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हॉर्मूज खोलने के लिए 6 देश एकजुट

March 20, 2026

हॉर्मूज खोलने के लिए 6 देश एकजुट

Posted on 20.03.2026 Friday Time 10.22 AM London

लंदन 20 मार्च 26, हॉर्मूज जलडमरू मध्य मार्ग से निर्बाध आवाजाही रखने के लिए छह देश एकजुट हुए हैं।इन्होंने ईरान से अपील की है कि वह इस मार्ग में बाधाएं उत्पन्न करना बंद करे। साथ ही ऊर्जा क्षेत्रों पर हमले बंद किए जाएं।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय की ओर से जारी संयुक्त बयान में, इन देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और उससे तुरंत कार्रवाई रोकने को कहा है। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए बंद करने की धमकी देना, बारूदी सुरंग बिछाना तथा ड्रोन और मिसाइल हमले तुरंत बंद करे।

बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में रुकावट और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री मार्गों की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक अहम सिद्धांत है और ईरान की कार्रवाई का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रम्प ने नाटो सहित अन्य देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने में मदद करें।

ईरान पर अमरीका और इस्राएल के हमलों से तेल और गैस केंद्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं।

Six countries have united to keep unhindered movement through the Strait of Hormuz central route. They have appealed to Iran to stop creating obstacles in this path. At the same time, attacks on energy sectors should be stopped. In a joint statement issued by the office of UK Prime Minister Keir Starmer, these countries strongly condemned the attacks by Iran and called on it to immediately stop its actions. He urged Iran to immediately stop threatening to close the Strait of Hormuz to merchant vessels, laying landmines, and launching drone and missile attacks.

कतर के तेल और गैस उत्पादन केंद्रों पर हमले की भारत ने निंदा की

Posted on 20.03.2026 Friday Time 10.04.2026, New Delhi

नई दिल्ली 20 मार्च 26, भारत ने कतर के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों की निंदा की है। साथ ही कतर के अमीर से बात करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद की बधाई दी।

India has condemned the attacks on energy plants in Qatar. Prime Minister Narendra Modi also spoke to the Emir of Qatar to convey Eid greetings.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ टेलीफोन पर बात कर ईद की शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा कि भारत कतर के साथ एकजुटता से खड़ा है और क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे पर हमले की निंदा करता है। सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कतर में भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता की कामना की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन पर ज़ोर दिया।

ईरान और हिजबुल्ला समर्थित आतंकी नेटवर्क का खुलासा

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Posted on 20.03.2026, Friday Time 09.41 AM, Source PB News
दुबई, 20 मार्च 2026, संयुक्‍त अरब अमीरात ने ईरान समर्थित आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया है। नेटवर्क को लेबनान के हिजबुल्ला और ईरान से धन मिल रहा था। नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह समूह एक फर्जी व्यापारिक संगठन बनाकर सक्रिय था।
अमीरात सरकार के अनुसार, यह नेटवर्क हिजबुल्ला और ईरान से जुड़े विदेशी संगठनों के साथ एक पूर्व नियोजित रणनीति के अनुसार काम कर रहा था। प्रशासन ने कहा कि अमीरात की सुरक्षा या स्थिरता को खतरे में डालने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

