Top-Stories : : UP News | UP Web News | Page 13

Web News

www.upwebnews.com

एटा: पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश, प्रेमी सहित गिरफ्तार

February 16, 2026

एटा: पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश, प्रेमी सहित गिरफ्तार

एटा में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, शादी के बहाने ले जाकर रास्ते में शराब और स्प्रे की ओवरडोज देखकर खेत में फेंका

एटा 16 फरवरी उप्रससे। जनपद में स्टांप विक्रेता हेमंत (45) की हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर साजिश रची। प्रेमी के साथ पत्नी ने पति की हत्या की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला निवासी आवास विकास कॉलोनी के जैथरा थाना क्षेत्र का है।

14 फरवरी की सुबह करीब 7:30 बजे पीआरवी को सूचना मिली कि ग्राम अंगरैया से बंधा रोड की ओर शराब के ठेके के सामने गेहूं के खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। थाना जैथरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान हेमंत पुत्र विष्णु दयाल के रूप में हुई। वह मूल रूप से विच्छंद पहाड़पुर (थाना जैथरा) का रहने वाला था। कचहरी परिसर में स्टांप विक्रेता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। 15 फरवरी को मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी के सुमित कुमार निवासी शांतिनगर, एटा से अवैध संबंध थे। सुमित का मृतक के घर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और हेमंत को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। कुछ समय पहले आरोपी सुमित की पत्नी ने मृतक की पत्नी से नाजायज संबंधों को लेकर आत्महत्या की थी

13 फरवरी को सुमित ने वैगनआर कार किराए पर ली। हेमंत को शादी समारोह में शामिल होने का झांसा देकर एटा से बेवर और फिर अलीगंज की ओर ले जाया गया। एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद लौटते समय रास्ते में दो स्थानों पर उसे शराब पिलाई गई। इसके बाद जहरीला स्प्रे अधिक मात्रा में शराब में मिलाकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को ग्राम अंगरैया के पास खेत में फेंक दिया और फरार हो गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 16 फरवरी को सुमित कुमार (39), अजय पुत्र बनवारी लाल निवासी शांति नगर नगला पोता तथा मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त कार, तीन खाली शराब की पउआ और जहरीले स्प्रे की डिब्बी भी बरामद की गई है। आरोपी सुमित करीब आठ दिनों से गूगल पर जहरीले स्प्रे के बारे में जानकारी जुटाता रहा था। आरोपी मृतक और पत्नी की गूगल टाइमलाइन मिलाने पर खुलासा हुआ।

वर्जन
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने बताया कि मुख्य आरोपी सुमित की पत्नी की कुछ माह पहले मौत हो चुकी थी। जिसके बाद उसके और हेमंत की पत्नी के बीच संबंध बने। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

फिल्म अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट

Amisha Patel Actress

अमीषा पटेल

नौ फरवरी को मुरादाबाद में अपर सिविल जज की अदालत ने दिए आदेश

Posted on 16.06.2026 Time 07.46 PM Monday, Rajesh Bhatia, Amisha Patel 

मुरादाबाद,16 फरवरी(उप्र समाचार सेवा।
फिल्म अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ मुरादाबाद की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। नौ फरवरी को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने यह आदेश दिए। कोर्ट में अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।
2017 में एक शादी समारोह में आने के लिए अभिनेत्री अमीषा पटेल को 11 लाख रुपए दिए गए। कटघर के निवासी इवेंट मैनेजर पवन वर्मा का कहना है कि समारोह में शामिल होने के लिए दो लाख रुपए की और मांग की गई। उन्होंने और पैसे देने में असमर्थता जताई। इस पर अभिनेत्री दिल्ली में आने के बाद वापस चलीं गईं। पर जब दी गई रकम की मांग की गई तो जवाब नहीं मिला। इस पर अधिवक्ता पवन शर्मा के जरिए 2017 में अभिनेत्री के खिलाफ परिवाद दायर किया गया। मैनेजर का कहना है कि अपनी फीस लेने के बाद भी इवेंट में न आने और पैसे न देने के लिए फिल्म अभिनेत्री के अलावा सुरेश परमार, राजकुमार गोस्वामी आदि को आरोपित किया गया। आरोप है कि 15 नवंबर, 17 को अभिनेत्री दिल्ली पहुंच गई पर दो लाख की और डिमांड की। डिमांड पूरी करने के इंकार पर समारोह में शामिल नहीं हुईं। इसे लेकर परिवाद दाखिल किया गया।
सोमवार को अधिवक्ता पवन शर्मा और मैनेजर पवन वर्मा ने बताया कि नौ फरवरी को अपर सिविल जज जू.डि. की अदालत ने मामले में संज्ञान लेते हुए अभिनेत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। अदालत में 27 मार्च को सुनवाई के लिए तलब किया गया है।

