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विश्व हिंदी दिवस पर संस्कार भारती का साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम

January 11, 2026

विश्व हिंदी दिवस पर संस्कार भारती का साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम


साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद  संस्कार भारती के सदस्य
हाथरस, 11 जनवरी 2026 (उप्रससे)। । विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर संस्कार भारती द्वारा रुई की मंडी में एक विशेष साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार गोपाल शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ जितेंद्र शर्मा रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांतीय संरक्षक आशुकवि अनिल बौहरे ने हिंदी के वैश्विक महत्व और उसकी निरंतर बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने पर जोर दिया।
वरिष्ठ साहित्यकार श्याम बाबू चिंतन ने कहा कि हिंदी हिंद की पताका है, जो संविधान के विधान से विश्वगुरु बनने की क्षमता रखती है। जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने हिंदी को भारतीय संस्कृति की मिठास से जुड़ी भाषा बताया। सुखप्रीत सिंह सुखी ने कहा कि पर्ण की किस्मत कंद हो जाना नहीं होती, वहीं डॉ सुनीता उपाध्याय ने हिंदी की समन्वयकारी शक्ति पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जीवन लाल शर्मा, चौ जयवीर सिंह, सोनाली वार्ष्णेय, अनु विमल, हेमेंद्र कुमार सहित अन्य साहित्यकारों ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में महामंत्री एआर शर्मा ने सभी उपस्थित साहित्यकारों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय द्वारा किया गया।

पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताई मकर संक्रांति पर दान की महत्ता

पंडित सुरेन्द्र नाथ चतुर्वेदी

हाथरस, 11 जनवरी 2026 (उप्रससे)। जनपद के प्रकांड विद्वान एवं सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति के संस्थापक व अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना गया है। यह पर्व उस दिन मनाया जाता है जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी दोनों दिन मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं इसे खिचड़ी पर्व कहा जाता है तो कहीं उत्तरायण पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर किए गए दान से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी के अनुसार मकर संक्रांति पर खिचड़ी अथवा काली उड़द का दान करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। गुड़ का दान सूर्य ग्रह को मजबूत करता है और आत्मविश्वास व भाग्य में वृद्धि करता है। काले तिल का दान करने से सूर्यदेव और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही गर्म वस्त्रों और कंबल का दान करने से लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। वहीं घी का दान आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का कारक माना गया है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दान-पुण्य कर इस पर्व को सेवा और सद्भाव के साथ मनाएं।

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