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ताजगंज में भीषण आग से परिवार की रोजी-रोटी राख, लाखों का नुक़सान

March 31, 2026

ताजगंज में भीषण आग से परिवार की रोजी-रोटी राख, लाखों का नुक़सान

आगरा। ताजगंज थाना क्षेत्र स्थित राठौर मंदिर के पास तुलसी चबूतरा के पीछे बस्ती में आज सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर के भीतर रखा सामान और परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा ‘राधा मोहन साड़ी सेंटर’ चंद मिनटों में लपटों की भेंट चढ़ गया।

बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में जीवनयापन करता है। परिवार का पालन-पोषण सनी नामक दुकानदार करता है, जो वर्षों से साड़ी का छोटा कारोबार कर अपने घर का खर्च चला रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सनी लंबे समय से मेहनत-मजदूरी और छोटे व्यापार के सहारे अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। अचानक लगी इस आग ने परिवार की पूरी पूंजी और भविष्य की उम्मीदों को झकझोर कर रख दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही घर से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं, आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बस्ती के लोग तुरंत मौके पर जुटे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता राजेश राठौर तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए ताजगंज पुलिस प्रशासन को तुरंत अवगत कराया। साथ ही स्थानीय निवासियों ने भी बिना देर किए फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते राहत कार्य शुरू होने से आग को आसपास के अन्य मकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

भाजपा नेता राजेश राठौर ने बताया कि पीड़ित परिवार की दुकान में करीब चार से पांच लाख रुपये का साड़ी का माल रखा हुआ था। इसके अलावा दुकान में नकद रकम भी मौजूद थी, जो आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गई। उन्होंने कहा कि इस हादसे में परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में राख हो गई।

हालांकि इस दर्दनाक हादसे में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। आग के दौरान घर में मौजूद लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताया और कहा कि सामान फिर से जुटाया जा सकता है, लेकिन जान बचना सबसे बड़ी राहत है।

घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में लोग जुट गए। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और व्यापार दोबारा शुरू करने के लिए सहयोग दिया जाए, ताकि यह गरीब परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।