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साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत: सुलझे रिकार्ड 2.13 लाख मामले

March 15, 2026

साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत: सुलझे रिकार्ड 2.13 लाख मामले

5.83 करोड़ रुपए का मुआवजा
बैंक ऋण के 1293 मामले निस्तारित, 2.99 करोड़ की वसूली

Post on 14.3.26
Saturday, Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
शनिवार को इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकार्ड वादों का निपटारा हुआ। आपसी सहमति के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,13,557 वादों का निस्तारण किया गया। इससे लंबित मुकदमों का बोझ घटा।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम ने मां सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर जिला न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मंच न्याय को आम जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।सुलह समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इससे वादकारी का समय व धन की बचत होती है।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनित चन्द्रा, एमएसीटी के पीठासीन अधिकारी संजय कुमार, लारा कोर्ट के जैगम उद्दीन, लोक अदालत के नोडल अधिकारी मौ फिरोज, सीजेएम श्वेता चौधरी के अलावा अन्य न्यायिक, बैंक व दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता, जिला बार एसोसिएशन
के पदाधिकारी और अधिवक्ता आदि रहे।

वादों का निस्तारण।
लोक अदालत में न्यायालयों में 23,250, प्रशासन में 189014, बैंक -1293 वादों समेत कुल 2 लाख 13 हजार 557 वादों का निपटारा हुआ।

प्राधिकरण सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि आज लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 22163 शमन योग्य वाद निस्तारित हुए। आरोपितों पर 5 लाख 58 हजार 970 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। वैवाहिक व भरण पोषण के 62 मामलों परिवार न्यायालय ने आपसी सहमति से सुलझाया। जबकि उत्तराधिकार का एक मामला निस्तारित कर 15 लाख 47 हजार 186 रुपए के प्रमाण पत्र जारी किए।लघु प्रकृति में लेबर एक्ट, मोटर वाहन अधिनियम आदि मामले सुलझ गए।

प्रमुख निस्तारण
-22,163 शमन योग्य वादों का निस्तारण, 5,58,970 रुपये का अर्थदंड।

मोटर वाहन दुर्घटना-
56 मामले निस्तारित- 5.83 करोड़ रुपये मुआवजा
न्यायालय द्वारा: 23,250
प्रशासन द्वारा: 1,89,014
बैंक द्वाराः 1,293 निस्तारण में 2.99 करोड़ रुपए की वसूली

लोक अदालत में भीड़ –
शनिवार सुबह ही वादकारियों की लंबी लाइन लगी। विशेष रूप से बैंक ऋण, यातायात चालान, बिजली बिल बकाए के मामले लेकर लोग अदालत पहुंचे।