March 19, 2026

राष्ट्रपति ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की 

Posted on 19.03.2026 Time 08.48 PM Thursday, Ayodhya 
  • श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया
  • प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया, इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात : राष्ट्रपति
  • आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही : मुख्यमंत्री
अयोध्या : 19 मार्च, 2026,  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  ने आज चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत्-2083) पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की तथा श्रीरामलला का दर्शन-पूजन किया।
राष्ट्रपति जी ने देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतवासियों और श्रीराम भक्तों को नव वर्ष तथा आगामी रामनवमी पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने इस अयोध्या नगरी में जन्म लिया। इसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना अत्यन्त सौभाग्य की बात है। ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’, अर्थात् प्रभु श्रीराम ने इस भूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था। इसी अयोध्या अर्थात् अवधपुरी और आसपास की लोकभाषा में सन्त तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस की रचना की थी। मानस में प्रभु श्रीराम सीता माता से कहते हैं कि ‘जद्यपि सब बैकुंठ बखाना, बेद पुरान बिदित जगु जाना, अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ’, अर्थात् सबने बैकुण्ठ का बखान किया है तथा वह वेद-पुराणों में वर्णित तथा जग प्रसिद्ध है, लेकिन बैकुण्ठ भी हमें अवधपुरी जैसा प्रिय लगता है।
राष्ट्रपति जी ने प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री जी को लिखे गये अपने पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि उस पत्र में यह भाव व्यक्त किया गया था कि सौभाग्य की बात है कि हम सब अपने राष्ट्र की पुनर्स्थापना के नये काल चक्र के शुभारम्भ के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस एवं सनातन नव संवत्सर पर अयोध्या आकर स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रही हूं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि हम सभी एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वर्ष 2047 या सम्भवतः उससे पूर्व ही हम विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे। 21वीं सदी में हमारे समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र की परिकल्पना राम राज्य के वर्णन में प्राप्त होती है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं, ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना, नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना’, अर्थात् राम राज्य में कोई भी दुःखी, निर्धन, बुद्धिहीन और संस्कारहीन नहीं है। विगत दशक के दौरान देश के 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से उबारा गया। राम राज्य का आदर्श आर्थिक समृद्धि और समाजिक समरसता के उच्चतम मानकों को प्रस्तुत करता है। प्रभु श्रीराम का माता शबरी से भावपूर्ण मिलन, निषादराज से स्नेह-सम्बन्ध, युद्ध में कोल-भील, वानर समुदाय का सहयोग लेना, जटायु, जामवन्त आदि को सम्मान तथा स्नेह की प्रेरणा प्रदान करना जैसे अनेक प्रसंग सर्वस्व समावेशी जीवन दर्शन अपनाने का आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि वर्तमान सन्दर्भ में यह सुखद है कि सामाजिक समावेश तथा आर्थिक न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जीव-जन्तुओं की सुरक्षा हेतु बड़े पैमाने पर तय किये गये लक्ष्यों को मूर्त रूप प्रदान किया जा रहा है। राम राज्य के आदर्शां पर चलते हुए हम सब नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे। प्रभु श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का आदर्श वाक्य है, ‘रामो विग्रहवान् धर्मः‘, अर्थात् प्रभु श्रीराम धर्म के प्रतिमान स्वरूप हैं। धर्म के व्यापक अर्थों के आधार पर निजी और सामूहिक जीवन को संचालित करके ही हम प्रभु श्रीराम की सच्ची आराधना कर सकेंगे।
प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से इस मन्दिर तथा परिसर की भव्यता बढ़ती ही जा रही है। मैं माता अन्नपूर्णा, माँ दुर्गा, प्रभु श्रीराम परिसर तथा श्रीरामलला का दर्शन कर धन्य हो गयी हूँ। प्रभु श्रीराम की असीम कृपा से आज इस पावन परिसर में पुण्य लाभ की प्राप्ति हुई है। सप्त मन्दिर में माता शबरी, निषादराज, माता अहिल्या, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र तथा महर्षि अगस्त्य की पवित्र मूर्तियों का दर्शन करने व आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है। सभी देवी-देवताओं की कृपा देशवासियों पर बनी रहे, हम सब आधुनिक विश्व में राम राज्य जैसी व्यवस्था स्थापित कर सकें। हम सब जनसामान्य की भाषा में सुनते रहे हैं कि ‘मुझमें राम, तुझमें राम, हम सबमें राम समाए‘। रामभक्ति के पवित्र बन्धन में जुड़कर पुण्य के भाव के साथ हम राष्ट्र का निर्माण करें।
इस दिव्य मन्दिर में द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह प्रभु श्रीराम की असीम कृपा का प्रमाण है। यह श्रीराम यंत्र कांची कामकोटि पीठम के पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती जी द्वारा प्रदत्त है। प्रभु श्रीराम और भगवान शंकर के बीच दैवीय स्नेह के आदर्शों को उनके भक्तों ने अपनी उपासना पद्धतियों में बनाये रखा है।
