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बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

March 15, 2026

बरौली में सड़क सीमांकन पर बड़ा खेल!

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

लेखपाल पर मिलीभगत के आरोप, 40 कड़ी सड़क को दिखाया आधा—अवैध कब्जा बरकरार*

गोरखपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा बरौली में सड़क सीमांकन को लेकर बड़ा खेल सामने आने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व विभाग की टीम, खासकर स्थानीय लेखपाल की कथित मिलीभगत के कारण 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर वर्षों से चला आ रहा अवैध कब्जा आज भी जस का तस बना हुआ है। आरोप है कि रसूखदारों के दबाव में सीमांकन की प्रक्रिया को ही बदल दिया गया, जिससे सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को सीधा फायदा मिल गया और सड़क का दायरा सिमट कर रह गया।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा बरौली की लगभग 40 कड़ी चौड़ी सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे सड़क संकरी हो गई है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मामले को लेकर वर्ष 2025 में ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर सड़क का सीमांकन कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए 30 अप्रैल 2025 को राजस्व विभाग की टीम को मौके पर सीमांकन करने का निर्देश दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मई 2025 को जब राजस्व टीम सीमांकन के लिए गांव पहुंची और पैमाइश की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी अवैध कब्जेदार भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि इसके बाद स्थानीय लेखपाल और टीम के कुछ कर्मियों से उनकी बातचीत हुई और कथित रूप से रसूख के बल पर सीमांकन की दिशा ही बदल दी गई। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग 40 कड़ी होनी चाहिए थी, वहां सीमांकन को कम चौड़ाई में दिखाकर ग्रामीणों को गुमराह कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन का दायरा तुर्रा नाला पर बने पुल के एप्रोच मार्ग तक किया जाना था, लेकिन राजस्व टीम अधूरा सीमांकन दिखाकर ही वापस लौट गई। इससे अवैध कब्जेदारों को खुली छूट मिल गई और सड़क के किनारों पर कब्जा बरकरार रहा।
इधर, राजस्व विभाग की अधूरी कार्रवाई का फायदा उठाते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा तुर्रा नाला के पुल से जुड़े एप्रोच मार्ग पर सड़क निर्माण का काम भी करा दिया गया। आरोप है कि सड़क निर्माण में भी मानकों की अनदेखी की गई और पुरानी कच्ची सड़क पर ही गिट्टी डालकर पीचिंग कर दी गई। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई बढ़ने के बजाय और सिमट गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले सही तरीके से पैमाइश कर अवैध कब्जा हटाया गया होता, तो सड़क अपने निर्धारित आकार में बन सकती थी। लेकिन सीमांकन में कथित गड़बड़ी के कारण सड़क के दोनों ओर कब्जे बरकरार हैं और आज भी सड़क पतली होकर रह गई है।
स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल ने उपजिलाधिकारी सदर के निर्देशों की भी अनदेखी की। उनका कहना है कि यदि आदेशों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो अब तक सड़क से अवैध कब्जा हट चुका होता।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोबारा राजस्व टीम भेजकर सड़क की सही पैमाइश कराई जाए और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क की समस्या का समाधान संभव नहीं है और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ेगी।

साइबर ठगी के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

 

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

*बैंक खाते का दुरुपयोग कर लाखों रुपये के लेन-देन का आरोप, मोबाइल व अन्य सामान बरामद*

गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराध के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट अरुण कुमार एस ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि साइबर माध्यम से बैंक खाते का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 12 मार्च 2026 को एक महिला द्वारा शिकायत दी गई थी कि उसके परिचित युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसे सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत धनराशि और सिलाई मशीन दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान बैंक में खाता खुलवाने के नाम पर उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया गया।
आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर एक सिम कार्ड प्राप्त किया गया और उसी के माध्यम से बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया गया। इसके बाद महिला के खाते का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन किया गया।
शिकायत मिलने के बाद मामले में थाना खोराबर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में वंश निषाद पुत्र ओमप्रकाश निषाद निवासी नौसड़ थाना गीडा, शोभित गौड़ पुत्र सोनू गौड़ निवासी तारामंडल थाना रामगढ़ताल, शक्ति जायसवाल पुत्र रवि जायसवाल निवासी महादेव झारखंडी कूड़ाघाट थाना एम्स तथा शिवम पटवा पुत्र पशुपति पटवा निवासी कूड़ाघाट आवास विकास कॉलोनी थाना एम्स शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, एक पासबुक, एक एटीएम कार्ड तथा तीन एटीएम स्लिप बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे और बाद में उनके बैंक खातों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करते थे।
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह के साइबर अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश के झांसे में न आएं और यदि इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

March 14, 2026

UPSI परीक्षा को लेकर गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
14/03/2026

