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उत्तराखंड में 5 नए मंत्री बने, शपथ कराई गई

March 20, 2026

उत्तराखंड में 5 नए मंत्री बने, शपथ कराई गई

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में पांच विधायकों को शामिल कर इसका विस्तार किया गया है।

देहरादून , 20 मार्च 26, लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण करने वालों में राजपुर से विधायक खजान दास, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी, हरिद्वार से मदन कौशिक, रुड़की से प्रदीप बत्रा और भीमताल से राम सिंह कैरा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका व्यापक अनुभव राज्य के लिए लाभदायक होगा।

March 10, 2026

उत्तराखंड: विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” पेश

देहरादून, 10उत्तराखंड सरकार ने बजट सत्र के दौरान आज विधानसभा में “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” पेश किया। इसका उद्देश्‍य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। इस विधेयक के पारित हो जाने पर राज्य में एक एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा। इसमें परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को मुखिया के रूप में दर्ज किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में दर्ज लाभार्थियों के डेटा को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। वर्तमान में सभी सरकारी विभाग अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस इस्तेमाल करते हैं, जिससे आंकड़ों में दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिलताएं और समन्वय की कमी जैसी समस्याएं आती हैं।

February 23, 2026

देहरादून के वरिष्ठ पत्रकार रामप्रताप मिश्र साकेती नहीं रहे

Ram Pratap Mishra Saketi, Senior Journalist Dehradun

Posted on 23.02.2026, Monday, Time 07.59 PM, Dehradun, Ram Pratap Mishra Saketi, Ayodhya

देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार मेरे सहयोगी रहे रामप्रताप मिश्र साकेती नहीं रहे। उनके निधन का समाचार जानकार बहुत कष्ट हुआ। बहुत ही स्पष्ट विचार, धुन के पक्के, अति स्वाभिमानी और गैर समझौतावादी साकेती का जीवन सीधा सपाट और विवाद रहित था। वे मेरे साथ 1988 में जुड़े थे, जब हम देहरादून में विश्व मानव दैनिक के प्रभारी थे। अखाड़ा बाजार के नारायण मार्केट में तीसरी मंजिल के कार्यालय में वे मिलने आए थे और फिर उसी दिन हमारे साथ संवाददाता के रूप में जुड़ गए थे। 100 कांवली रोड उनका पता था, जो उनकी पहचान बन गया था, क्योंकि वे बाहरी पत्र पत्रिकाओं में नियमित छपते थे और साथ ये पता भी। उन्होंने मेरे देहरादून रहने तक इस अखबार में काम किया। फिर दैनिक जागरण से जुड़े। जब मैं पाञ्चजन्य से जुड़ा तो वे देहरादून से पाञ्चजन्य का सहयोग करते थे। वे उत्तराखण सूचना विभाग से भी कुछवर्ष जुड़े रहे।
संप्रति भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की पत्रिका देवकमल का संपादन कर रहे थे। देहरादून के मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनका निधन कल बुलंदशहर में हुआ, जहां उनका बेटा नौकरी में है। साकेती जी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी थे। लगभग 45 साल पहले वे अयोध्या से देहरादून आ गए थे और यहीं के होकर रह गए।
साकेती जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करे। ॐ शांति शांति शांति।

February 8, 2026

47 वर्षीय कलम सिंह बिष्ट ने जीती  120 किलोमीटर लम्बी ओमान  रेस !

