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कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विविध जलवायु स्थितियों का उपयोग करें

March 7, 2026

कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विविध जलवायु स्थितियों का उपयोग करें

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्पादकता और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों का पूर्ण उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रधानमंत्री ने कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ से संबंधित वेबिनार को संबोधित करते हुए देश के कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उच्च मूल्य की फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने वैश्विक मांग में हो रहे बदलाव और भारतीय कृषि क्षेत्र को निर्यात प्रमुख बनाने की आवश्यकता का उल्लेख किया।

श्री मोदी ने वैश्विक गुणवत्ता और ब्रांडिंग मानकों को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों, उद्योग और किसानों को शामिल करते हुए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और स्थानीय किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के महत्व पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात-उन्मुख उत्पादन से प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के माध्यम से ग्रामीण रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में काजू, कोको, चंदन सहित उच्च मूल्य वाली कृषि पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है और खाद्य तेल, दालों और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन कृषि के सभी क्षेत्रों को मजबूत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही है, जिसमें समग्र स्वास्थ्य देखभाल और जैविक भोजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मत्स्य पालन क्षेत्र पर बोलते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न जलाशयों और तालाबों में लगभग साढ़े चार लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है, जबकि अतिरिक्त 20 लाख टन उत्पादन की संभावना है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख मंच भी बन सकता है। श्री मोदी ने ब्लू इकोनोमी की क्षमता को साकार करने के लिए हैचरी, चारा और रसद में नए व्यावसायिक मॉडलों की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने मत्स्य विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत समन्वय को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जोखिम कम करने के लिए एकल फसल पर निर्भरता के बजाय फसल विविधीकरण पर जोर दिया और खाद्य तेलों, दालों और प्राकृतिक खेती के लिए चलाए जा रहे अभियानों को इस क्षेत्र की मजबूती बढ़ाने के साधन के रूप में बताया।

प्रधानमंत्री ने ई-एन.ए.एम. और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास का उल्लेख करते हुए कृषि में प्रौद्योगिकी संस्कृति का जिक्र किया। उन्होंने किसान पहचान पत्र जारी करने और डिजिटल भूमि सर्वेक्षण को परिवर्तनकारी कदम बताया। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत किया है।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने तीन करोड़ लखपति दीदियों को सृजित करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है और देश ने 2029 तक तीन करोड़ और लखपति दीदियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

कृषि में प्रौद्योगिकी संस्कृति की जरूरत:मोदी

नई दिल्ली, 07 मार्च 26, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सरकार कृषि में ‘प्रौद्योगिकी संस्कृति’ लाने पर विशेष बल दे रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बजट के बाद के वेबिनार ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ में श्री मोदी ने कहा कि सरकार एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित कर रही है। उन्होंने किसान पहचान पत्र और डिजिटल भूमि सर्वेक्षण को परिवर्तनकारी कदम बताया।
एआई-आधारित प्लेटफार्मों और डिजिटल सर्वेक्षणों की भूमिका पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी तभी परिणाम देती है जब इसे संस्थानों और उद्यमियों द्वारा एकीकृत किया जाता है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को पारंपरिक प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के तरीकों पर सुझाव आमंत्रित किए। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रमुख प्रयासों से किसानों के जोखिम कम हुए हैं और उन्हें बुनियादी आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के अंतर्गत लगभग दो लाख करोड़ रुपये के बीमा दावों का निपटारा किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
श्री मोदी ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और दीर्घकालिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट कृषि और ग्रामीण परिवर्तन को सशक्त गति प्रदान करता है। श्री मोदी ने कहा कि देश वर्तमान में खाद्यान्न, दालों और तिलहन का रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ई-एनएएम के माध्यम से बाजार पहुंच का लोकतंत्रीकरण किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना और स्वयं सहायता समूहों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक उच्च विकास दर वाला स्तंभ है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने तीन करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है और देश ने 2029 तक तीन करोड़ और लखपति दीदियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न जलाशयों और तालाबों में लगभग 45 लाख टन मछली का उत्पादन हो रहा है, जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख मंच बन सकता है। श्री मोदी ने नीली अर्थव्यवस्था की क्षमता को साकार करने के लिए हैचरी, चारा और लॉजिस्टिक्स में नए व्यावसायिक मॉडलों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मत्स्य विभाग और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत समन्वय को प्रोत्साहित किया।

