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गोरखपुर में ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश

March 22, 2026

गोरखपुर में ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
22/03/2026

गोरखपुर, गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है, पुलिस ने ऑनलाइन निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है,इस गिरोह के सदस्यों पर आरोप हैं कि वह लोग फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब एक अरब रुपए मंगाकर इस रकम को क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग की और लोगों को भारी मुनाफे का लालच देते हुए उन्हें ठगा है, पुलिस को इस गिरोह के ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है, पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंबेडकर नगर के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के लखानडीह निवासी अजीत यादव, कुशीनगर जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के आलम चक निवासी अजय कुमार, बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के छोटकी सेढ़ियां निवासी पारतेश सिंह और कुशीनगर जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के सेनूआ निवासी गणेश साहनी के रूप में हुई है, अभी पुलिस को एक गिरोह के एक और सदस्य शाहजहांपुर निवासी ऋषभ की तलाश है.

इस मामले में सीओ अरुण कुमार एस की माने तो इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है, साथी साइबर सेल की मदद से इस गिरोह के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है,जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेजी कर उन्हें पकड़ा जा सके, बताया जा रहा है कि इस गिरोह के सदस्यों ने अब तक कई 100 लोगों को अपना शिकार बनाया है और 20 मार्च को भी रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के एक होटल में यह लोग कुछ और नए सदस्यों को अपना ठगी का शिकार बनाने के फिराक में थे.

गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने की पुलिस को 20 मार्च को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थीं कि रामगढ़ताल स्थित एक होटल में कुछ लोग फॉरेक्स ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में निवेश करने के नाम पर लोगों को झांसा दे रहे हैं, इस गिरोह के सदस्य लोगों को अधिक लाभ कमाने का झांसा देकर सैकड़ो लोगों से रुपए ऐड चुके है, और कुछ नए लोगों को बुलाकर ठगी की योजना बना रहें हैं, इस सूचना पर रामगढ़ताल थाने की पुलिस ने होटल में छापेमारी कर इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से लैपटॉप बैंक खाते से जुड़ी दस्तावेज मोबाइल फोन और विभिन्न खातों ऑन की यूजर आईडी और पासवर्ड से संबंधित डिटेल भी बरामद की है, पुलिस अधिकारियों की माने तो यह गृह अविनियमित निक्षेप योजनाएं संचालित कर रहा था जो पूरी तरह से गैरकानूनी है, इस ठगी को लेकर कई और पीड़ितों के समाने आने की संभावना है,पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों का डिटेल खंगाल रही है, पता लगाने की कोशिश कर रहीं है कि कि ठगी में कौन-कौन लोग शामिल हुआ और ठगी की कुल रकम कितनी है.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फर्जी और किराए पर लिए गए बैंक खातों का इस्तेमाल किया करते थे,इस गिरोह के सदस्य इन खातों में लोगों को निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर कराई जाती थी, इसके बाद इस पैसे से क्रिप्टो ट्रेडिंग की जाती थी, और निवेशकों को मुनाफे के झूठे आंकड़े दिखाकर और अधिक पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था, जब निवेदक अपने पैसों को वापस मांगते थे तो उनके साथ टालमटोल कर उनसे संबंध तोड़ दिया जाता था, पुलिस की जांच में आरोपियों के पास से ऐसे खाते कवि रिटेल मिले है जिसमें साइबर जालसाजी की रकम भी आई है, दूसरे जनपद की पुलिस ने इन खातों को फ्रिज भी कराया है, इस गिरोह के सदस्य एक खाता बंद हो जाने के बाद झांसा देकर दूसरे के नाम से खाता खुलवा लेते थे और उनकी यूजर आईडी अपने पास लेकर उससे ठगी करते थे.