*लिखित समझौते के बाद सारी धनराशि लौटाई*

मुरादाबाद में अमीषा पटेल के वकील अभिषेक शर्मा का कहना है कि यह विवाद 2017 का है। पवन कुमार से लिखित समझौते के बाद सारी धनराशि उनके खाते में ट्रांसफर की जा चुकीं हैं। चार बार में आठ लाख रुपए की धनराशि अदा की गई है।

February 14, 2026

पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठन सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम

लखनऊ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान का शुभारंभ करते ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह

लखनऊ 14 फरवरी 2026। भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में शुरू किए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान की प्रदेश कार्यशाला शनिवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, लखनऊ स्थित सभागार में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के राष्ट्रीय सहसंयोजक श्री ओमप्रकाश धनखड़, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह, प्रशिक्षण महाभियान के उत्तर पूर्व क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार) के क्षेत्रीय प्रभारी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री अमर पाल मौर्य, उत्तराखंड के पूर्व महामंत्री श्री राजू भंडारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण महाभियान को लेकर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक श्री अनूप गुप्ता ने किया। पार्टी ने तय किया है कि बूथ स्तर तक प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जायेंगे।
पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एंव प्रशिक्षण महाभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रशिक्षण तरासने की प्रक्रिया है। जो सीखता है वह बढ़ता है, जो सीखना बंद कर देता है वो बढ़ना भी बंद कर देता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से ही संगठन का निर्माण होता है। श्री धनखड़ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठन सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं को विचार, व्यवहार और नेतृत्व तीनों स्तरों पर समृद्ध करेगा। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और एकात्म मानववाद का दर्शन ही भाजपा की कार्यसंस्कृति की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ता के व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। इससे संगठन की कार्यपद्धति में एकरूपता आएगी और सेवा, समर्पण तथा राष्ट्रहित की भावना और अधिक प्रखर होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह महाअभियान भाजपा को बूथ स्तर तक और अधिक संगठित, सक्रिय और प्रभावी बनाएगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के संदर्भ में कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त, अनुशासित और सेवा भाव से ओत-प्रोत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा आज भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्री चौधरी ने कहा कि प्रशिक्षण महाअभियान के माध्यम से बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, सरकार की नीतियों और जनसेवा के मूल मंत्र से जोड़ा जा रहा है। यह अभियान केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करने का महायज्ञ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य करता है और प्रशिक्षण से उसकी क्षमता, दक्षता और वैचारिक स्पष्टता में वृद्धि होती है। यह महाअभियान संगठन की मजबूती, विस्तार और अंत्योदय के लक्ष्य की प्राप्ति में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भाजपा की आत्मा, उसकी वैचारिक प्रतिबद्धता और उसके कार्यकर्ता निर्माण की निरंतर चलने वाली साधना का अभिन्न अंग है।
श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें एक देश एक विधान के मंत्र को सिखाता है, वहीं पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद हमें सिखाता है कि राजनीति का केंद्र सत्ता नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति है। इसलिए यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं में समाज के प्रति संवेदनशीलता और दायित्व बोध जागृत करने का भी सशक्त माध्यम है,और वो भी सेवा, समर्पण और समरसता के भाव के साथ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने कहा कि यह प्रशिक्षण महाभियान कार्यकर्ता को यह स्मरण कराता है कि संगठन व्यक्ति से बड़ा है, और राष्ट्र सर्वाेपरि है। प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ता केवल चुनावी योद्धा नहीं, बल्कि समाज का पथ प्रदर्शक बनता है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कहते है कि हम राजनीतिक क्षेत्र में संगठन आधारित राजनीतिक दल हैं। हमारा संगठन कार्यकर्ता आधारित है एवं हमारा कार्यकर्ता विचारधारा आधारित है। श्री चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि इस प्रशिक्षण वर्ग को पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और आत्मचिंतन के साथ आत्मसात करें तथा स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों को अपने आचरण में उतारते हुए संगठन और राष्ट्र सेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ें।
पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान को संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह अभियान कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता, अनुशासन और कार्यकुशलता को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक शक्ति होते हैं। यह महाअभियान कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीति-नीति, सेवा कार्यों और जनसंपर्क अभियान से जोड़ते हुए उन्हें अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस व्यापक प्रशिक्षण से संगठन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा मिलेगी। यह अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं, बल्कि कार्यकर्ता निर्माण की सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सेवा भाव की दिशा में और अधिक सजग बनाता है। संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता जब विचार से दृढ़ और व्यवहार से विनम्र होगा, तभी भाजपा की शक्ति समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी।
प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महाअभियान संगठनात्मक एकजुटता को और मजबूत करेगा तथा आगामी दायित्वों के निर्वहन में कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और स्पष्टता प्रदान करेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अन्तर्गत प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग तीन दिन का होगा। जबकि जिला स्तर पर दो दिन व मंडल स्तर चौबीस घंटे का प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जाएगा जबकि बूथ स्तर पर दो सत्रों में वर्ग आयोजित किए जायेंगे।
प्रशिक्षण महाभियान के उत्तर पूर्व क्षेत्र (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार) के क्षेत्रीय प्रभारी, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री अमर पाल मौर्य ने पीपीटी के माध्यम से पूरे प्रशिक्षण अभियान के संदर्भ में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अभियान की रूपरेखा साझा की। उत्तराखंड के पूर्व महामंत्री श्री राजू भंडारी ने भी प्रशिक्षण महाभियान के संदर्भ में कार्यशाला को संबोधित किया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के लिए पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं सदस्य विधान परिषद श्री अनूप गुप्ता को प्रदेश संयोजक बनाया गया है। जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष श्री बृज बहादुर, श्री त्रयम्बक त्रिपाठी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामशंकर कठेरिया, पूर्व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, विभाग/प्रकोष्ठ के संयोजक श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव, पार्टी के प्रदेश मंत्री श्रीमती मीना चौबे और सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक श्री अंकित सिंह चन्देल को सहसंयोजक बनाया गया है।
कार्यशाला में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, मोर्चो के प्रदेश अध्यक्ष/महामंत्री, प्रदेश मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया व आईटी के प्रदेश संयोजक, प्रशिक्षण महाभियान की प्रदेश, क्षेत्र और जिला टोली के सदस्य सम्मिलित हुए।

