लखनऊ 17 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह संवेदनशील व प्रतिबद्ध है। श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परम्परा, समाज तथा राष्ट्र की एकता व एकात्मता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। सुखद संयोग है कि ऋषि-मुनियों ने जिस भाव के साथ हमें जोड़ने का कार्य किया, आज हम सभी उसे बनाये रखने के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन सभागार में श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को अनुदान राशि वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को एक एक लाख रुपये की अनुदान राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 555 तीर्थ यात्रियों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति यात्रा अनुदान राशि प्रदान की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले तीर्थाटन जीवन का हिस्सा माना जाता था। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर यात्रा पर निकलते थे। लोगों के पास संग्रह की वृत्ति नहीं थी, बल्कि अपनी मेहनत व पुरूषार्थ से जो कुछ अर्जित करते थे, उससे किसी न किसी धार्मिक यात्रा पर निकलकर जरूरतमन्दों की सहायता करते थे। उस यात्रा के माध्यम से पुण्य के भागीदार बनने के साथ समाज को जोड़ने, समझने का कार्य करते थे। यह भाव आदिकाल से बना हुआ है। जब आदि शंकर ने केरल से निकलकर देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी, तब देश में कोई सरकार नहीं थी। राजा-रजवाड़ों का शासन था। राजनीतिक इकाईयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सम्पूर्ण भारत एक था। आज भी वह भाव प्रत्येक सनातन धर्मावलम्बी के मन में रहता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रद्धालुओं ने श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा की कठिनाईयों, चुनौतियों और आपदाओं का मुकाबला करते हुए गत वर्ष इस यात्रा को सकुशल पूर्ण किया। प्रदेश के श्रद्धालुजनों को कोई समस्या न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का निर्माण कराया है, जो निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुआ। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूर्ण करने के दौरान यह भवन श्रद्धालुओं के ठहराव का प्रथम पड़ाव होता है। शेष समय इस यात्रा भवन का उपयोग अन्य धार्मिक यात्रा से सम्बन्धित श्रद्धालुओं के लिए भी सुनिश्चित किया जाए। कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन के उपयोग के साथ-साथ इसका संरक्षण व बेहतर रख-रखाव भी किया जाए, क्योंकि अपनी परम्परा व धार्मिक स्थलों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा में राज्य सरकार प्रदेश के अन्दर तथा भारत सरकार सम्पूर्ण भारत में अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराती है। लेकिन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दूसरे देशों से भी जुड़ना होता है और उनका व्यवहार जगजाहिर है। लेकिन उस असुविधा में भी हमारी आस्था भारी पड़ती है और लोग देवाधिदेव महादेव का दर्शन करते हैं। जब भाव होता है, तो व्यक्ति प्रत्येक कठिन चुनौती का सामना करते हुए भी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। हमारी सरकार विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर आने वाले समय में गाजियाबाद में ही श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में और वृद्धि करने का प्रयास करेगी। पासपोर्ट कार्यालय जनपदों में बनाये जा रहे हैं। कई सुविधाएं ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन की मर्यादा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाने का दायित्व हम सबका होना चाहिए। धार्मिक यात्रा श्रद्धा भाव के साथ करनी चाहिए, पर्यटन व मनोरंजन गौण होना चाहिए। इससे हम धार्मिक स्थलों की पवित्रता, मर्यादा और गरिमा को बनाये रख सकेंगे। इन धार्मिक स्थलों की गरिमा के अनुरूप हमारा आचरण आगे आने वाली पीढ़ी को संस्कारित करने में भी सहायक होगा। प्रदेश सरकार का प्रयास रहा है कि प्रत्येक तीर्थस्थल पर श्रद्धालुओं को आज के समय के अनुरूप अच्छी सुविधाएं प्राप्त हों। डबल इंजन सरकार का इस पर विशेष फोकस है।
वर्ष 2025 में प्रदेश में 164 करोड़ श्रद्धालु अलग-अलग धर्मस्थलों व तीर्थ स्थलों पर आए। इसमें 66 करोड़ श्रद्धालु केवल प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में ही आए थे। काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में प्रभु श्रीराम जन्मभूमि, मथुरा-वृन्दावन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह चुनौती होने के साथ-साथ एक अवसर भी है। सरकार अपने स्तर पर आवागमन व जनसुविधाओं से सम्बन्धित अच्छी व्यवस्था देने का लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्र की सम्भावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन सम्भावनाओं के माध्यम से प्रदेश के विकास व रोजगार के नये अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में लखनऊ, काशी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य, मथुरा-वृन्दावन, शुकतीर्थ, बौद्ध व जैन पर्यटन से सम्बन्धित केन्द्रों व अन्य तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छी जनसुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम हैं। इसके साथ देश में भी चार धाम हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के अनेक प्रयास किये हैं। विगत 04-05 वर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम् का कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश को जोड़ने का बेहतरीन माध्यम बना है। उत्तर प्रदेश में श्री काशी विश्वनाथ धाम है, तो तमिलनाडु में श्री रामेश्वरम धाम है। हमारा प्रयास होगा कि प्रदेश के श्रद्धालु काशी से गंगा जल लेकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रामेश्वरम की यात्रा पर जाएं। इस यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अनेक सुविधाएं दी जाती हैं। उत्तर-दक्षिण के जुड़ने से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रयास होना चाहिए कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल, विजुअल एवं प्रिण्ट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यात्रा के समय हमारे पास एक ऐप हो। ऐसे नवाचारों से धार्मिक यात्राओं एवं प्रदेश के पर्यटन को एक नई पहचान प्राप्त होगी तथा अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने देश व प्रदेश के गौरव को लौटाया है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सनातन संस्कृति को मजबूत किया है। उन्होंने एक शायर की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कि ‘काबिले तारीफ है अन्दाज़ एक-एक काम का, और गा रहा है गीत यू0पी0 योगी जी के नाम का’।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के श्रद्धालु श्री कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभारी है। प्रदेश विरासत के सम्मान के साथ विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश की धार्मिक यात्रा वृत्तान्त पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
