Santosh Kumar Singh Gorakhpur
18/03/2026
शास्त्री चौराहे पर 500 से अधिक हेलमेट वितरित, ट्रैफिक नियमों के पालन की अपील*
गोरखपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के तहत सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शहर में जागरूकता अभियान को तेज किया गया है। इसी क्रम में गैलेंट ग्रुप की ओर से शास्त्री चौराहे पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के बीच 500 से अधिक हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम में एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह और एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय मुख्य रूप से मौजूद रहे।
शहर के व्यस्ततम चौराहों में शामिल शास्त्री चौराहे पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी रोजाना तेज रफ्तार और भारी वाहनों के बीच घंटों ड्यूटी करते हैं, जिससे उनके सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में उन्हें हेलमेट उपलब्ध कराना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट का सबसे बड़ा कारण सिर पर लगने वाली चोट होती है, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक टाला जा सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों और सवारों से अपील की कि वे हेलमेट को अपनी आदत बनाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
कार्यक्रम के दौरान शहरवासियों को भी जागरूक करते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई। लोगों से कहा गया कि वे तेज रफ्तार से बचें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और ट्रैफिक संकेतों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और अनुशासन ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे कारगर तरीका है।
गैलेंट ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी इसी प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि हेलमेट सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का जरूरी साधन है।

