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ऊर्जा संकट का समाधान देने वाले वैज्ञानिक की जन्मभूमि है सीतापुर

March 27, 2026

ऊर्जा संकट का समाधान देने वाले वैज्ञानिक की जन्मभूमि है सीतापुर

Posted on 27.03.2026, Time 06.12 PM Saturday, Sitapur Report by Alok Kumar Vajpayee

सीतापुर की धरती का गौरव: आज की ऊर्जा चुनौती का समाधान दशकों पहले दे चुके थे डॉ. राम बख्श सिंह

सीतापुर 27 March 26,  (यूपीएसएस)। जनपद के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि जिस बायोगैस (गोबर गैस) समाधान को आज सरकारें ऊर्जा संकट के विकल्प के रूप में अपनाने की दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही हैं, उसी दिशा में दशकों पूर्व सीतापुर की जन्मभूमि से जुड़े विश्वविख्यात वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉ. राम बख्श सिंह ने मार्ग प्रशस्त किया था।
वर्तमान समय में, जब पारंपरिक ईंधन (जैसे LPG एवं पेट्रोलियम उत्पादों) पर निर्भरता के कारण आपूर्ति एवं मूल्य से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोबर गैस संयंत्रों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है। यह पहल इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि डॉ. राम बख्श सिंह की वैज्ञानिक सोच कितनी दूरदर्शी और समय से आगे थी।
डॉ. राम बख्श सिंह ने वर्ष 1957 में सीतापुर में भारत का पहला सफल गोबर गैस संयंत्र स्थापित कर ग्रामीण ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई दिशा दी। उन्होंने न केवल भारत में बल्कि विश्व के 15 से अधिक देशों में बायोगैस तकनीक के विकास और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लगभग 40 वर्षों तक उनके निरंतर शोध, नवाचार और कार्यों ने बायोगैस को एक व्यवहारिक एवं टिकाऊ ऊर्जा समाधान के रूप में स्थापित किया।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्ष 1970 के दशक के वैश्विक ऊर्जा संकट के समय भी डॉ. राम बख्श सिंह ने बायोगैस को एक स्वदेशी, स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया था। आज, जब विश्व पुनः ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनका वही दृष्टिकोण पुनः अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध हो रहा है।
यह सीतापुर जनपद के लिए गर्व का विषय है कि इस भूमि ने ऐसे वैज्ञानिक को जन्म दिया, जिनकी सोच आज भी राष्ट्रीय नीतियों और ऊर्जा समाधानों को दिशा दे रही है।
आवश्यक है कि इस अवसर पर डॉ. राम बख्श सिंह के योगदान को व्यापक स्तर पर जनसामान्य तक पहुँचाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकें।।

Sitapur 27 March 26, (UPSS). It is a matter of great pride for the district Sitapur that the biogas (cow dung gas) solution, which today governments are working on a mission mode towards adopting as an alternative to the energy crisis, was paved the way decades ago by the world-renowned scientist late Dr. Ram Baksh Singh associated with the birthplace of Sitapur.