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बनारस के यूपी कॉलेज में दिनदहाड़े गोली मारकर छात्र की हत्या

March 20, 2026

बनारस के यूपी कॉलेज में दिनदहाड़े गोली मारकर छात्र की हत्या

कॉलेज के क्लास में तबातोड़ फायरिंग से सनसनी…

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में शुक्रवार की दोपहर उदय प्रताप कॉलेज में बी.ए के छात्र सूर्य प्रताप सिंह को क्लास के अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारे ने छात्र पर करीब 4 राउंड फायरिंग कर मौके से फरार हो गया। लहुलुहान अवस्था में घायल हुए छात्र को मौके पर पहुंची पुलिस ट्रामा सेंटर के गई, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में प्रदर्शन शुरू कर दिया, तो वही मौके पर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई।

February 4, 2026

Varanasi मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव ढेर

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यूपी वेब न्यूज

वाराणसी, 04 फरवरी। सारनाथ इलाके में 21 अगस्त 2025 को कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बनारसी यादव को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई मंगलवार देर रात वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में हुई।
यूपी एसटीएफ के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर दी गई जानकारी के अनुसार, सूचना मिली थी कि बनारसी यादव चौबेपुर क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरता देख बनारसी यादव ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा में एसटीएफ को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें बनारसी यादव गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, बनारसी यादव महेंद्र गौतम हत्याकांड समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

January 25, 2026

वाराणसी: सपा प्रतिनिधि को रोकने पर सांसद धरने पर

वाराणसी, 25 जनवरी 2026, समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि मंडल को मणिकाणिका घाट जाने से रोके जाने पर सांसद सांसद वीरेंद्र सिंह अपने आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट के निरीक्षण के लिए जा रहा था, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

प्रतिनिधिमंडल में कुल 11 सदस्य शामिल थे, जिन्हें प्रशासन से अनुमति भी मिली थी। टीम में बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय, चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह, मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज, एमएलसी आशुतोष सिंहा, पाल समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया। इससे नाराज सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।

January 23, 2026

वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी का निधन

वाराणसी, 23 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार विनोद बागी की पत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा (65) का 22 जनवरी की शाम निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ थीं। कल शाम ही पार्थिव शरीर को अग्नि को समर्पित कर दिया गया।

श्री बागी उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) के प्रदेश उपाध्यक्ष और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैं। वे वाराणसी इकाई के अध्यक्ष भी हैं। श्री बागी लोकतंत्र सेनानी हैं।

श्रीमती माधुरी वर्मा के निधन पर उपज के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह और महामंत्री आनंद कर्ण ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

January 19, 2026

Varanasi झूठ के सहारे सहानुभूति बटोरने की साजिश उजागर, दो सांसदों समेत आठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मणिकर्णिका घाट प्रकरण

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लगाया झूठ फैलाकर माहौल बिगाडने का आरोप

Manikarnika Ghat Varanasi

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का विहंगम दृध्य

वाराणसी, 19 जनवरी 2026, मणिकर्णिका घाट Manikarnika Ghat प्रकरण में विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया झूठ उजागर हो गया है। मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद सामने आने और पत्रकार वार्ता करने के बाद झूठ की परतें खुलने लगी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ARTIFICIAL Intellegence (AI) जनरेटेड वीडियो और फोटाग्राफ्स जारी करके केन्द्र और प्रदेश सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश रची गई थी। मामले में चौक पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कांग्रेस समर्थित बिहार निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह, पंजाब की कांग्रेस नेता समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। इन लोगों ने एक एआई जेनरेटेड फोटो एक्स पर शेयर करके आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्द्धार के नाम पर मन्दिरों को तोड़ा गया है, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़ दी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि शेयर फोटो और वीडियो एआई से बनाये गए थे। ये फोटो कुंभ महादेव मन्दिर के हैं, जिसे क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। जबकि यह मन्दिर काशी विश्वनाथ कारोडोर में है और पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि काशी की आस्था और विश्वास से जुड़े इस स्थल पर अनेक मढियां स्थापित होने की बात प्रशासन और प्रदेश के मंत्री, विधायक, मेयर ने  स्वीकार की है। उन्होंने यह भी माना है कि एक मढ़ी को शिफ्ट करते हुए ड्रिलिंग के कंपन से मढी की दीवार पर बनी कलाकृतियों को कुछ नुकसान पहुंचा है। लेकिन, किसी भी तरह से मन्दिर को क्षतिग्रस्त नहीं किया गया है।

दरअसल यह मामला चर्चा में तब आया जब 16 जनवरी की रात लगभग 10 बजे आशुतोष नामक एक्स यूजर के हैंडल से एक फोटो शेयर की गई। इसमें कहा गया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रशासन ने मन्दिरों पर बुलडोजर चला दिया है। मन्दिर तोड़ दिये गए हैं, महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ दिया गया है। इस एक्स ट्बीट पर पप्पू यादव, संजय सिंह और कई लोगों ने शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की तुलना औरंगंजेब और महमूद गजनवी की सरकार से कर दी। इसके बाद मामला गर्मा गया। वीडियो और फोटो की जांच की गई तो पता चला कि वह एआई से बनाया गया है। इस फर्जीवाडे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस सक्रिय हुई। जांच की गई तो पता चल गया कि वीडियो और फोटो सब एआई से बने हुए हैं। जिस कुंभ महादेव के मन्दिर को क्षतिग्रस्त दिखाया गया और उसे मणिकर्णिका घाट पर बताया गया वह उस स्थान से 250 मीटर दूर है और पूरी तरह से सुरक्षित है। अब चौक पुलिस ने मामले में आप सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और छह अन्य को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में पेश होने को कहा है।

मामले की जानकारी के अनुसार 23 जुलाई 2023 को मणिकर्णिका घाट पर सौन्दर्यीकरण और पुनर्रुद्धार के लिए 26.50 करोड़ स्वीकृत किये गए थे। इस धनराशि से घाट पर विस्तारित श्मसान बनाये जाने हैं। यहां 30 नए प्लेटफार्म बनाये जाने हैं क्योंकि शवदाह के लिए स्थान कम होने के कारण जनता को असुविधा होती है। प्रतीक्षा भी करनी पड़ती है। इसके साथ अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाना है। इसके लिए कुछ छोटी छोटी मढियों को शिफ्ट किये जाने की आवश्यकता है। इसी क्रम में जब काम शुरु हुआ तो एक मढ़ी क्षतिग्रस्त हुई. मशीन के कंपन से दीवार पर कलाकृति भी क्षतिग्रस्त हुईं, यह बात प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्वीकार की है। मढ़ी में स्थापित मूर्ति को अन्यत्र संरक्षित रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त मूर्तियों को फिर से उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।

इसी विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने बवाल खड़ा कर दिया है। मन्दिरों को तोड़ने का आरोप लगा दिया। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यहां पहुंच गए और सर्किट हाउस में पत्रकार  वार्ता कर स्थित स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि झूठे फोटो से फर्जी पोस्टें की गई हैं। कांग्रेस माहौल बिगाडना चहती है।

 

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