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भारत के विकास का इंजन बनने जा रहा है उत्तर प्रदेशः अमित शाह

January 24, 2026

भारत के विकास का इंजन बनने जा रहा है उत्तर प्रदेशः अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह को संबोधित किया

Amit Shah in UP Diwas

यूपी दिवस समारोह में गृहमंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, प्रविष्टि तिथि: 24 JAN 2026 by PIB Delhi, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह को संबोधित किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने ‘एक जनपद – एक व्यंजन’ (One District One Cuisine) योजना की शुरुआत और सरदार पटेल औद्योगिक क्षेत्र योजना का भी शुभारंभ किया। श्री त शाह ने CM YUVAसीएम युवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों को पुरस्कार प्रदान किए और उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान Uttar Pradesg Gaurav Samman 2025-26 वितरित किए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

UP Gaurav Samman

उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान करते हुए गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

श्री  शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है औऱ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जब 15 अगस्त, 2047 को देश की आज़ादी की शताब्दी होगी तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य बनकर विकसित भारत का एक अहम राज्य बनेगा। श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन और आत्मा है और अब यह प्रदेश भारत के विकास का इंजन भी बनने जा रहा है।

AMIT SHAH IN UP DIWAS LUCKNOW

उत्तर प्रदेश दिवस समारोह में विचार व्यक्त करते हुए केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह

उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, भगवान महावीर और भगवान बुद्ध ने इस भूमि को पावन किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लखनऊ का प्रेरणा स्थल राष्ट्र की जागृति स्थल बनने वाला है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बना यह प्रेरणा स्थल, दशकों तक देश को दिशा देगा। श्री शाह ने कहा कि पहले इस 65 एकड़ के क्षेत्र में कूड़े का पहाड़ था, लेकिन हमारी सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलने की व्यवस्था की है। आज यह स्थान पूरे उत्तर प्रदेश को प्रेरणा देने वाला स्थल बन गया है।

CM YOGI ADITYANATH

उत्तर प्रदेश दिवस पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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January 23, 2026

बैंकों में भी 5 कार्य दिवस की एक मात्र मांग

Bank Officer's Association, NBEA

पत्रकारों से वार्ता करते हुए बैंक एसोसिएशन के पदाधिकारी

लखनऊ 23 जनवरी 2026, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 5 दिवसीय बैंकिंग लागू न करने के विरोध में आज स्टेट बैंक, प्रधान कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए दिनेश कुमार सिंह, महामंत्री (एनसीबीई) ने बताया कि बैंक शाखाओं में कर्मचारियों व अधिकारियों पर बढ़ते तनाव एवं दबाव को देखते हुए यूनाइटेड फोरम ने पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग की थी।

सिंह ने कहा कि अन्य वित्तीय संस्थानों जैसे रिजर्व बैंक, जीवन बीमा, सेबी, नाबार्ड, जीआईसी तथा विभिन्न सरकारी विभागों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है, किंतु सरकार बैंककर्मियों की इस एक मात्र मांग की उपेक्षा कर रही है।

उन्होंने आगे बताया कि बैंकों में पहले से ही दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश हो रहा है तथा आईबीए और यूएफबीयू की सहमति के अनुसार शेष बचे 2/3 शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने के बदले बैंककर्मी सोमवार से शुक्रवार प्रत्येक दिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य किया करेंगे।

विदित हो कि कल मुख्य श्रमायुक्त से हुई समझौता वार्ता में भी सरकार की हठधर्मिता के कारण कोई हल नहीं निकल पाया। अतः बाध्य होकर बैंककर्मी आगामी 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने जा रहे हैं। इस हड़ताल के कारण जन समुदाय को होने वाली असुविधा के लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है।

फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया बैंक कर्मियों ने अनेक प्रदर्शन, धरना, ट्विटर अभियान, रैली आदि करके सरकार से इस मांग को पूरा करने का आग्रह किया, पर सरकार अभी भी अपनी जिद पर है।

प्रेस वार्ता को फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारियों सर्वश्री लक्ष्मण सिंह, आर.एन शुक्ला, शकील अहमद, वी के माथुर, संदीप सिंह, विभाकर कुशवाहा, प्रभाकर अवस्थी, बी डी पाण्डेय आदि ने संबोधित किया।

अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी ने बताया कि 27 जनवरी को होने वाली देशव्यापी बैंक हड़ताल के दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों द्वारा इंडियन बैंक, हजरतगंज में 11:30 बजे से सभा एवं विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।

January 20, 2026

उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करना समय की आवश्यकता हैः प्रो. नचिकेता तिवारी

हिन्दुत्व की शाश्वत प्रासंगिकता” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

