Sarvesh : : UP News | UP Web News | Page 6

Web News

www.upwebnews.com

मैनपुरी में दबंगों का तांडव, घर में घुसकर मारपीट व फायरिंग

March 26, 2026

मैनपुरी में दबंगों का तांडव, घर में घुसकर मारपीट व फायरिंग

मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रूपपुर भरतपुर में दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने गांव के ही कई लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता विनीता देवी पत्नी पुष्पेंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसपी गणेश प्रसाद साहा को दिये गये प्रार्थना पत्र में पीड़िता के अनुसार बीते 25 मार्च 2026 को सुबह करीब 5:35 बजे गांव के ही सत्यभान, अरविंद, शीलेंद्र, पुत्रगण रामसनेही, विजय सिंह, रामसेवक, राजीव, अमन पुत्रगण शीलेन्द्र, हिमांशु पुत्र अरविंद व फूलनश्री पत्नी अरविंद, अमिशा व जूली पुत्री अरविंद, अंकित पुत्र सत्यभान, आरजू पुत्र सत्यभान सहित कई लोग एकराय होकर लाठी-डंडे, सरिया और लाइसेंसी बंदूक लेकर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि दबंगों ने घर में जमकर तोड़फोड़ की और लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट की गई। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हिमांशु ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे पीड़िता जमीन पर गिर गई और बाल-बाल बच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना में घायल पीड़िता की भतीजी अनामिका को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का कहना है कि उसने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन थाने पर तहरीर देने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मैनपुरी पुलिस का कहना है कि मामले को लेकर कोतवाली इंस्पेक्टर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।

केएम विश्वविद्यालय में भव्य शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम में गायिका सुनंदा ने बांधा समां

ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर हो जाता है तरोताजा

कुलसचिव ने प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गायिका के जीवन चरित्र से कराया छात्र-छात्राओं को अवगत

मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में आज दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर भव्य शास्त्रीय संगीत की सुरमयी महफिल सजी। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवी सिंह भारतीय शास्त्रीय गायन की दिग्गज और पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा, विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डा. पूरन सिंह, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे ने संयुक्त रूप से ज्ञान व संगीत की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने शास्त्रीय संगीत की प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा हिमाचल प्रदेश के पठानकोट के पास स्थित गांव दाह के शांत वातावरण में उनका जन्म हुआ और पांच वर्ष की आयु में अपने पिता पंडित सुदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत का प्रशिक्षण शुरू किया। संगीत में स्नातक करते हुए पंजाब विश्वविद्यालय से भारतीय शास्त्रीय गायन में स्वर्ण पदक के साथ मास्टर की उपाधि प्राप्त की। हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में उनकी प्रतिभा को देखकर पदम विभूषण से सम्मानित डा. विदुषी गिरिजा देवी ने उन्हें शिष्या के रूप में स्वीकार की और उन्हें पंडित किशन महाराज और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे दिग्गजों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। सुनंदा शर्माजी नौ वर्षों तक बनारस और कोलकाता में अपनी गुरु के साथ रहीं और संगीत की उन बारीकियों को आत्मसात किया जो आज उनके गायन की पहचान बन चुकी है। हालाँकि उनकी मुख्य विशेषज्ञता ’ख्याल’, ’टप्पा’, ’ठुमरी’, ’दादरा’ और ’चैती’ गायन में है, लेकिन उन्होंने पंजाब और हिमाचल की लोक-परंपराओं, भक्ति संगीत और विभिन्न संस्कृतियों के मेल से बनी संगीत-शैलियों को भी अपनाया है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में अपनी प्रस्तुतियाँ दी हैं, जिनमें ’तानसेन संगीत सम्मेलन’, ’सप्तक महोत्सव’, ’ठुमरी महोत्सव’ और ’स्पिक मैके’ के कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने लंदन, पेरिस, ब्रसेल्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देशों के अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
गायिका के जीवन वक्तत्व को सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुनंदा शर्माजी ने सभागार में मौजूद सभी को नमस्कार करके संबोधन किया, उन्होंने कहा गुरु गिरिजा देवी के साथ रहना केवल संगीत सीखना ही नहीं था, बल्कि यह जीवन जीने का एक सलीका सीखना था, उन्होंने संगीत के हर सुर में अनुशासन के साथ-साथ भाव भी होना चाहिए, उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से कहा शिक्षा हो या किसी भी मैदान में ध्यान होना अहम बात है, ध्यान केन्द्रित करने से तन, मन के साथ शरीर भी ताजा हो जाता है, उन्हीं में से एक क्षण संगीत सुनना भी है। आपकी शिक्षा यात्रा में जिम्मेदारी है, जिसमें ड्रिप्रेशन होना संभव है, जिसे संगीत दूर कर सकता है, संगीत ईश्वर की देन है। प्रख्यात गायिका सुनंदा शर्मा ने स्वर विस्तार और तानों की सधी हुई प्रस्तुती देते हुए देशी राग, भजन में पायो जी मैंने (राम भजन) और रघुपति राघव राजा राम….’ के भजनों का रसापान कराया। राग में श्रृंगार और विरह के भावों का सुंदर संगम देखने को मिला। गायिका ने राग की प्रकृति के अनुरूप भावों का संतुलित संप्रेषण किया, जिस पर सभागार तालियों से गूंज उठा। सुनंदा शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुती से श्रोताओं को मंत्रमग्ध कर दिया और भक्ति के रंगों से सराबोर कर दिया। हारमोनियम पर पंडित सुमित मिश्रा, तबले पर पंडित गोपाल मिश्रा की संगत ने प्रस्तुति को सशक्त आधार दिया। कार्यक्रम के अंत में केएम विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव ने प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा को सम्मानित किया और उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किए। विवि के कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपराओं को संरक्षित करने का यह प्रयास है, ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति की कालजयी विरासत के और करीब लाने का प्रयास है, ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय में भविष्य में भी होते रहेंगे, जिससे छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति को जान सकें। इस दौरान कार्यक्रम में ’स्पिक मैके’ की शैफाली मल्हौत्रा, केएम पशु चिकित्सालय के डीन डा. अजय प्रकाश, एसोसिएट डीन डा. पीताम्बर सिंह, प्रोफेसर डा. अशोक कुमार, खेल निदेशक आरके शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल सहित विवि के सभी संकायों के डीन-प्रोफेसरों सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।

