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भाषण के दौरान भावुक हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू

March 22, 2026

भाषण के दौरान भावुक हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, मंच पर छलके आंसू

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
22/03/2026

*गोरखपुर में निषाद पार्टी की महारैली*

गोरखपुर। महंत दिग्विजय नाथ पार्क में आयोजित निषाद पार्टी की विशाल महारैली उस समय भावुक क्षणों की गवाह बन गई, जब उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद अपने संबोधन के दौरान फूट-फूटकर रो पड़े। आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित इस रैली में गोरखपुर सहित आसपास के कई जिलों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और समाज के लोग जुटे, जिससे पूरा मैदान जनसैलाब में तब्दील नजर आया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले डॉ. निषाद ने बाइक रैली के जरिए शहर में शक्ति प्रदर्शन किया। उनके काफिले का जगह-जगह स्वागत हुआ। जैसे ही वे महंत दिग्विजय नाथ पार्क पहुंचे, मंच तक बने विशेष रैंप पर कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर उनका भव्य अभिनंदन किया। हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए समर्थक लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण बना रहा।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने सबसे पहले भारी भीड़ के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह भीड़ किसी प्रकार से जुटाई गई नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और हक की लड़ाई लड़ने वाले लोगों की ताकत है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब अपने अधिकारों के लिए जाग चुका है और आने वाले समय में पूरे प्रदेश में इसी तरह का जनसैलाब खड़ा किया जाएगा।
अपने भाषण के दौरान जैसे ही उन्होंने निषाद समाज के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय और उपेक्षा का जिक्र किया, वे भावुक हो गए। उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने कहा, “हमारे लोगों के साथ वर्षों से अन्याय हुआ है, हमें हमारे अधिकारों से वंचित रखा गया है। लेकिन अब यह अन्याय ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा।” इस दौरान मंच पर मौजूद नेता और नीचे खड़े कार्यकर्ता भी भावुक नजर आए।
डॉ. निषाद ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियों ने दशकों तक निषाद समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उनके उत्थान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि जब भी वे विधानसभा या अन्य मंचों पर समाज के मुद्दे उठाते हैं, तो उसका प्रभाव दिखता है और सरकार स्तर पर चर्चा होती है।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का विषय है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, तब किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन निषाद समाज की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि अब समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करेगा।
सभा में उन्होंने यह भी बताया कि निषाद पार्टी के पास वर्तमान में 11 विधायक हैं, जो विधानसभा में समाज के मुद्दों को मजबूती से उठा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और पार्टी की नीतियों व विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं।
डॉ. निषाद ने अपने संबोधन में समाज के युवाओं और बच्चों के भविष्य पर भी चिंता जताई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। साथ ही उन्होंने अपनी लिखी पुस्तकों और आरक्षण से जुड़े विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही, ताकि समाज अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक हो सके।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने एक बार फिर कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि निषाद समाज अपनी ताकत पहचान कर अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़े। महारैली में उमड़ी भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह यह संकेत दे रहा था कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक प्रमुखता से उठ सकता है।