Kalam Singh Bist, Chamoli, Ex Army Person

लंबी दूरी की दौड़ का विश्व विजेता कलम सिंह बिष्ट पूर्व सैनिक

  • गढ़वाल राइफल के पूर्व सैनिक ने विश्व मंच पर भारत और  उत्तराखंड का परचम  लहराया 
  • गढ़वाल राइफल के पूर्व सैनिक नायक कलम सिंह बिष्ट ने ओमान में आयोजित 120 किलोमीटर लम्बी अल्ट्रा ट्रेल रेस जीतकर कीर्तिमान बनाया है।
  • लम्बी दौड़ की श्रेणी में अभी तक मैराथन 42 किलोमीटर को सबसे लम्बी दौड़ माना जाता रहा है और यह सामान्य रोड़ पर आयोजित की जाती है। 

Posted on 08.02.2026 Sunday, Time: 09.13 AM, Report Bhupat Singh Bist, Dehradun 

देहरादून, 08 फरवरी। ओमान में आयोजित 120 किलोमीटर लम्बी अल्ट्रा ट्रेल रेस जीतकर उत्तराखंड के कलम सिंह बिष्ट ने रिकॉर्ड बनाया है। बिष्ट पूर्व सैनिक हैं, वे गढ़वाल राइफल्स से सेवानिवृत हुए हैं।

अल्ट्रा ट्रेल रेस का मार्ग पथरीला और रेगिस्तान की दुर्गमता लिए है जाना जाता है। ये दूरी नापने में नायक कलम सिंह बिष्ट ने 18 घंटे और 18 मिनट का समय दर्ज किया। इस दुर्गम रोमांचक दौड़ में 68 देश के हजारों धावक शामिल थे। चमोली गढ़वाल के मुन्दोली ग्राम निवासी कलम सिंह बचपन में 12 किलोमीटर रोजाना स्कूल की दूरी नापा करते थे।

जीवन में अभाव ने संघर्ष की प्रेरणा दी। पिता ने जोश भरा – जीतने से पहले छोड़ना नहीं है। 

नई युवा पीढ़ी को ड्रग और मोबाइल की लत से छुड़ाने के लिए पूर्व फौजी नायक कलम सिंह बिष्ट अब प्रशिक्षक की भूमिका में सुदूर गांवो में शिविर आयोजित कर रहें हैं अल्ट्रा ट्रेल रेस विजेता उत्तराखंड के युवाओं को अंतर -राष्ट्रीय खेलों में सफल देखना चाहते हैं।

प्रस्तुति – भूपत सिंह बिष्ट

February 7, 2026

भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि के हाथों में: योगी आदित्यनाथ

CM UP Yogi Adityanath & CM UK Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में यमकेश्वर इंटर कालेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