February 13, 2026

सनातन हित के पार्टी बनायेंगे अलंकार अग्निहोत्री

Posted on 13.02.2026 Time 09.31 PM Bareilly News Alankar Agnihotri ex City Magistrate Bareilly 

अलंकार अग्निहोत्री का राजनीति करने का ऐलान

बरेली, 13 फरवरी 2026, यूजीसी नियमों के विरोध में इस्तीफा देने वाले सिटी मैजिस्ट्रेट और अब निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री Alankar Agnihotri ने राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने सनातन के नाम पर अन्य दलों की भांति पार्टी बनाने ऐलान किया है।

श्री अग्निहोत्री ने कहा जैसे अपना दल, निषाद पार्टी, राजभर समाज की पार्टियां हैं उसी तरह सनातन के लिए पार्टी होगी। ज्ञातव्य है कि अलंकार अग्निहोत्री बरेली में तैनात थे। उन्होंने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर त्यागपत्र दिया था। उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं हुआ। ये सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। किंतु सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया और डीएम ऑफिस शामली से संबद्ध कर दिया।

इस्तीफा देने के बाद सलाहकार अग्निहोत्री को खासी लोकप्रियता मिली। विशेष रूप से ब्राह्मण समाज उनके पक्ष में खड़ा नजर आया। कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन हुआ।

भगवा हो सकता है झंडे का rang

उन्होंने अभी पार्टी के नाम की घोषणा नहीं की है। पार्टी का नाम और झंडा, रंग आदि शीघ्र घोषित होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि उनके झंडे का रंग भगवा होगा।

इस्तीफे पर संपादकीय टिप्पणी में लिख दिया गया था कि राजनीति में जाएंगे

http://upwebnews.com/sarvesh-kumar-singh-editorial/

 

February 8, 2026

मन में 2047 में देश विभाजन का डर नहीं, अखंड भारत का संकल्प मजबूत बनाओ

सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत का उदघोष, 2047 में विभाजन का डर पालने की बजाए, अखंड भारत के उदय की कल्पना करो

DR MOHAN BHAGWAT SRSANGHCHALAK RSS

मुम्बई में संघ यात्रा के सौ वर्ष नए क्षितिज व्याख्यान माला के पहले सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा मोहन भागवत

Posted on 08.02.2026 Sunday, Time: 08.09 PM, RSS Rashtriya Swayamsevak Sangh, Sar Sanghchalak, Mumbai Samvad, #RSS100

