Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/03/2026
गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश, लापरवाही पर ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी
गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने जिलाधिकारी दीपक मीणा के साथ महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुष विश्वविद्यालय, भटहट का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का कार्य केवल 60 प्रतिशत ही पूरा पाया गया, जिस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कार्यदायी संस्था मेसर्स विजय निर्माण कंपनी को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि बार-बार समय सीमा बढ़ाने की प्रवृत्ति बंद करते हुए ऑडिटोरियम का कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। इसके बाद पंचकर्म कियोस्क सहित अन्य अपूर्ण कार्यों का भी निरीक्षण किया गया।
समीक्षा बैठक में कुलपति प्रो. के. रामचंद्रा रेड्डी ने जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था, बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल, लिफ्ट, पाथ-वे के पास नालियों पर कवर, मलबा हटाने, एडमिन बिल्डिंग की मरम्मत, मार्चरी और गेस्ट हाउस के अधूरे कार्यों की ओर ध्यान आकर्षित कराया।
मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सभी लंबित कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से छात्रावास को 24 घंटे के भीतर पूरी तरह क्रियाशील करने का आदेश दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इस दौरान समीक्षा बैठक में कुलसचिव अजीत कुमार जायसवाल सहित कार्यदायी संस्था और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार भी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में गैंगस्टर कोर्ट का फैसला
गैंगस्टर में आरोपी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और केशव शर्मा भी गैंगस्टर में दोषी माना गया
-सजा पर गुरुवार को फैसला
-2022 मे स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक हत्याकांड व एक अन्य घटना में पुलिस ने की थी गैंगस्टर की कार्रवाई
Post on 25.3.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
कुशांक हत्याकांड से संबंधित गैंगस्टर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने ललित कौशिक के अलावा भीमसेन उर्फ भीम व केशव शरण शर्मा को भी दोषी ठहराया है। गुरुवार को अदालत में सजा पर फैसला होगा।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक पर कुशांक के अलावा बहुचर्चित सीए हत्याकांड, अनुज कुमार चौधरी हत्याकांड समेत अन्य कोर्ट में विचाराधीन हैं। दो अन्य मामलों में कोर्ट से ललित कौशिक को सजा भी सुनाई गई हैं। गैंगस्टर एक्ट में भी दोषी करार दिए जाने के बाद अब फिर सजा पर निर्णय होगा।
विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार त्यागी का कहना है कि कोर्ट में तीनों पर दो मामलों में निरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में सुनवाई चल रही थी।कोर्ट में दोनों और से सुनवाई करते हुए पक्षों को सुना।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट एडीजे -पांच रेशमा चौधरी ने तीनों को साक्ष्य के आधार पर दोषी ठहराया। सुनवाई के चलते बुधवार को ललित कौशिक को अदालत में पेश भी किया गया।अदालत में गुरुवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई होगी। सजा पर सुनवाई के चलते दोषियों को मुरादाबाद जेल में भेजा गया है।
*हत्याकांड के बाद पुलिस ने ललित कौशिक गैंगस्टर में किया था निरुद्ध*
मुरादाबाद।
मूंढापांडे के पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक के खिलाफ कई अपराधिक मामले चल रहे हैं। पाँश कालोनी राम गंगा विहार में स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की 12 जनवरी, 22 को हत्या हुई। मार्च,2023 को मझोला में सीए हत्याकांड हुआ। कुशांक मामले की जांच के दौरान करीब एक साल बाद ललित कौशिक की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने अपराधिक घटनाओं में आरोपी की भूमिका मानते हुए एक जून, 2023 को ललित कौशिक को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया। पाँक्सो के एक अन्य मामले में भी गैंगस्टर कोर्ट में सुनवाई चली।
दरअसल पुलिस ने हत्याकांड में पूर्व प्रमुख ललित कौशिक, भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम और पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव शरण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फरार चल रहे ललित कौशिक को एक साल बाद गिरफ्तार किया गया।
बाद में पुलिस ने मामलों में तीनों को गैंगस्टर एक्ट में भी निरुद्ध किया।
गैंगस्टर मामले की यहां विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट मामले में सुनवाई चली।विशेष लोक अभियोजक का कहना है कि बुधवार को अदालत ने गैंगस्टर एक्ट में दोनों पक्षों को सुनने के बाद ललित कौशिक समेत तीन को गैंगस्टर में दोषी माना।
*मूंढापांडे में मजदूर अपहरण
और आर्म्स एक्ट में भी मिल चुकीं सजा*
मुरादाबाद।
कई मामलों में आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को अब तक दो मामलों में कोर्ट से सजा मिली है। इनमें मूंढापांडे में मजदूर अपहरण केस में दस साल और आर्म्स एक्ट में भी सजा सुनाई गई थी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख पर बहुचर्चित सीए हत्याकांड, कुशांक गुप्ता मर्डर केस और भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड में भी आरोपी है।
भाजपा नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक को एडीजे-पांच ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में मूंढापांडे में ईंट भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश के अपहरण और बंधक बनाकर फैक्ट्री में रखने के मामले में दोषी करार दिया था। कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर ललित कौशिक को दस साल की कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के मामले में भी अदालत ने दोषी करार देते हुए ललित कौशिक को सजा सुनाई गई थी।
बरूकी( बिजनौर) 25 मार्च: बोरिंग और ओवरहेड टैंक तैयार होने के कई माह बाद भी ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति नहीं!!!!* विकासखंड मोहम्मदपुर देवमल, तहसील सदर बिजनौर की ग्राम पंचायत बरूकी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुरानी टंकी खराब होने के कारण नई टंकी का ओवरहेड टैंक का निर्माण और बोरिंग पूरा होने एवं योजना शुरू होने के लगभग चार वर्ष बाद भी ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की अभी आस नहीं जगी है। प्राप्त विवरण के अनुसार वर्ष 2025 में ग्राम पंचायत बरूकी में पुरानी टंकी खराब होने के कारण नई टंकी का निर्माण जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराया गया है। वर्तमान में नवनिर्मित टंकी का ओवरहेड टैंक और बोरिंग पूर्ण हो चुका है। लगभग दस हजार की आबादी वाले इस गांव में इस नवनिर्मित टंकी से स्वाछ पेयजल की आपूर्ति की जानी है, लेकिन नवनिर्मित टंकी का ओवरहेड टैंक और बोरिंग पूरा होने के बावजूद भी अभी तक ग्रामीणों को नई पानी की टंकी से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की आस नहीं जगी है। पूर्व ग्राम प्रधान चौधरी पोखर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान ब्रह्मपाल सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान रामपाल सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान चौधरी करतार सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान पति अब्दुल मजीद, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बृजपाल सिंह कश्यप, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहम्मद फैयाज, वर्तमान ग्राम प्रधान पति सोनू पाल, ग्राम प्रधान संगठन के जिला अध्यक्ष सचिन मलिक, उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत संगठन के जिला अध्यक्ष विकुल मलिक, भारतीय किसान यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार आदि ने नवनिर्मित पानी की टंकी से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति न किए जाने पर आपत्ति जताते हुए विभाग की लापरवाही करार दिया। तथा कहा कि जल निगम के अभियंता जानबूझकर इस नवनिर्मित पानी की टंकी को चालू नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण गर्मी के मौसम में इस दस हजार की आबादी वाले ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए तरसना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से हस्तक्षेप करते हुए इस नवनिर्मित पानी की टंकी को शीघ्र चालू करने की मांग की है।