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उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज),लोकतंत्र के प्रहरी, पत्रकारों की सशक्त आवाज

January 28, 2026

उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज),लोकतंत्र के प्रहरी, पत्रकारों की सशक्त आवाज

AJAY CHAUDHRY, JOURNALIST MEERUT

अजय चौधरी,  उपज प्रदेश उपाध्यक्ष, अध्यक्ष जिला मेरठ

Posted on : 28.01.2026, Wednesday Time: 09:53 PM,  Source:  Ajay Chaudhry
#UPAJ #ASSOCIATION #MEDIA #UP ASSOCIATION OF JOURNALISTS
अजय चौधरी
लोकतंत्र की आत्मा स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता में बसती है। जब तक प्रेस स्वतंत्र है, तब तक सत्ता जवाबदेह है और समाज सच से जुड़ा रहता है। पत्रकार केवल समाचारों के संवाहक नहीं होते, वे सत्ता और जनता के बीच वह सेतु हैं, जो सच को सामने लाता है और अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना केवल किसी संगठन की नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र की जिम्मेदारी है। इसी दायित्वबोध के साथ उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) राज्य में पत्रकारों के हितों के लिए एक सशक्त और प्रतिबद्ध मंच के रूप में कार्य कर रहा है।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल, संवेदनशील और सामाजिक-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में पत्रकारिता करना आसान नहीं है। कम मानदेय, असुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ, प्रशासनिक दबाव, उत्पीड़न और कई बार जानलेवा हमले—ये आज पत्रकारों की दैनिक चुनौतियाँ बन चुकी हैं। ऐसे समय में उपज ने पत्रकारों के लिए एक मजबूत ढाल की भूमिका निभाई है। यह संगठन न केवल समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि उनके समाधान के लिए संगठित और निरंतर संघर्ष भी करता है।
पत्रकारों की सुरक्षा उपज के एजेंडे का केंद्र बिंदु है। संगठन राज्य में पत्रकार सुरक्षा बिल को लागू कराने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। उपज का स्पष्ट और दो-टूक मत है कि बिना कानूनी संरक्षण के निर्भीक पत्रकारिता संभव नहीं है। यदि पत्रकार भय के माहौल में काम करेंगे, तो सच दबेगा और लोकतंत्र कमजोर होगा। इसलिए पत्रकारों को सुरक्षा देना किसी वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के हित का प्रश्न है।
उपज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकता और एकजुटता है। संगठन ने प्रदेश भर के पत्रकारों को एक साझा मंच पर जोड़ने का कार्य किया है, जहाँ उनकी आवाज़ सुनी जाती है और उनके अधिकारों के लिए सामूहिक संघर्ष किया जाता है। यही कारण है कि आज उपज प्रदेश के सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद पत्रकार संगठनों में गिना जाता है।
व्यावसायिक स्वतंत्रता पत्रकारिता की रीढ़ है। उपज पत्रकारों को बिना किसी भय, दबाव या लालच के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित करता है। संगठन उन्हें नैतिक, वैचारिक और संगठनात्मक समर्थन प्रदान करता है और यह संदेश देता है कि सत्ता से सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि पत्रकार का संवैधानिक कर्तव्य है।
आज, जब पत्रकारिता कई स्तरों पर संकट से गुजर रही है—चाहे वह आर्थिक दबाव हो, राजनीतिक हस्तक्षेप हो या बढ़ती असहिष्णुता—ऐसे दौर में उपज जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई भी मजबूती से लड़ रहा है।
एक सुरक्षित, सम्मानित और स्वतंत्र पत्रकार ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला होता है। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) उसी आधारशिला को मजबूत करने के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है—पत्रकारों के साथ, पत्रकारों के लिए और लोकतंत्र के हित में है।

January 26, 2026

बीबीसी के पूर्व संवाददाता मार्क टुली का निधन

नई दिल्ली 26 जनवरी 2026, भारत में बीबीसी के पूर्व संवाददाता मार्क टुली का रविवार , 25 जनवरी को निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। मार्क टुली सेवानिवृति के बाद भारत में ही बस गए थे। उन्होंने लगभग 4 दशक तक पत्रकारिता की, इसमें 3 दशक भारत में बीबीसी के लिए रिपोर्टिंग की।

मार्क टुली कई महीने से बीमार थे। उनका इलाज मैक्स अस्पताल में चल रहा था। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें भारत और भारतीय संस्कृति से खास लगाव था। सनातन धर्म का बहुत सम्मान करते थे। ईसाई होने के बावजूद हमेशा हाथ में कलावा बांधते थे।

उन्होंने 1971 का भरता पाक युद्ध, आपात काल, अयोध्या आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर बेबाक रिपोर्टिंग की। वे भारत में बीबीसी की पहचान बन गए थे। टुली को 1992 में अयोध्या में 6 दिसंबर को दूसरी कर सेवा और विवादित ढांचा ध्वंस के दौरान कारसेवकों के आक्रोश का भी सामना करना पड़ा था। उन्होंने साहसिक पत्रकारिता की। उन्हें तथ्यात्मक रेडियो पत्रकारिता के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