मुंबई, 08 फरवरी। देश विरोधी शक्तियों के देश विभाजन के मंसूबों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक जी ने कहा कि आप 2047 में देश विभाजन का डर पालने की बजाय, अखंड भारत के उदय की कल्पना करो। जो 500 साल में सुल्तान बादशाह यहां रहकर नहीं कर सके, 200 साल में अंग्रेज नहीं कर सके। वह स्वतंत्र भारत में क्यों व कैसे होगा, यह 1947 नहीं है। हम बहुत आगे बढ़ गए हैं, अब भारत को तोड़ने वाले टूट जाएंगे। भारत जुड़ जाएगा, और यह होगा। यह संकल्प मन में मजबूत बनाओ। तो ये जो कुछ लोग दुस्वप्न देख रहे हैं, उनके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे। हम सब लोग हैं, हम होने नहीं देंगे।

संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘संघ यात्रा के १०० वर्ष : नए क्षितिज’ दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में मुंबई के ९०० से अधिक प्रतिष्ठित मान्यवरों को संबोधित किया। नेहरू सेंटर सभागार, वरळी में रविवार, ०८ फरवरी को संपन्न प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ. मोहन भागवत जी ने उपस्थित सदस्यों द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। इस अवसर पर मंच पर पश्चिम क्षेत्र संघचालक डॉ. जयंतीभाई भाडेसिया, कोंकण प्रांत संघचालक अर्जुन चांदेकर, मुंबई महानगर संघचालक सुरेश भगेरिया उपस्थित थे। पूछे गए कुल १४३ प्रश्नों को १४ श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। इनमें संघ नीति, हिन्दुत्व, राष्ट्रीय परिदृश्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, राजनीति, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, संस्कृति, कला, खेल व भाषा, जीवनशैली, पर्यावरण आदि विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्न शामिल रहे।

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर सरसंघचालक जी ने बांग्लादेश के सवा करोड़ हिन्दुओं से संगठित होने का आह्वान किया। ऐसा होने पर अत्याचार पर स्वतः ही रोक लग जाएगी।

ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र इनमें से कोई नहीं, बल्कि हिन्दू ही संघ का सरसंघचालक होगा। उन्होंने कहा कि संघ का सरसंघचालक बनने के लिए किसी भी जाति का होना न तो बाधा है और न ही कोई अनिवार्य योग्यता। भविष्य में अनुसूचित जाति या जनजाति के कार्यकर्ता भी सरसंघचालक बन सकते हैं।

जिन पर पीढ़ी दर पीढ़ी अन्याय या अत्याचार हुआ है, उनके सर्वांगीण उत्थान होने तक तथा उनके मन में सुरक्षा की भावना उत्पन्न होने तक संविधान सम्मत आरक्षण जारी रहना चाहिए, यह संघ की स्पष्ट भूमिका है।

संघ के स्वयंसेवकों को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों तथा सभी प्रकार के प्रयासों में सहभागी होना चाहिए, यह संघ की भूमिका है। किंतु केवल कानून बनाकर भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करना कठिन है, इसके लिए संस्कारित समाज मन का निर्माण उतना ही महत्वपूर्ण है। साथ ही कोई भी व्यवस्था मूल रूप से भ्रष्ट नहीं होती, बल्कि उस व्यवस्था में कार्य करने वाले व्यक्तियों का मन भ्रष्ट होता है और उसी कारण व्यवस्था भ्रष्ट होती है।

जबरदस्ती या लालच देकर धर्मांतरण किया जाता है तो वह निंदनीय है और उसका प्रत्युत्तर घर वापसी होगा, यह स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा या स्वप्रेरणा से धर्म परिवर्तन करता है तो उसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए। जनसंख्या का अनुपात केवल जन्मदर में कमी से नहीं बदलता, बल्कि धर्मांतरण और अवैध घुसपैठ के कारण भी बदलता है, इस ओर ध्यान दिलाते हुए अवैध घुसपैठ के संदर्भ में ‘डिटेक्ट एंड डिपोर्ट’ नीति को कठोरता से लागू करने का आह्वान किया।