लखनऊ : 06 फरवरी, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने आज पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री जी ने यमकेश्वर महादेव की पावन धरा को नमन करते हुए सभी को इण्टर कॉलेज के नवनिर्मित भवन की बधाई दी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तराखण्ड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। यह विकास एकतरफा नहीं है, बल्कि अपनी सभ्यता और संस्कृति तथा अपने उच्च आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित हो रहे हैं। भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि उसका एक पक्ष है। यह तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का सम्मान करते हुए हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करे। शिक्षण संस्थानों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल तथा जीवन निर्माण के केन्द्र बनें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर सनातन धर्मावलम्बी अपने आप को किसी न किसी गोत्र से सम्बन्धित करता है। यह गोत्र हमारी ऋषि परम्परा का प्रतिनिधित्व करता है, जो उनके प्रति हमारी कृतज्ञता को भी व्यक्त करता है। प्राचीनकाल में ऋषियों के आश्रम हमारी शिक्षा के केन्द्र थे, जिन्हें गुरुकुल भी कहते थे। यह गुरुकुल अध्ययन के साथ ही शिक्षा, शिल्प, कृषि, आयुर्वेद सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में पारंगत बनाने के केन्द्र भी थे। यहां से निकले छात्र जीवन संग्राम में अपने आपको असहाय नहीं पाते थे। उनके लिए कोई कार्य छोटा अथवा कठिन नहीं होता था।
जीवन में वही सफल होता है, जो सकारात्मक भाव के साथ अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। यह हमारा सौभाग्य है कि वर्तमान में भारत का नेतृत्व राष्ट्रऋषि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में है, जो देश को विकास की नित नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान देने तक सीमित न रहे, बल्कि व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने के केन्द्र भी बनें। हमें इस दिशा में बढ़ना होगा।
हमारे विद्यालय स्किल डेवलपमेन्ट के केन्द्र हो सकते हैं। उत्तराखण्ड सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इण्टर कॉलेज, यमकेश्वर में स्मार्ट क्लासेज, स्किल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। वर्तमान समय की उभरती हुई तकनीकों का केन्द्र बिन्दु हमारे शिक्षण संस्थान बन रहे हैं। इस कॉलेज की स्थापना स्व श्री सोहन सिंह चौहान द्वारा की गयी थी। उस समय यमकेश्वर में साधन, सड़कें एवं विद्युत की व्यवस्था नहीं थी। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल तथा सड़कें हैं। आवागमन आसान हुआ है। अच्छी कनेक्टिविटी हो गई है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वह आज से लगभग 45 वर्ष पहले यहां आये थे। उस समय इस क्षेत्र में मेला लगा था। तब कॉलेज भवन काफी जर्जर था। आदित्य बिरला ग्रुप ने उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर कॉलेज के नवीन भवन के निर्माण को पूर्ण किया। अब इसमें और अच्छी शिक्षा मिले, यह हमारा संकल्प होना चाहिए। हमें बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। आज आपके लिए शिक्षा आसान हो गई है। हम भी आई0आई0टी0, जे0ई0ई0, नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयार कर सकते हैं। निर्धारित समय तक विद्यालय के उपयोग के बाद भी विद्यालय भवन का उपयोग हो। उसमें कुछ विशेष कक्षाएं चलायी जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें पाठ्यक्रम में भी कुछ नयापन करना चाहिए। यमकेश्वर महादेव का बहुत अच्छा मन्दिर है। यहां पर पर्यटन की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में विद्यालय को स्वयं को जोड़ना चाहिए। इसी प्रकार बागवानी, सब्जी की अच्छी खेती तथा ऑर्गेनिक फसलों के क्षेत्र में लोगों को तैयार करना चाहिए। यहां का जल प्राकृतिक और शुद्ध है। इस शुद्धता की कीमत हमें समझनी होगी। इस दिशा में नये प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। हमारे यह कार्य लोगों के लिए एक प्रेरणा होंगे। इस प्रेरणा का केन्द्रबिन्दु हमारे शिक्षण संस्थानों को बनना पड़ेगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि ‘विद्या नाम नरस्य रूपमधिकं’ अर्थात विद्या मनुष्य का सबसे बड़ा आभूषण है। शिक्षा में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को दिशा तथा समाज को संस्कार देती है और राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बनाती है। शिक्षा के महत्व को समझते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश में नई शिक्षा नीति लेकर आए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यावहारिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी सनातन संस्कृति के रक्षक हैं। वह इसी भूमि में पैदा हुए हैं तथा उनके हृदय में देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। संन्यास, साधना और राष्ट्र सेवा का अद्भुत समन्वय योगी जी के व्यक्तित्व में दिखाई देता है। यह उन्हें एक साधारण राजनेता से कहीं ऊपर एक राष्ट्र पुरुष के रूप में स्थापित करता है। आज योगी जी ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन की स्थापना की है। वह आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली आज की युवा पीढ़ी के लिए आदर्श है।
योगी जी ने भी इसी क्षेत्र में पढ़ाई की है। इसी क्षेत्र में साधारण परिस्थितियों में पैदा होने के बाद उन्होंने असाधारण काम किया है। उन्होंने अपने अनुशासन, परिश्रम और संकल्प से असाधारण ऊंचाइयां प्राप्त की हैं और आज देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं। योगी जी का जीवन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हां, कितनी भी कठिन क्यों ना हों, यदि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव हो, तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं होता है। हर चुनौती एक अवसर बन जाती है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तराखण्ड के विद्यालयी शिक्षा (बेसिक एवं माध्यमिक) मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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