राष्ट्रपति जी ने कहा कि श्री रामेश्वर में शिवलिंग की स्थापना और विधिवत पूजा करने के पश्चात स्वयं प्रभु श्रीराम ने गोस्वामी तुलसीदास जी के शब्दों में कहा कि ‘सिव समान प्रिय मोहि न दूजा‘। श्रीराम यंत्र भगवान शंकर की उपासना परम्परा से जुड़े कांची कामकोटि पीठ तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के बीच प्रगाढ़ स्नेह का प्रतीक है। यह पारस्परिक स्नेह हमारी सनातन परम्परा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। यह मन्दिर परिसर कला और शिल्प की अनुपम अभिव्यक्तियों से समृद्ध है। ऐसा लगता है कि मानो स्वयं भगवान विश्वकर्मा जी ने यहाँ विद्यमान निर्माण और शिल्प से जुड़ी संस्थाओं, शिल्पकारों और श्रमिकों को कुशलता और प्रेरणा प्रदान की है। सभी श्रमिक, शिल्पकार और निर्माण संस्थाएँ सराहना की पात्र हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेशवासियों को भारतीय कालगणना के प्रथम दिवस पर प्रारम्भ हिन्दू नव संवत्सर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह नववर्ष सभी के जीवन में नवचेतना, नवऊर्जा और नवसंकल्प का संचार करे। यह शुभ और पावन संयोग है कि श्रीराम मन्दिर के द्वितीय तल के गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की स्थापना हो रही तथा हिन्दू नववर्ष का प्रथम प्रभात उदित हो रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने ‘रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः’ श्लोक से अपने सम्बोधन की शुरूआत करते हुए कहा कि आज भारतीय नव सम्वत्सर की प्रथम तिथि पर, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के परिपूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना की जा रही है। अब हम अयोध्या के बारे में वह बातें कह सकते हैं, जिन्हें प्रभु श्रीराम ने स्वयं कहा था कि ‘अवधपुरी सम प्रिय नहिं सोऊ, यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ, जन्मभूमि मम पुरी सुहावनि, उत्तर दिसि बह सरजू पावनि’। सरयू माता इस अयोध्या धाम को अपने निर्मल जल से पवित्र करते हुए पूरे क्षेत्र को आलोकित कर रहीं हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के लिए भूमि-पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, श्रीराम दरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ध्वजारोहण तथा आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्य प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी को आनन्द से परिपूर्ण कर देता है।
भारत की आस्था अनेक प्रकार के संघर्षों व विप्लवों को झेलने के बाद भी 500 वर्षों तक निरन्तर बनी रही। शासन चाहे जिसका रहा हो, संघर्ष हमेशा जारी रहा। परिणामस्वरूप 500 वर्षों की प्रतीक्षा के उपरान्त श्रीरामलला अयोध्या धाम में अपने मन्दिर में विराजमान हुए हैं। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर भव्य मन्दिर मात्र नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्र मन्दिर का प्रतीक बन चुका है। आज रामराज्य की अवधारणा साकार होती हुई दिखायी दे रही है। ‘राम राज बैठें त्रैलोका, हरषित भए गए सब सोका, बयरु न कर काहू सन कोई, राम प्रताप बिषमता खोई। बरनाश्रम निज निज धरम, निरत बेद पथ लोग, चलहिं सदा पावहिं सुखहि, नहिं भय सोक न रोग’।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में दुनिया में अनेक जगह युद्ध चल रहे हैं। भय, अव्यवस्था व आर्थिक अराजकता है। हम भारत के अयोध्याधाम में भयमुक्त होकर राष्ट्रपति जी के सान्निध्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना के कार्यक्रम में सहभागी बनकर रामराज्य की अनुभूति कर रहे हैं। हमारे ऋषि-मुनियों की तपस्या, अन्नदाता किसानों के परिश्रम, कारीगरों की उद्यमिता तथा लोगों की आस्था ने भारत को सदैव ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ बनाये रखा है। श्रीराम जन्मभूमि यज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम से जुड़कर न केवल उत्तर प्रदेशवासी, बल्कि देश-दुनिया का प्रत्येक धर्मावलम्बी गौरव की अनुभूति कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आध्यात्मिक तथा धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आए हैं। दुनिया के किसी भी देश की इतनी आबादी नहीं है। यह नया तथा बदलता हुआ भारत है। वर्तमान पीढ़ी सही दिशा में जा रही है। आज युवा नया वर्ष मनाने के लिए मन्दिरों में जाता है। यही उसके संस्कार हैं। यहाँ जो बात अम्मा जी ने कही है, वह नये भारत में अक्षरशः देखने को मिल रही है।

इस अवसर पर विदुषी माता अमृतानन्दमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि तथा सन्तगण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

March 18, 2026

कच्ची दीवार पर रखी टीन गिरने से तीन की मौत, तीन घायल

मैनपुरी। जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव आटपुरा में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कच्ची दीवार पर रखी टीन अचानक गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती मंगलवार की रात 11.30 की है। गांव निवासी बृजेश पुत्र लाल सिंह जाटव के मकान की कच्ची दीवार पर रखी टीन अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिसकी चपेट में परिवार के सदस्य आ गए। हादसे में रूबी (40) पत्नी बृजेश, दिलीप (8) पुत्र बृजेश और देवी (13) पुत्री बृजेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना में बृजेश (50), गुड़िया (15) और पल्लवी (5) घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया। तहसीलदार कुरावली भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

फोटो- घटना स्थल का निरीक्षण करते पुलिस अधिकारी

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