Posted on 22.03.2026 Time 09.12 PM Sunday, By Uttar Pradesh Samachar Sewa
लखनऊ : 22 मार्च, 2026 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नर्सिंग, सेवा एवं संवेदना का कार्य है। नर्सिंग प्रोफेशनल्स की सेवा और संवेदना जब मरीज की सहयोगी बनती है, तो इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें डिग्री प्राप्त करने वाले योग्य विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत प्लेसमेण्ट की गारण्टी दी जा सकती है। आज भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग देश के साथ-साथ जापान, दक्षिण कोरिया तथा यूरोप के विभिन्न देशों सहित पूरी दुनिया में हो रही है।
मुख्यमंत्री आज यहां ‘मिशन रोजगार’ के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और उनसे संवाद किया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष सम्मिलित हैं। इस नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के साथ ही, सफल अभ्यर्थियों को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कानपुर, जे0के0 कैंसर इंस्टीट्यूट कानपुर, एल0पी0एस0 इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड कार्डियक सर्जरी कानपुर, एम0एल0एन0 मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, डॉ0 भीमराव रामजी आंबेडकर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय कन्नौज तथा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, बांदा, बदायूं, जालौन, सहारनपुर, मेरठ, आगरा, झांसी में भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले सरकारी तथा निजी क्षेत्र को मिलाकर प्रदेश में कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें केवल 17 गवर्नमेण्ट मेडिकल कॉलेज थे। निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों की संख्या अधिक थी। विगत 09 वर्षों में राज्य में सरकारी व निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 81 हो गयी है, जिसमें सरकारी क्षेत्र में स्थापित मेडिकल कॉलेजों की संख्या निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों से अधिक है। प्रदेश सरकार ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ी है। हमारा प्रयास है कि हर जनपद में एक नर्सिंग कॉलेज हो।
गोरखपुर तथा रायबरेली में एम्स स्थापित हो चुके हैं। जनपद महराजगंज, सम्भल तथा शामली में पी0पी0पी0 मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। यह मेडिकल कॉलेज केवल पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित नहीं हैं, बल्कि वह पब्लिक ट्रस्ट पार्टनरशिप बने हैं। सरकार में जनता का विश्वास है, इसलिए लोग हेल्थ सेक्टर में इन्वेस्टमेण्ट करना चाहते हैं। प्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों में सत्र समय से चलें, नियमित रूप से परीक्षाएं हों इत्यादि कार्यों के लिए कार्य कर रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में बन्द हो चुके ए0एन0एम0 व जी0एन0एम0 से जुड़े संस्थानों को पुनः प्रारम्भ किया गया है। प्रदेश में 31 नर्सिंग कॉलेजों का नये सिरे से निर्माण हो रहा है, क्योंकि जितना महत्व मेडिकल कॉलेज का है, उतना ही महत्व नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेजों का भी है। यदि डॉक्टर किसी चिकित्सा संस्थान का हेड है, तो नर्सिंग स्टाफ उस संस्थान की बैकबोन के रूप में कार्य करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग में 07 हजार तथा पैरामेडिकल में 02 हजार सीटों की वृद्धि हुई है। पूर्व में एम0बी0बी0एस0 की सीटें पहले 5,390 थीं, अब यह बढ़कर 12,700 हुई हैं। पी0जी0 की सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 हुई हैं। प्रदेश के 18 मेडिकल कॉलेजों में बी0एस0सी0 नर्सिंग का कोर्स संचालित है। 22 निर्माणाधीन कॉलेजों में कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है।
एस0जी0पी0जी0आई0 में डायबिटीज सेण्टर तथा 500 बेडेड पीडियाट्रिक सेण्टर की स्थापना की गयी है। इमरजेंसी मेडिसिन और रेनल ट्रांसप्लाण्ट सेण्टर शुरू किए गए हैं। एडवांस डायबिटीज सेण्टर में डायबिटीज और किडनी के मरीजों का एक ही छत के नीचे उपचार किया जा सकता है। आज एस0जी0पी0जी0आई0 प्रदेश के दूर-दराज के मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ उत्तराखण्ड, हरियाणा, ओडिशा तथा बेंगलुरु राज्यों में भी टेली कंसल्टेशन की सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि एस0जी0पी0जी0आई0 देश के अन्य संस्थानों की सहायता कर रहा है। यह मानवता के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में किडनी, लिवर, बोनमैरो ट्रांसप्लाण्ट तथा एडवांस न्यूरो साइंसेज सेण्टर आदि कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं और कुछ ने कार्य प्रारम्भ भी कर दिया है। यह संस्थान 06 मेडिकल कॉलेजों में टेली आई0सी0यू0 की व्यवस्था से जुड़ा है। वर्ष 2025 में के0जी0एम0यू0 ने एन0आई0आर0एम0 रैंकिंग में चिकित्सा विश्वविद्यालय की श्रेणी में पूरे देश में 8वां स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम लोग प्रदेश में अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में लेवल-2 ट्रॉमा सेण्टर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट, लखनऊ में सेण्टर फॉर एडवांस मॉलिक्युलर डायग्नॉस्टिक्स एण्ड रिसर्च फॉर कैंसर पब्लिक के लिए उपलब्ध है। यह संस्थान मुम्बई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की तर्ज पर अपनी सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के नागरिकों को उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में मॉडर्न मेडिसिन के साथ-साथ आयुष सेक्टर व ट्रेडिशनल मेडिसिन में नई सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में मातृ तथा शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आयी है। राज्य इस मामले में राष्ट्रीय औसत के समकक्ष खड़ा दिखायी दे रहा है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग सवा 09 करोड़ लाभार्थी जुड़े हुए हैं। अब तक 14 करोड़ 28 लाख आभा आई0डी0 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 976 सी0एच0सी0 में टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध है। यूनिफाइड डिजीज़ सर्विलांस प्लेटफॉर्म (यू0डी0एस0पी0) पर रीयल टाइम डिजीज टै्रकिंग हो रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सन् 1947 से वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10,000 थी। वर्तमान में 44,000 महिला कार्मिक उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्य कर रही हैं। हमारी सरकार ने पुलिस भर्ती में बेटियों के लिए 20 प्रतिशत स्थान आरक्षित किया है। राज्य सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया एवं भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से विगत 09 वर्षों में 09 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि नव चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स में बेटियों की संख्या बेटों से अधिक है। बेटी के जीतने पर दो घरों में खुशियां आती हैं। मरीज के जीवन में जीने की ललक पैदा करना नर्सों का दायित्व है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अच्छे होंगे, तो देश अच्छा होगा।
चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ0 नीरज बोरा व ओ0पी0 श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।