(World Association of Hindu Academicians – WAHA

वर्ल्ड एसोसिएशन आफ हिन्दू एकेडमिशियन्स का सम्मेलन सम्पन्न

लखनऊ, 20 जनवरी 2026, विश्व हिन्दू परिषद के आयाम विश्व हिन्दू अकादमिक संगठन (World Association of Hindu Academicians – WAHA) द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से “The Eternal Relevance of Hindutva: Reviving Cultural Consciousness and Transformation” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 20 जनवरी 2026 को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जिसमें सैकड़ों प्राध्यापक एवं शिक्षाविद् शामिल हुए । दीप प्रज्वलन, पुष्पांजलि एवं वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ किया गया।

WAHA के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. नचिकेता तिवारी ने संगठन की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि “गुरुकुल परंपरा में ज्ञान और संस्कार साथ-साथ दिए जाते थे; आज उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करना समय की आवश्यकता है।” उन्होंने विश्वविद्यालयों में भारतीय दर्शन आधारित शोध को प्रोत्साहित करने के उदाहरण प्रस्तुत किए।

विशिष्ट अतिथि गजेन्द्र, जोनल ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, लखनऊ जोन, विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि “योग, संस्कृत और भारतीय पर्वों के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि यह प्रमाण है कि सांस्कृतिक चेतना स्वतः समाज में पुनर्जीवित हो रही है।” मुख्य वक्ता प्रो. संजीव कुमार शर्मा, पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय जीवन-दृष्टि सत्य, अहिंसा, करुणा और कर्तव्यबोध जैसे मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसे विचार आज के सामाजिक और वैश्विक संकटों के समाधान का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू मूल्य समाज में सह-अस्तित्व, नैतिकता और समरसता को सुदृढ़ करते हैं।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने काशी, अयोध्या और मथुरा के सांस्कृतिक पुनरुद्धार का उदाहरण देते हुए कहा कि “सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से न केवल आस्था, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बल मिला है।” अध्यक्षीय उद्बोधन में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं और ज्ञान परंपरा को शामिल किए जाने को हिन्दुत्व की समावेशी भावना का आधुनिक उदाहरण बताया। अपराह्न द्वितीय सत्र में विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) विक्रम सिंह, CMS, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने कहा कि “योग और प्राणायाम जैसी भारतीय चिकित्सा परंपराओं ने कोविड काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता पद्मश्री रमेश पतंगे ने सामाजिक समरसता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय समाज की शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार, सेवा-भाव और सांस्कृतिक परंपराएँ समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग, संवाद और समान दायित्व की भावना से ही सामाजिक समरसता सुदृढ़ होती है, जो राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। सत्र की अध्यक्षता प्रो. संजय सिंह, कुलपति, डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने की और दिव्यांग पुनर्वास को हिन्दुत्व की करुणा और मानवीय गरिमा की परंपरा से जोड़ा।

समापन सत्र (Valedictory Session) में विशेष वक्ता प्रो. नचिकेता तिवारी ने सम्मेलन के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि “हिन्दुत्व जीवन को संतुलन, सहअस्तित्व और कर्तव्यबोध की दिशा देता है।” मुख्य वक्ता डॉ. निखिल वलिम्बे ने सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. निखिल वालिम्बे ने इस्लाम और उसके सामाजिक प्रभावों पर विचार रखते हुए कहा कि किसी भी धर्म का प्रभाव उसकी ऐतिहासिक व्याख्याओं और सामाजिक प्रयोगों से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कालखंडों में इस्लाम का प्रभाव कहीं सांस्कृतिक समन्वय के रूप में तो कहीं कठोर धार्मिक दृष्टिकोण के कारण सामाजिक चुनौतियों के रूप में सामने आया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैसी बहुलतावादी संस्कृति में संवाद, सह-अस्तित्व और विवेक आधारित दृष्टि ही सामाजिक संतुलन बनाए रख सकती है तथा हिन्दुत्व की समावेशी सोच इसी भावना को सशक्त करती है।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. आर. के. मित्तल, कुलपति, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के साथ भारतीय संस्कृति के सहअस्तित्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रान्त संगठन मंत्री विजय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन, WAHA के पदाधिकारियों, आयोजक समिति, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मेलन केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की साझा यात्रा है।”

अब नितिन नबीन मेरे बासः नरेन्द्र मोदी

PM Narendra Modi speech on the occasion of New BJP President Nitin Nabin's take Charge of President office

भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा पर विचार व्यक्त करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अब नितिन नबीन मेरे बास हैं। यह बात उन्होंने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नबीन के पद भार ग्रहण समारोह में कही। प्रधानमंत्री ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए उहें जिम्मेदारियां भी बताईं और आशा भी व्यक्त की कि वे सफल होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में पदाधिकारी का दायित्व बदलता है दिशा और नीति नहीं बदलती। भाजपा के संस्कार है।

पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह में श्री मोदी ने कहा कि पार्टी का कार्यकर्ता होना उनके खुद के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा हमारी पार्टी में अध्यक्ष बदलते हैं, आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती। श्री मोदी ने कहा भाजपा एक संस्कार है भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां मेम्बरशिप Membership से भी ज्यादा रिलेशनशिप Relationship होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है जो पद से नहीं चलती बल्कि प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी।

January 19, 2026

Varanasi झूठ के सहारे सहानुभूति बटोरने की साजिश उजागर, दो सांसदों समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मणिकर्णिका घाट प्रकरण

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाया झूठ फैलाकर माहौल बिगाडने का आरोप

Manikarnika Ghat Varanasi

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का विहंगम दृध्य

वाराणसी, 19 जनवरी 2026, मणिकर्णिका घाट Manikarnika Ghat प्रकरण में विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया झूठ उजागर हो गया है। मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद सामने आने और पत्रकार वार्ता करने के बाद झूठ की परतें खुलने लगी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ARTIFICIAL Intellegence (AI) जनरेटेड वीडियो और फोटाग्राफ्स जारी करके केन्द्र और प्रदेश सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। मामले में चौक पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कांग्रेस समर्थित बिहार निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, पंजाब की कांग्रेस नेता समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन लोगों ने एक एआई जेनरेटेड फोटो एक्स पर शेयर करके आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्द्धार के नाम पर मन्दिरों को तोड़ा गया है, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर फोटो और वीडियो एआई से बनाये गए थे। ये फोटो कुंभ महादेव मन्दिर के हैं, जिसे क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि यह मन्दिर काशी विश्वनाथ कारोडोर में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि काशी की आस्था और विश्वास से जुड़े इस स्थल पर अनेक मढियां स्थापित होने की बात प्रशासन और प्रदेश के मंत्री, विधायक, मेयर ने  स्वीकार की है। उन्होंने यह भी माना है कि एक मढ़ी को शिफ्ट करते हुए ड्रिलिंग के कंपन से मढी की दीवार पर बनी कलाकृतियों को कुछ नुकसान पहुंचा है। लेकिन, किसी भी तरह से मन्दिर को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है।

दरअसल यह मामला चर्चा में तब आया जब 16 जनवरी की रात लगभग 10 बजे आशुतोष नामक एक्स यूजर के हैंडल से एक फोटो शेयर की गई। इसमें कहा गया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन ने मन्दिरों पर बुलडोजर चला दिया है। मन्दिर तोड़ दिये गए हैं, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस एक्स ट्बीट पर पप्पू यादव, संजय सिंह और कई लोगों ने शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की तुलना औरंगंजेब और महमूद गजनवी की सरकार से कर दी। इसके बाद मामला गर्मा गया। वीडियो और फोटो की जांच की गई तो पता चला कि वह एआई से बनाया गया है। इस फर्जीवाडे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस सक्रिय हुई। जांच की गई तो पता चल गया कि वीडियो और फोटो सब एआई से बने हुए हैं। जिस कुंभ महादेव के मन्दिर को क्षतिग्रस्त दिखाया गया और उसे मणिकर्णिका घाट पर बताया गया वह उस स्थान से 250 मीटर दूर है और पूरी तरह से सुरक्षित है। अब चौक पुलिस ने मामले में आप सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और छह अन्य को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में पेश होने को कहा है।

मामले की जानकारी के अनुसार 23 जुलाई 2023 को मणिकर्णिका घाट पर सौन्दर्यीकरण और पुनर्रुद्धार के लिए 26.50 करोड़ स्वीकृत किये गए थे। इस धनराशि से घाट पर विस्तारित श्मसान बनाये जाने हैं। यहां 30 नए प्लेटफार्म बनाये जाने हैं क्योंकि शवदाह के लिए स्थान कम होने के कारण जनता को असुविधा होती है। प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। इसके साथ अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाना है। इसके लिए कुछ छोटी छोटी मढियों को शिफ्ट किये जाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में जब काम शुरु हुआ तो एक मढ़ी क्षतिग्रस्त हुई. मशीन के कंपन से दीवार पर कलाकृति भी क्षतिग्रस्त हुईं, यह बात प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार की है। मढ़ी में स्थापित मूर्ति को अन्यत्र संरक्षित रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त मूर्तियों को फिर से उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।

इसी विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है। मन्दिरों को तोड़ने का आरोप लगा दिया। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां पहुंच गए और सर्किट हाउस में पत्रकार  वार्ता कर स्थित स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि झूठे फोटो से फर्जी पोस्टें की गई हैं। कांग्रेस माहौल बिगाडना चहती है।

 

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