव, श्री आशु मलिक तथा विशेष आमंत्रित सदस्य श्री रामनिवास वर्मा, श्री राजपाल सिंह बालियान, श्री रमेश, श्री ओमप्रकाश राजभर और श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ शामिल हुए।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री प्रदीप कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

February 7, 2026

SIR यूपी में समय सीमा 6 मार्च तक बढ़ाई गई

Navdeep Rinva CEO UP

नवदीप रिणवा , मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश

लखनऊ, 07 फरवरी 2026. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण- 2026 के अंतर्गत 6 मार्च, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएगी। उन्होंने बताया आपत्तियों के संबंध में फार्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि, अनुपस्थित आदि मतदाताओं के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तैयार किये जाने हेतु विलोपन कार्यवाही की जाती है। फॉर्म-7 में प्रस्तुत आवेदन के आधार पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मतदाता सूची से किसी मतदाता का नाम विलोपित किए जाने की कार्यवाही की जाती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 13(2) के अनुसार विद्यमान नामावली में नाम के प्रस्तावित समावेश के लिए प्रत्येक आपत्ति या नाम को हटाये जाने के लिए आवेदन प्ररूप-7 में होगा और केवल ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाएगा, जिसका नाम पहले से ही उस मतदाता सूची में सम्मिलित है। साथ ही आपत्तिकर्ता को फार्म-7 में स्वयं का विवरण यथा-नाम, मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या, स्वयं का एवं संबंधी का मोबाइल नम्बर इत्यादि देना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि फॉर्म-7 में प्राप्त आपत्तियों की सूची निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा फार्म-10 में तैयार की जाती है। दावे एवं आपत्तियों की अवधि में प्राप्त आपत्तियों की सूची फार्म-10 में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रतिदिन प्रदर्शित की जाती है तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को साप्ताहिक रूप से उपलब्ध करायी जाती है। साथ ही राजनैतिक दलों एवं जन सामान्य की सुविधा हेतु फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों की उक्त सूची (फार्म-10) जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रतिदिन अपलोड की जाती है, जिसका लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहता है।

उन्होंने बताया कि फार्म-7 में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए निस्तारण किया जाता है, जिसके अन्तर्गत नोटिस निर्गत करना, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन की कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट लगाया जाना तथा न्यूनतम 7 दिन की अवधि के पश्चात् निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा यथावश्यक सुनवाई की प्रक्रिया करते हुए प्रस्तुत आवेदन पर निर्णय लिया जाना सम्मिलित है। किसी व्यक्ति के नाम को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति के प्रकरण में आपत्तिकर्ता को फार्म-13 में नोटिस निर्गत की जाती है। जिस व्यक्ति का नाम सम्मिलित करने के विरूद्ध आपत्ति की गयी है उस व्यक्ति को फार्म-14 में नोटिस निर्गत की जाती है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1960 के नियम 19 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आपत्ति के संबंध में सुनवाई की तारीख, समय और स्थान निर्धारित कर उसकी सूचना अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा और सुनवाई की सूचना/नोटिस जारी करेगा। नियम 19 के अनुसार सूचना/निर्गत नोटिस के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऐसी हर आपत्ति की संक्षिप्त जाँच की जाएगी। इस हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा आपत्तिकर्ता/व्यक्ति को अपने समक्ष उपस्थित होने तथा समुचित साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु कहा जा सकता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा आवेदन थोक में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल व्यक्तिगत आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। यही सिद्धांत डाक से प्राप्त आवेदनों पर भी लागू होगा। थोक आवेदन का आशय उन आवेदनों से है जिन्हें अनेक व्यक्तियों की ओर से एक व्यक्ति द्वारा जमा किया जाता है। हालांकि परिवार के सदस्यों से जुडे़ एक साथ प्रस्तुत व्यक्तिगत आवेदनों को स्वीकार किया जा सकता है।

नशाखोरी को लेकर विहिप चलाएगा नशा मुक्ति अभियान: मिलिंद परांडे

  • समाज बढ़ रहे पारिवारिक विघटन पर विहिप नेता मिलिंद परांडे ने जताई चिंता
  • बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक का शुभारंभ
Bajrang Dal Meeting Lucknow

