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पार्टियों को चुनावी डिजिटल विज्ञापन कराने होंगे स्वीकृत

March 20, 2026

पार्टियों को चुनावी डिजिटल विज्ञापन कराने होंगे स्वीकृत

Posted on 20.03.2026 Friday Time 06.09 PM

नई दिल्ली 20 मार्च 26, चुनावी विज्ञापन के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़े नियम बनाए हैं। अब डिजिटल और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में विज्ञापन जारी करने से पहले इसे मीडिया मॉनिटरिंग कमिटी से स्वीकृत कराना पड़ेगा।

The Election Commission has made strict rules for election advertising. Advertisements in digital and electronic media will now have to be approved by the Media Monitoring Committee before they can be released.

निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापनों को विनियमित करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और व्यक्तियों या संगठनों को भी अपने विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले स्वीकृति लेनी होगी। स्वीकृति मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति -एमसीएमसी से लेनी होगी। यह नियम टीवी, रेडियो, सार्वजनिक प्रदर्शन स्क्रीन, ई-पेपर, बढी संख्‍या में एसएमएस, वॉइस मैसेज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों पर लागू होता है। आयोग ने कहा है कि उम्मीदवार और व्यक्ति जिला एमसीएमसी में प्रमाणन के लिए आवेदन कर सकते हैं। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यालय वाले राजनीतिक दलों को राज्य स्तरीय एमसीएमसी में आवेदन करना होगा। इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि संबंधित एमसीएमसी से पूर्व-प्रमाणन के बिना कोई भी राजनीतिक विज्ञापन जारी नहीं किया जाना चाहिए। इसमें राजनीतिक दल या उम्मीदवार द्वारा किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया या वेबसाइट और सोशल मीडिया भी शामिल है। आयोग ने एमसीएमसी को मीडिया में भुगतान किए गए समाचारों के संदिग्ध मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय अपने हलफनामे में प्रामाणिक सोशल मीडिया खातों का विवरण देना अनिवार्य है।

आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के भीतर निर्वाचन आयोग को इंटरनेट और सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से प्रचार पर हुए खर्च का विवरण देना होगा।

निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में एक अपीलीय समिति का गठन किया है। यहां दल या उम्मीदवार एमसीएमसी द्वारा लिए गए निर्णयों को चुनौती दे सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिना पूर्व अनुमति के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन ऑनलाइन या सोशल मीडिया पर प्रकाशित नहीं किया जा सकता है। ये कदम चुनाव प्रचार में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।