कार्यक्रम को कैलाश मानसरोवर सेवा समिति, लखनऊ के अध्यक्ष के0के0 सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विधायक ओ0पी0 श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा व रामचन्द्र प्रधान, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
17/03/2026
मुख्य आरोपी राज चौहान व विपिन यादव गिरफ्तार, नामजद अन्य से भी गहन पूछताछ जारी*
गोरखपुर। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को पुलिस ने सीसी कैमरे के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, परिजनों द्वारा नामजद किए गए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर थाने पर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी दोषी को छोड़ा न जाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में प्रेस वार्ता कर इस मामले की ताजा स्थिति साझा की। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार तड़के करीब 4:30 से 5:00 बजे सुबह हुई थी जब राजकुमार चौहान मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने पहले उन पर गोली चलाने थी लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद हमलावरों ने उनका पीछा कर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अवस्था में परिजन और स्थानीय लोग पुलिस की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस तत्काल हरकत में आ गई।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम है। मृतक के भतीजे और आरोपियों के बीच पहले से विवाद हुआ था, जो इस घटना का कारण बना। इसी विवाद के चलते राज चौहान और विपिन यादव ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे 8 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सके।
मामले में मृतक के परिजनों द्वारा कुल 8 लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी गई थी, जिसमें दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गुड्डू यादव, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडे, सतेंद्र चौधरी, टिल्लू और अभय पांडे समेत अन्य के नाम शामिल हैं। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें गिरफ्तार कर थाने पर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में चिलुआताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 181/2026 के तहत धारा 103(2), 61(2), 191(2), 191(3) और 303 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी आरोपी कानून के शिकंजे से बच न पाए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि घटना के बाद परिजनों द्वारा सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसे तत्काल प्रभाव से पूरा कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों ने नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग की है, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी बच्चों की पढ़ाई जिस स्कूल में पढ़ रहे है आगे जारी रहेगा प्रशासन पूरी मदद करेगी और पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेंद्र, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुणकुमार एस और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। एसएसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस हत्याकांड के खुलासे और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से जहां एक ओर पुलिस की सक्रियता सामने आई है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में फैले भय के माहौल को कम करने में भी मदद मिली है। हालांकि, अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी है, जिसमें अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होना बाकी है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
घटना के बाद मौके पर एसडीएम सहित पुलिस फोर्स पहुंचा
फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के ग्राम शोभनपुर के पास रोड पर खड़े कंटेनर से हाइटेंशन लाइन का तार छू जाने से एक मासूम बालक की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घटना से परिवार में हाहाकार मच गया। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है।
थाना शिकोहाबाद क्षेत्र के गांव शोभनपुर गांव में सड़क किनारे कंटेनर खड़ा हुआ था। उसके ऊपर से हाइटेंशन लाइन गुजर रही थी। उससे तार कंटेनर से छू गया। इसी दौरान कैंटर के सहारे हिमांशु (12) दीपेंद्र निवासी नगला कोल्हू, उधम उर्फ राजा (20) पुत्र विजेन्द्र निवासी शोभनपुर उसकी चपेट में आ गए। जिससे दोनों लोगों के शरीर से आग की लपटे उठने लगे। इसी दौरान एक महिला ने किसी तरह से युवक के शरीर से तार को अलग किया। लेकिन मासूम बालक की बुरी तरह से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना से गांव में अफरा तफरी मच गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने घायल राजा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को हाइटेंशन लाइन को ऊंचा करने की मांग की थी लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण घटना घटित हुई। पहले भी घटना होने से बच चुकी है। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। वहीं पुलिस आगे की कार्यवाही करने में जुटी हुई है।
मृतक बालक कक्षा 6 में पढ़ता था। उसका छोटा भाई 5 वर्ष का है जबकि मां कीर्ति का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। परिवार के लोग ढाढस बधा रहे थे। पिता किसान है।
बालक की हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने के बाद एसडीएम डॉ गजेन्द्र पाल सिंह पीड़ित परिवार के साथ मिलने पहुंचे। पीड़ित किसान को सरकारी अनुदान दिलाने का आश्वासन दिया।