बजरंगदल की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांदे

Posted on 07.02.2026 Saturday, Time: 05.52 PM

लखनऊ। विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल की एस आर इंस्टीट्यूशंस,सीतापुर रोड बीकेटी लखनऊ में दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक का शुभारंभ विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, एस आर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन एवं विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, बजरंगदल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत, सह संयोजक विवेक ,पूज्य संत राम शरण दास जी महाराज, विश्व हिन्दू परिषद लखनऊ पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।।
इस अखिल भारतीय बैठक में पूरे देश से सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए जिसमें प्रत्येक प्रदेश की बजरंग दल की टोली उपस्थित रही।
कार्यक्रम में ही आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने बताया युवाओं में बढ़ रहे नशे को लेकर चिंता जताई और कहा समाज के विभिन्न वर्गों में युवा वर्ग नशे की दिशा में बढ़ता जा रहा है समाज में कई प्रकार के नशे को अपना रहा है। इसमें विशेष रूप से समाज को जागृत होकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने अपने संवाद में कहा कि आज परिवारों का विघटन होता जा रहा है। नई पीढ़ी के परिवारों में पारिवारिक कलह बढ़ती जा रही है । यह बहुत ही चिंता का विषय है। इसको लेकर समाज में आ रही कमियों को लेकर परिवार के बीच समन्वय की आवश्यकता है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया ने कहा कि 2023 में देश की 13 लाख महिलाएं लापता हुईं। इनमें से एक बड़ा वर्ग लव जिहाद का शिकार हुआ है। केरल की हजारों लड़कियां लव जिहाद का शिकार हुई। इस असंतुलन के पीछे कई अराजक तत्व योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिनमें विशेष रूप से धार्मिक मतांतरण, लव जिहाद, बांग्लादेश और म्यांमार से हो रही मुस्लिम घुसपैठ, और हिन्दू समाज में घटती जन्मदर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रूप से आर्थिक प्रलोभन, छल कपट या दबाव के माध्यम से मुसलमानों एवं ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण ने कई क्षेत्रों में स्थानीय हिन्दू जनसंख्या को कम किया है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री परांडे ने कहा कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत मुस्लिमों के एक वर्ग द्वारा हिन्दू युवतियों को फंसाकर उनका मतांतरण कराया जा रहा है, जो केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक हमला है। सीमावर्ती राज्यों जैसे असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और आर्थिक दृष्टिकोण से जागरूक हिन्दू समाज में परिवार सीमित रखने की प्रवृत्ति है, परंतु बाकी वर्गों में इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे असंतुलन और तेज होता जा रहा है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की रिपोर्ट ने भारत में जनसंख्या वितरण की गहराई से समीक्षा प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वर्गों में जन्मदर जहां स्थिर या बढ़ती हुई है, वहीं हिन्दू समाज में यह दर घट रही है। भारत के स्थायित्व, संस्कृति और एकता की रक्षा की आवश्यकता है। सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों, संतों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से अपील है कि वे इन विषयों पर जनजागरण में सहभागी बनें।

भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि के हाथों में: योगी आदित्यनाथ

CM UP Yogi Adityanath & CM UK Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में यमकेश्वर इंटर कालेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

