योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक शनिवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर में आयोजित की गई। बैठक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें ब्रज क्षेत्र के विकास, पर्यटन और विरासत संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
बैठक के प्रारंभ में स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह, गीता शोध संस्थान, रासलीला अकादमी, मुक्ताकाशीय मंच, मीराबाई अतिथि गृह तथा पर्यटन थाना एवं आवासीय परिसर की प्रगति से संबंधित वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई। इसके साथ ही परिषद की 22 अक्टूबर 2024 को हुई सातवीं बोर्ड बैठक के निर्णयों की पुष्टि भी की गई।
मुख्यमंत्री ने मथुरा–वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए लोक निर्माण विभाग, परिषद और जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने रेपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा।
बैठक में छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा की अंतर्वेदी और बहिर्वेदी परिक्रमा के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर कार्य प्रारंभ कराने पर भी जोर दिया गया।
गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र में नौ प्राचीन कुंडों के पुनर्जीवन की परियोजना, ब्रज क्षेत्र के वनों से प्रोसोपिस ज्यूलीफ्लोरा को हटाकर स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष लगाने और 36 वनों के इको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने, वृंदावन–मथुरा–गोकुल को जोड़ते हुए यमुना नदी पर जलमार्ग विकसित करने, पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने तथा वृंदावन के विभिन्न मार्गों पर रोपवे विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
साथ ही गोवर्धन के परासौली में सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना, वृंदावन के बेगमपुर क्षेत्र में 12 हेक्टेयर पार्किंग और श्री बांके बिहारी मंदिर तक 1.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क के निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई। परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 259 करोड़ रुपये से अधिक की 15 विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्गों पर बेहतर लाइटिंग, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग, जनसुविधाएं और पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाई जाए।
बैठक के अंत में परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल द्वारा प्रस्तुत डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया।
बैठक में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें हेमा मालिनी, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह, संदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।