मंडलायुक्त-डीआईजी समेत अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण*

गोरखपुर।
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में शनिवार को मंडलायुक्त, पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र, जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा के दृष्टिगत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अभ्यर्थियों की चेकिंग और यातायात प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी में लगे पुलिस व प्रशासनिक कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, अभ्यर्थियों की सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाए तथा परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

March 13, 2026

युद्ध के बीच गैस को लेकर मची हलचल, गोरखपुर में प्रशासन अलर्ट

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

डीएम का सख्त आदेश – हर उपभोक्ता को मिलेगा सिलेंडर, 87 गैस एजेंसियों पर एसडीएम-सीओ की निगरानी*

गोरखपुर। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच देशभर में बन रहे हालात का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गोरखपुर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और घबराहट का माहौल देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग एहतियात के तौर पर गैस एजेंसियों और गोदामों पर पहुंचकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पहले से गैस सिलेंडर मौजूद है, वे भी दूसरा और तीसरा सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गई।
गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक रूप से अतिरिक्त सिलेंडर लेने की प्रवृत्ति से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गुरुवार सुबह शहर की दो गैस एजेंसियों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोदामों में उपलब्ध गैस सिलेंडरों का स्टॉक, आपूर्ति और उपभोक्ताओं को किए जा रहे वितरण की पूरी जानकारी ली। डीएम ने एजेंसी संचालकों से स्पष्ट तौर पर पूछा कि गोदाम पर कितने सिलेंडर पहुंचे, कितने उपभोक्ताओं को वितरित किए गए और वर्तमान में कितना स्टॉक शेष है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। एजेंसी पर आने वाले हर उपभोक्ता को नियमानुसार गैस उपलब्ध कराई जाए और अधिक से अधिक होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगे।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह भी जिलाधिकारी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने गैस एजेंसियों की आपूर्ति व्यवस्था, स्टॉक की स्थिति तथा वितरण प्रणाली की जानकारी जिलाधिकारी को दी और एजेंसी संचालकों को आवश्यक निर्देश भी दिए। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जनपद में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी एजेंसियों को नियमित रूप से आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।
दिन भर स्थिति की समीक्षा करने के बाद शाम को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों पर आने वाले हर उपभोक्ता को गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अब संबंधित एसडीएम और सीओ की होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कई ऐसे उपभोक्ता भी एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं जिनकी गैस बुकिंग नहीं है। ऐसे मामलों में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर बुक नहीं है तो उसे तत्काल संबंधित एजेंसी से गैस बुक कराने की व्यवस्था कराई जाए और अगले दिन उस उपभोक्ता को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने एक विशेष व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पहले से है उन्हें प्राथमिकता देते हुए लगभग 60 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएं, जबकि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग नहीं है उन्हें लगभग 40 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। इससे गैस वितरण में संतुलन बना रहेगा और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सुविधा मिल सकेगी।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए। एसडीएम और सीओ यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक एजेंसी पर कितने गैस सिलेंडर आ रहे हैं, किन-किन उपभोक्ताओं को कितने सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और कितना स्टॉक शेष है। इस पूरी व्यवस्था का नियमित रिकॉर्ड रखा जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
प्रशासन ने जनपद की सभी 87 गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी एसडीएम और सीओ अपने-अपने क्षेत्रों की गैस एजेंसियों पर नियमित रूप से नजर रखें और यदि कहीं भी अव्यवस्था, कालाबाजारी या उपभोक्ताओं को परेशान किए जाने की शिकायत मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए।
डीएम दीपक मीणा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी उपभोक्ता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है और जरूरत के अनुसार सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से अतिरिक्त गैस सिलेंडर लेने का प्रयास न करें। यदि लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर लेने लगेंगे तो इससे अन्य उपभोक्ताओं को असुविधा हो सकती है और वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद के प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हो और किसी भी परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर और भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनपद में गैस की आपूर्ति सामान्य है और सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसलिए आम जनता से संयम बनाए रखने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुकिंग कराने की अपील की गई है।

बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई, दो नाबालिग बच्चों को किया गया रेस्क्यू

Santosh Kumar Singh
Gorakhpur
12/03/2026

पुलिस ने बच्चों को शिक्षा के प्रति किया जागरूक, चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा

गोरखपुर। जनपद में बाल श्रम और बाल संरक्षण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है। पुलिस ने बच्चों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया।
जानकारी के अनुसार चेकिंग के दौरान थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की टीम को दो नाबालिग बालक संदिग्ध परिस्थितियों में कार्य करते हुए मिले। पूछताछ में दोनों बच्चों के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने उन्हें तत्काल रेस्क्यू कर लिया।
रेस्क्यू के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को बाल श्रम से होने वाले नुकसान और पढ़ाई के महत्व के बारे में समझाया तथा उन्हें शिक्षा की ओर प्रेरित किया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए सिटी चाइल्ड हेल्पलाइन गोरखपुर के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में बाल श्रम और बाल तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, साथ ही बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

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