New Delhi, Mar 07: Prime Minister Narendra Modi has said that the government is laying special emphasis on bringing ‘technology culture’ in agriculture. Speaking at the post-budget webinar ‘Agriculture and Rural Transformation’ via video conferencing, Shri Modi said that the government is developing digital public infrastructure for agriculture through AgriStack. He described the Kisan ID card and digital land survey as transformational steps. On the role of AI-based platforms and digital surveys, the Prime Minister said that technology gives results only when it is integrated by institutions and entrepreneurs. He invited suggestions on ways to effectively integrate technology with traditional systems. Shri Modi said that the government has continuously strengthened the agriculture sector. He said that major efforts are being made to reduce the risk of farmers

सरकार ने लगाई टीवी चैनलों की टीआरपी रेटिंग पर रोक

नई दिल्ली 07 मार्च 26,केंद्र सरकार ने ईरान इजरायल युद्ध के मद्देनजर सनसनीखेज खबरों को रोकने के टीआरपी रेटिंग पर रोक लगा दी है। ये रोक 4 सप्ताह या अगले आदेश तक जारी रहेगी।

सरकार ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के लिए समाचार चैनलों की टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) की रिपोर्टिंग को तत्काल निलंबित कर दे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के निर्देश के अनुसार कुछ टीवी समाचार चैनल इस्राएल-ईरान संघर्ष के बीच अनावश्यक सनसनीखेज और अटकलबाजी वाली सामग्री प्रदर्शित कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कवरेज से लोगों में दहशत फैल सकती है। निलंबन चार सप्ताह तक या अगले निर्देश तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा।

New Delhi 07 Mar 26, The central government has banned TRP ratings in a bid to curb sensational news in the wake of the Iran Israel war. The suspension will continue for 4 weeks or until further orders. The government has directed the Broadcast Audience Research Council (BARC) to immediately suspend television rating points (TRP) reporting by news channels for four weeks. As directed by the Ministry of Information and Broadcasting, some TV news channels are showing unnecessary sensational and speculative content amid the Israel-Iran conflict. The ministry said such coverage could lead to panic among the public. The suspension will be in effect for four weeks or until further notice, whichever is earlier.

March 6, 2026

असम में वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त

नई दिल्ली। असम में, वायु सेना का एक सुखोई-30 एम.के.आई लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया।

हादसे में दोनों पायलट की मौत हो गई है। यह हादसा असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हुआ, जो जोरहाट वायुसेना अड्डे से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।

विमान ने इसी अड्डे से उड़ान भरी थी और यह 47 स्क्वाड्रन से संबंधित था। इस विमान का रडार से संपर्क कल शाम 7 बजकर 42 मिनट पर टूट गया था।

बोकाजन उपमंडल के चोकीहोला गांव के स्थानीय लोग सबसे पहले दुर्घटनास्थल तक पंहुचे और वहां मलबे से दो पायलट के शव बरामद किए।

सातवें दिन भी ईरान-यूएस, इसराइल युद्ध जारी, अमेरिका ने कहा IRGC हथियार डाले

वाशिंगटन, 07 मार्च 26, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का आज 7वां दिन है। ईरान तथा अमरीकी और इस्राएली सेना की ओर से ताजा हमलों की खबर है। इस्राएली रक्षाबलों ने बताया कि ईरान की ओर से कई मिसाइले दागी गयीं।

बहरीन ने भी कहा है कि ईरान ने राजधानी मनामा में एक होटल और दो रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

इस हमले में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि चार लोगों को ईरान से सहानुभूति व्‍यक्‍त करने और उसके समर्थन में वीडियो बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्‍त अरब अमीरात ने भी कहा है कि ईरान ने उसके क्षेत्र में कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। संयुक्‍त अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने कल दागे गए सात मिसाइलों में से छह को और 131 ड्रोन में से 125 को हवा में ही नष्‍ट कर दिया।

इस्राएल ने बेरूत में हिजबुल्‍ला के कंमाडर जैद अली जुमा को मार दिया है। जुमा दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला का शस्त्रागार प्रमुख था। इससे पहले इस्राइली नौसेना ने हमास के कमांडर वसीम अताअल्ला अली को भी मार दिया था।

इस बीच, अमरीका के राष्‍ट्रपति डॉनल्‍ड ट्रंप ने ईरान के इस्‍लामिक रेवोल्‍युशनरी गार्ड से हथियार डालने को कहा है। श्री ट्रंप ने कहा कि ईरानी सेना के लिए यह समय अपने लोगों की मदद करने का है।

अमरीका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी ईरान को चेतावनी देते हुए हमले रोकने को कहा है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अरागशी ने कहा है कि ईरान ने अमरीकी प्रशासन से दो बार बात करने की कोशिश की लेकिन अमरीका ने इस बीच ही ईरान पर हमला कर दिया।

उन्‍होंने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि ईरान इस युद्ध के तैयार था उसकी सशक्‍त सेना सुनिश्‍चित कर रही है कि शत्रु को माकूल सबक मिले।

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