वृंदावन। प्रज्ञान मिशन के तत्वावधान में फोगला आश्रम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में महेंद्र प्रताप सिंह ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में एच.एच. परमहंस प्रज्ञानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का वास्तविक गर्भगृह स्थल अपने मूल स्वरूप में वापस आएगा और वहां भगवान का भव्य मंदिर स्थापित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी प्रकार के टकराव का नहीं, बल्कि संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सत्य की स्थापना का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न्यायालय से लेकर जमीन तक शांतिपूर्ण तरीके से लड़ा जा रहा है और इसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना है। “चलो गांव की ओर” एवं “श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा” जैसे अभियानों के माध्यम से इस विषय को देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिक एवं पुरातात्विक जांच की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि तथ्यों को और स्पष्ट किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को जन्मभूमि के वास्तविक गर्भगृह स्थल पर मंदिर निर्माण के समर्थन में संकल्प दिलाया और शांतिपूर्ण तरीके से अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संत स्वामी ब्रह्मानंद, स्वामी कृष्णानंद गिरी, भास्कर शास्त्री, कुसुम मिश्रा, रीना मुखर्जी, देवाशीष, भूषण पाटिल सहित देश-विदेश से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संत प्रज्ञानंद जी महाराज ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विषय को अपने कार्यक्रमों में प्रमुखता से उठाएंगे।