लखनऊ : 06 फरवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आज पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री जी ने यमकेश्वर महादेव की पावन धरा को नमन करते हुए सभी को इण्टर कॉलेज के नवनिर्मित भवन की बधाई दी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। यह विकास एकतरफा नहीं है, बल्कि अपनी सभ्यता और संस्कृति तथा अपने उच्च आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित हो रहे हैं। भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि उसका एक पक्ष है। यह तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का सम्मान करते हुए हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करे। शिक्षण संस्थानों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल तथा जीवन निर्माण के केन्द्र बनें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर सनातन धर्मावलम्बी अपने आप को किसी न किसी गोत्र से सम्बन्धित करता है। यह गोत्र हमारी ऋषि परम्परा का प्रतिनिधित्व करता है, जो उनके प्रति हमारी कृतज्ञता को भी व्यक्त करता है। प्राचीनकाल में ऋषियों के आश्रम हमारी शिक्षा के केन्द्र थे, जिन्हें गुरुकुल भी कहते थे। यह गुरुकुल अध्ययन के साथ ही शिक्षा, शिल्प, कृषि, आयुर्वेद सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पारंगत बनाने के केन्द्र भी थे। यहां से निकले छात्र जीवन संग्राम में अपने आपको असहाय नहीं पाते थे। उनके लिए कोई कार्य छोटा अथवा कठिन नहीं होता था।
जीवन में वही सफल होता है, जो सकारात्मक भाव के साथ अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। यह हमारा सौभाग्य है कि वर्तमान में भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जो देश को विकास की नित नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने तक सीमित न रहे, बल्कि व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के केन्द्र भी बनें। हमें इस दिशा में बढ़ना होगा।
हमारे विद्यालय स्किल डेवलपमेन्ट के केन्द्र हो सकते हैं। उत्तराखण्ड सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर में स्मार्ट क्लासेज, स्किल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। वर्तमान समय की उभरती हुई तकनीकों का केन्द्र बिन्दु हमारे शिक्षण संस्थान बन रहे हैं। इस कॉलेज की स्थापना स्व श्री सोहन सिंह चौहान द्वारा की गयी थी। उस समय यमकेश्वर में साधन, सड़कें एवं विद्युत की व्यवस्था नहीं थी। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल तथा सड़कें हैं। आवागमन आसान हुआ है। अच्छी कनेक्टिविटी हो गई है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह आज से लगभग 45 वर्ष पहले यहां आये थे। उस समय इस क्षेत्र में मेला लगा था। तब कॉलेज भवन काफी जर्जर था। आदित्य बिरला ग्रुप ने उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर कॉलेज के नवीन भवन के निर्माण को पूर्ण किया। अब इसमें और अच्छी शिक्षा मिले, यह हमारा संकल्प होना चाहिए। हमें बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। आज आपके लिए शिक्षा आसान हो गई है। हम भी आई0आई0टी0, जे0ई0ई0, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयार कर सकते हैं। निर्धारित समय तक विद्यालय के उपयोग के बाद भी विद्यालय भवन का उपयोग हो। उसमें कुछ विशेष कक्षाएं चलायी जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें पाठ्यक्रम में भी कुछ नयापन करना चाहिए। यमकेश्वर महादेव का बहुत अच्छा मन्दिर है। यहां पर पर्यटन की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में विद्यालय को स्वयं को जोड़ना चाहिए। इसी प्रकार बागवानी, सब्जी की अच्छी खेती तथा ऑर्गेनिक फसलों के क्षेत्र में लोगों को तैयार करना चाहिए। यहां का जल प्राकृतिक और शुद्ध है। इस शुद्धता की कीमत हमें समझनी होगी। इस दिशा में नये प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। हमारे यह कार्य लोगों के लिए एक प्रेरणा होंगे। इस प्रेरणा का केन्द्रबिन्दु हमारे शिक्षण संस्थानों को बनना पड़ेगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि ‘विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं’ अर्थात विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को दिशा तथा समाज को संस्कार देती है और राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाती है। शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश में नई शिक्षा नीति लेकर आए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यावहारिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सनातन संस्कृति के रक्षक हैं। वह इसी भूमि में पैदा हुए हैं तथा उनके हृदय में देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। संन्यास, साधना और राष्ट्र सेवा का अद्भुत समन्वय योगी जी के व्यक्तित्व में दिखाई देता है। यह उन्हें एक साधारण राजनेता से कहीं ऊपर एक राष्ट्र पुरुष के रूप में स्थापित करता है। आज योगी जी ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की स्थापना की है। वह आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श है।
योगी जी ने भी इसी क्षेत्र में पढ़ाई की है। इसी क्षेत्र में साधारण परिस्थितियों में पैदा होने के बाद उन्होंने असाधारण काम किया है। उन्होंने अपने अनुशासन, परिश्रम और संकल्प से असाधारण ऊंचाइयां प्राप्त की हैं और आज देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं। योगी जी का जीवन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हां, कितनी भी कठिन क्यों ना हों, यदि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव हो, तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता है। हर चुनौती एक अवसर बन जाती है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा (बेसिक एवं माध्यमिक) मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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