मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में पीजी रेजिडेंट्स बैच 2025 के विद्यार्थियों के लिए भव्य ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘परिचय-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा की रूपरेखा, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी, कुलपति डा. एनसी प्रजापति, फॉरेन्सिक मेडिसिन विभाग के डा. शरद अग्रवाल, मेडिकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे, स्किन बीडी विभाग के एचओडी डा. रामावतार बम्ब और मनोरोग विभाग के एचओडी डा. नामित गौतम ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कुलाधिपति किशन चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान पीजी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त करते हुए उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का पेशा बेहद जिम्मेदारी और सेवा भाव से जुड़ा हुआ है। समाज डॉक्टर को भगवान के समान मानता है, इसलिए यह सुनिश्चित करना हर डॉक्टर की जिम्मेदारी है कि उसके पास आने वाला मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे। उन्होंने आशा जताई कि छात्र अच्छे डॉक्टर बनने के साथ-साथ अच्छे इंसान भी बनकर निकलें।
कुलपति डा. एनसी प्रजापति ने कहा कि डॉक्टर के लिए उसका मरीज ही भगवान होता है। तन, मन और समर्पण की भावना के साथ सेवा करना ही एक सच्चे चिकित्सक की पहचान है।
इस अवसर पर मेडिकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे और फॉरेन्सिक मेडिसिन विभाग के डा. शरद अग्रवाल ने नवागत पीजी छात्रों को अनुशासन और चिकित्सा शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. नामित गौतम ने की, जबकि मंच संचालन डा. खुशबू राठी ने किया। ओरिएंटेशन कार्यक्रम में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. अभय सूद, मेडिसिन विभाग के एचओडी डा. आरके गुप्ता, स्त्रीरोग विभाग के एचओडी डा. धन सिंह, सर्जरी विभाग के एचओडी डा. अजय अग्रवाल, शिशु रोग विभाग के एचओडी डा. मनोज कुमार, अस्पताल की जनरल मैनेजर स्वाती शर्मा, विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल सहित लगभग 75 पीजी रेजिडेंट्स चिकित्सक उपस्थित रहे।