हिन्दू और सिक्ख पहले से ही एक थे और आज भी उनके बीच रोटी-बेटी के संबंध हैं। उनका रक्त संबंध है। पूजा पद्धति अलग मानी जा सकती है, उनकी विशिष्टता को मान्यता दी जानी चाहिए, लेकिन वे अलग नहीं हैं। हम सभी धर्म एक ही परंपरा से आए हैं। गुरु ग्रंथ साहिब में केवल सिक्ख गुरुओं की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत के संतों की वाणी संकलित की गई है। ‘हिंद की चादर’ के रूप में पहचानी जाने वाली यह प्राचीन एकता पुनः स्थापित करनी है। समाज के नाते हम सभी एक हैं, यह ध्यान में रखना चाहिए। हिन्दू नाम से कोई अलग धर्म अस्तित्व में नहीं है। आज जिसे हिन्दू धर्म कहा जाता है, वही प्राचीन सनातन धर्म है। तथागत बुद्ध ने अपने उपदेशों के माध्यम से इसी सनातन धर्म में समयानुकूल सुधार किए। आधुनिक काल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने भी इस ओर इंगित किया।

ईसा मसीह द्वारा प्रतिपादित ईसाईयत और पैगंबर मोहम्मद द्वारा बताए गए इस्लाम का स्वरूप आज उसी रूप में दिखाई नहीं देता। इसका कारण यह है कि उनके बाद इन दोनों पंथों पर तत्कालीन राजनीति का प्रभाव बढ़ गया। परिणामस्वरूप इन पंथों की आध्यात्मिकता पीछे रह गई और राजनीतिक हित अधिक प्रभावी हो गए। इन पंथों के मूल आध्यात्मिक तत्वों को प्रोत्साहन दिया जाए तो विश्वभर के राजनीतिक संघर्ष कम हो सकते हैं।

भारत रत्न सम्मान प्राप्त न होने पर भी स्वातंत्र्यवीर सावरकर करोड़ों भारतीयों के हृदय पर राज कर रहे हैं। किंतु यदि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाता है, तो इस सम्मान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

भाजपा के सत्ता में आने से संघ को कोई प्रत्यक्ष लाभ हुआ ऐसा नहीं है, बल्कि समाज में संघ की बढ़ती शक्ति और स्वीकार्यता का लाभ समान विचारधारा और भारतीय नीतियों का पालन करने वाले दलों को मिला है। संघ के स्वयंसेवकों के निरंतर परिश्रम तथा समाज द्वारा संघ को मिले स्नेह और विश्वास के कारण ही संघ का कार्य बढ़ा है। संघ से संबंधित संस्थाओं, संगठनों या दलों पर संघ दबाव नहीं डालता। यहां कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को पर्याप्त स्वतंत्रता होती है, जिससे वे अपने क्षेत्र में आवश्यक निर्णय और प्रयोग जिम्मेदारी से कर सकते हैं। वे जो अच्छे कार्य करते हैं, उसका श्रेय उन्हीं को जाता है, लेकिन जहां कमियां रह जाती हैं, उसके प्रश्न अभिभावक के नाते हमारे पास आते हैं और उसकी नैतिक जिम्मेदारी हम लेते हैं। संघ का कार्य केवल व्यक्ति निर्माण का कार्य है। किसी विशेष क्षेत्र में कार्य करना संघ का कार्य नहीं है।

समान नागरिक संहिता पर अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि समाज की मानसिकता तैयार करके तथा सभी समाज घटकों को विश्वास में लेकर इस प्रकार का कानून लागू किया जाना चाहिए। उत्तराखंड तथा अन्य कुछ राज्यों में ऐसे प्रयोग हो रहे हैं, इसलिए हम उसका स्वागत करते हैं। भारत विविधता में एकता को बनाए रखने वाला देश है, यह सिद्धांत ऐसे कानून बनाते समय प्राथमिकता से ध्यान में रखना चाहिए।

संघ के कार्यकर्ताओं की औसत आयु २८ वर्ष है और इसे २५ वर्ष से नीचे लाने का प्रयास चल रहा है। देश का युवा देशभक्त और नैतिक आचरण करने वाला है। यदि उन्हें उनकी भाषा में विषय समझाए जाएं, तो वे उन्हें स्वीकार करते हैं और उसका आचरण भी करते हैं। इसलिए तार्किक पद्धति से उन्हें अपने मूल विचारों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्हें प्रयोग करने की स्वतंत्रता और अवसर देना चाहिए तथा यदि प्रयोग में कोई त्रुटि हो जाए तो उनके पीछे दृढ़ता से खड़ा रहना चाहिए। यदि वर्तमान पीढ़ी युवाओं की जिज्ञासा शांत करने की क्षमता विकसित करे, तो युवा पीढ़ी और वर्तमान पीढ़ी के समन्वय से भविष्य का सशक्त भारत निर्माण होगा। भारतीय दर्शन का प्रभाव अंतरात्मा तक पहुंचता है, जबकि पाश्चात्य प्रभाव बाहरी स्तर तक सीमित रहता है।

« Newer PostsOlder Posts »