मार्क टुली सेवानिवृति के बाद लंदन चले गए थे। लेकिन वहां उनका मन नहीं लगा। कुछ समय बाद ही दिल्ली लौट आए और भरता को ही अपना देश और दिल्ली को घर बना लिया। यहीं रविवार को अंतिम साँस ली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मार्क टुली के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

January 23, 2026

वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी का निधन

वाराणसी, 23 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा (65) का 22 जनवरी की शाम निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ थीं। कल शाम ही पार्थिव शरीर को अग्नि को समर्पित कर दिया गया।

श्री बागी उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश उपाध्यक्ष और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। वे वाराणसी इकाई के अध्यक्ष भी हैं। श्री बागी लोकतंत्र सेनानी हैं।

श्रीमती माधुरी वर्मा के निधन पर उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कर्ण ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

पत्रकारिता का मूल आधार है सत्य, निष्पक्षता व जनहित -राजीव

ललितपुर। मां सरस्वती जी के अवतरण दिवस (बसंत पंचमी) एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जन्म जयंती पं. गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार भवन में प्रेस क्लब रजि. के तत्वाधान में धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू ने की। वहीं संचालन महामंत्री अमित सोनी ने किया।

इस मौके पर मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर माल्र्यापण किया गया। वहीं नेताजी के आदर्शो पर चलने आवाहन किया गया। इस मौके पर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू ने कहा कि पत्रकारिता का मूल आधार सत्य निष्पक्षता और जनहित है। मां सरस्वती जी के आर्शीवाद से ही सशक्त होता है। पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व है। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पत्रकार कुन्दन पाल की पूज्यनीय माता जी के निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर शोक संवेदनाएं प्रकट की गयीं। इस मौके पर प्रेस क्लब संरक्षक संतोष शर्मा, मंजीत सिंह सलूजा, पवन संज्ञा, अजित जैन भारती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय जैन कल्लू, अजय तिवारी नीलू, डा. संजीव जैन बजाज, कोषाध्यक्ष अमर प्रताप सिंह, राजीव कुमार शुक्ला, जसपाल सिंह, अजय बरया, प्रमोद गोस्वामी, सौरभ कुमार, अशोक तिवारी, बृजेश तिवारी, अशोक गोस्वामी, अनूप सेन, बृजेश पंथ, रविशंकर सेन, अक्षय दिवाकर, रवि जैन चुनगी, अनूप मोदी, विनीत चतुर्वेदी, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, मो. नसीम खान, राहुल कुमार जैन, रमेश रायकवार, अमित पाण्डेय, राहुल शुक्ला, विकास त्रिपाठी, संजना सिंह, हरीशंकर अहिरवार, सर्वदेश तिवारी, अनूप राठौर, राहुल चौबे, अजितेश भारती, पुष्पा झा, अजय तोमर, नीरज सुडेले, संजीव नामदेव, जयेश बादल, अमित जैन मोनू, पूजा कश्यप, अजय श्रीवास्तव, संभव सिंघई, बिहारी लाल सविता, निहाल सेन पटना, हितेन्द्र जैन, शिब्बू राठौर, अमित लखेरा, सुनील सैनी, शैलेन्द्र सिन्हा, सुनील जैन, अजित सिंह, संजय ताम्रकार, विनोद मिश्रा, संदीप शर्मा, दिव्यांश शर्मा, आशीष तिवारी, सूरज सिंह राजपूत, मनोज वैद्य, पंकज रैकवार, अमित राठौर, शुभम पस्तोर, स्वतंत्र रिछारिया, सोनम यादव, आशीष पाण्डेय, दीपक जैन, महेश वर्मा, अर्जुन झा, आलोक खरे, आकाश ताम्रकार, कमलेश साहू, राहुल साहू खिरिया, बलराम पचौरा, आरिफ खान, भगवत नारायण श्रोती, कपिल नायक भैंसाई, अजय सिंह, दीपक पाराशर, शैलेश जैन पिन्टू, मनीष सोनी, दीपक सोनी, नितिन गिरि, संजय जैन रिंकू, आलोक चतुर्वेदी, नीतेश जैन, भूपेन्द्र सोनी, कृष्णकांत सोनी, विकास सोनी, इमरान खान, बाबा कुरैशी, सौरभ गोस्वामी, इंद्रजीत सिंह गौतम, अजय जैन अज्जू, मनीष जैन, साहिल, राकेश श्रीवास्तव, प्रदीप रिछारिया, राजेश कुमार राठौर, महेन्द्र सिंह बुन्देला, रामप्रताप सिंह, के पी यादव सहित अनेकों पत्रकार बंधु मौजूद रहे।

January 7, 2026

उपज प्रांतीय आम सभा बैठक 25 अगस्त 2025 वाराणसी

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