अकबरपुर स्थित बृजेश्वरी माता मंदिर पर लगा मेला 

 अकबरपुर में माँ बृजेशवरी का है प्राचीन मंदिर नवरात्र की अष्टमी को होती है छंद प्रतियोगिता
चौमुहां। ब्लाक के गांव  अकबरपुर में अष्टमी को ब्रज ब्रजेश्वरी पदम् मुखी माता मंदिर पर अष्टमी को विशाल  मेले का आयोजन किया गया। इसके साथ ही भजन मंडलियो के मध्य छंद प्रतियोगिता हुई । जिसमें भक्तगणों ने छन्दों द्वारा मईया की महिमा का गुणगान किया । मेला में अकबरपुर चौमुहां तरौली नौगाँव सिहाना कोंकेरा नरी अहूरी आदि गांव के ग्रामीण मेला व छंद प्रतियोगिता देखने पहुचे । इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने अपनी कुलदेवी,के सामने बच्चों का मुंडन भी कराया। छोटे छोटे बच्चों ने झूले व खिलौनो,का आनंद लिया।मंदिर प्रांगण में हो रही छंद प्रतियोगिता मेला दर्शकों में आकषर्ण का केंद्र बन रही थी । जिसमे मेरी भवर नाव चकराई है तू आदिशक्ति महारानी है तीनो लोक में जानी है तू तीनों ही देव जने आदि छंद गाए। प्रतियोगिता में चौमुहां से दो मंडली और अकबरपुर से भी दो मंडलियो ने भाग लिया जिसमें पांचों मंडली छंद प्रतियोगिता में बराबर रही। प्रधान प्रतिनिधि भरत सिसौदिया ने सभी मंडलियों को 3100 रुपए पटुका  देकर पुरुस्कृत किया गया । पुजारी हुकम चंद ने बताया प्रतिवर्ष चैत्र माह की अष्टमी को यहां मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें मईया के गुणगान के छंद भी गाए जाते है। लाखन सिंह हेमन्त शर्मा  विष्णु हिंदुस्तानी जितेंद्र गुप्ता पोपली भगत कारे भगत राजू भगत नारायण हरि शर्मा रामू राम नारायण तिवारी चिंतामणि शर्मा लखन शर्मा धर्मवीर शर्मा पप्पू रमेश आदि उपस्थित रहे ।

जमानत न मिलने से आहत विचाराधीन कैदी ने की आत्महत्या, इलाज के दौरान मौत

मथुरा। जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जमानत न मिलने से मानसिक तनाव में चल रहे कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान सुरेश, निवासी गोवर्धन के रूप में हुई है। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में मई 2025 से जिला कारागार में बंद था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे सुरेश शौचालय के लिए गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। लगभग दस मिनट बाद ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को संदेह हुआ, जिसके बाद शौचालय का दरवाजा खोला गया।
अंदर का दृश्य देखकर जेलकर्मी सन्न रह गए। सुरेश ने अपने लोअर को गेट की कुंडी में बांधकर फांसी लगा ली थी। तत्काल उसे नीचे उतारकर जेल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुरेश लंबे समय से जमानत न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। परिजनों द्वारा हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील भी की गई थी, लेकिन 24 मार्च को भी मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। घटना से पहले उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत कर नाराजगी जताई थी।
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।

हाथरस में प्रेम प्रसंग को लेकर फायरिंग, युवक घायल

हाथरस, हाथरस जनपद के थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव ओड़पुरा बरवाना में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक पर फायरिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी सुभाष पुत्र जगदीश का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध चल रहा था, जिसे लेकर युवती के परिजन उससे रंजिश रखने लगे थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार को सुभाष अपने भाई के लिए दवा लेने जा रहा था, तभी युवती के परिजनों ने उसे घेर लिया और पहले मारपीट की। इसके बाद फायरिंग कर दी, जिसमें गोली सुभाष की कमर को छूते हुए निकल गई। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
« Newer PostsOlder Posts »