- मुख्यमंत्री ने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की
लखनऊ : 06 मार्च, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम उत्तर प्रदेश को समृद्धि की ऊंचाइयों की ओर लेकर जा रहे हैं। विकास की पहली शर्त सुरक्षा होती है। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने के प्रयासों की कड़ी सुरक्षा से ही प्रारम्भ होती है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने यह कार्य करके दिखाया है कि एक बिगड़े हुए, अराजक, दंगाग्रस्त और कर्फ्यूग्रस्त राज्य को भी ‘सेफ यू0पी0’ के रूप में बदला जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को अभिनव प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह पहली बार हुआ कि कानून व्यवस्था भी चुनाव का मुद्दा बनी तथा आजादी के बाद पहली बार कोई सरकार अपना 05 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुनी गई। यह उन्हीं प्रयासों का परिणाम है, जो वर्ष 2017 से 2022 के दौरान राज्य में उत्तर प्रदेश पुलिस ने किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। प्रदेश पुलिस ने हर वह कार्य किया, जो भारत की आत्मा वाले राज्य को सजाने व संवारने के लिए यहां के नेतृत्व ने चाहा है। विगत 09 वर्षों में इन कार्यों के परिणाम भी सभी के सामने हैं। इन वर्षों में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। इसके लिए कुछ कदम उठाए गए तथा रिफॉर्म किए गए। ट्रांसफॉर्मेशन बिना रिफॉर्म के नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल के पास कुल 9,500 चार पहिया वाहन थे। आज इनकी संख्या 15,500 से अधिक हुई है। दो पहिया वाहनों की संख्या वर्ष 2017 में मात्र 3,000 थी। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक हुई है। यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं हुई है, बल्कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने में सफलता मिली है। आपातकालीन स्थिति में की जाने वाली त्वरित कार्यवाही ही ट्रस्ट में बदलती है। यह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मॉडर्न पुलिसिंग के 03 महत्वपूर्ण सूत्र-इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी बताए हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पुलिस बल का कुल बजट लगभग 16 हजार करोड़ रुपये था। वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय और पुलिस लाइन्स का निर्माण नहीं हो पाया था। फिर परिणाम कैसे आते। पुलिस के असलहे पुराने थे, उनके पास कोई सुविधा नहीं थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कार्य नहीं हुए थे। बैरकों की स्थिति बहुत खराब थी, जिनमें जवानों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। वर्ष 2017 में लखनऊ पुलिस लाइन्स के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां के बैरकों की अव्यवस्था स्वयं देखी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के 55 जनपदों में सबसे ऊँची बिल्डिंग उत्तर प्रदेश पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की है। आज राज्य में मॉडल थाने, मॉडल फायर स्टेशन बन रहे हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल की ट्रेनिंग क्षमता मात्र 03 हजार थी। प्रदेश में उस समय वर्षां से पुलिस भर्ती नहीं की गयी थी तथा निष्पक्ष भर्ती पर एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ था। उस समय अन्य राज्यों एवं मिलिट्री तथा पैरा मिलिट्री की ट्रेनिंग क्षमता का उपयोग करने के पश्चात लगभग 30 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की क्षमता प्राप्त हुई। हमारी सरकार द्वारा पुलिस के ट्रेनिंग सेण्टरों की अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया। हाल ही में प्रदेश पुलिस बल में 60,244 पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी। सभी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग प्रदेश के ही ट्रेनिंग सेण्टरों में करायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में तीन नये आपराधिक कानून लागू किये गये। इन तीन नये कानूनों में 07 वर्ष से अधिक की प्रत्येक सजा पर फॉरेन्सिक साक्ष्य की आवश्यकता पड़ती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 02 फॉरेन्सिक लैब थीं। आज प्रदेश में 12 फॉरेन्सिक लैब हैं। ए-ग्रेड की 06 फॉरेन्सिक लैब निर्माणाधीन हैं। एक विश्वस्तरीय फॉरेन्सिक इन्स्टीट्यूट भी उत्तर प्रदेश में है। इस इन्स्टीट्यूट में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। प्रत्येक जनपद में 02-02 फॉरेन्सिक मोबाइल वैन तैनात हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, एस0डी0आर0एफ0 का गठन हो चुका है। पी0ए0सी0 की 03 महिला बटालियन का गठन किया जा चुका है और 03 नई महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी को आगे बढ़ाने के प्रयास प्रारम्भ किये गये हैं। जब टेक्नोलॉजी और ट्राँसफॉर्मेशन एक साथ होता है तथा इसके जो परिणाम आते हैं, वही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनते हैं। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं। उन्हें प्रदेश की जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति पर विश्वास है। प्रदेश में बेटियां एवं व्यापारी सुरक्षित हैं। व्यापारी उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षां में प्रदेश में विकास सम्बन्धी अनेक कार्य किये गये हैं। प्रदेश में 02 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी है। आज प्रदेश में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद है, जिससे बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल एवं पी0ए0सी0 बल की मांग देश के अन्य राज्यों द्वारा भी की जाती है। प्रदेश सरकार तथा प्रदेश की पुलिस अपनी जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम राज्य को सेफ व समृद्ध स्टेट तथा भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउण्डेशन ने सी0एस0आर0 निधि से 50 क्यू0आर0टी0 वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस बल को उपलब्ध कराये हैं। सुरक्षा के वातावरण में ही बेहतर व्यवसाय फलता-फूलता है, उद्यम आगे बढ़ता है तथा युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होते हैं। क्यू0आर0टी0 वाहनों की उपलब्धता सोशल सिक्योरिटी, इण्डस्ट्री और इकोनॉमिक ग्रोथ की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज यहां केवल 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को प्रदान करने का समारोह मात्र नहीं है, बल्कि यह समारोह शासन-प्रशासन, इण्डस्ट्री और समाज की एक दिशा में सोचने की प्रक्रिया है। जब हम सभी एक दिशा में सोचते हैं, तो विकास तीव्र होता है। यह विकास ही सबके विश्वास का कारण बनता है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक्स श्री राम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री अमिताभ यश सहित अन्य अधिकारीगण तथा हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन के वाइस प्रेसीडेन्ट कॉरपोरेट अफेयर्स श्री पीयूष मित्तल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने क्यू0आर0टी0 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘सेफ यू0पी0’ और ‘समृद्ध यू0पी0’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को अभिनव प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यह पहली बार हुआ कि कानून व्यवस्था भी चुनाव का मुद्दा बनी तथा आजादी के बाद पहली बार कोई सरकार अपना 05 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर से चुनी गई। यह उन्हीं प्रयासों का परिणाम है, जो वर्ष 2017 से 2022 के दौरान राज्य में उत्तर प्रदेश पुलिस ने किए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आत्मा है। प्रदेश पुलिस ने हर वह कार्य किया, जो भारत की आत्मा वाले राज्य को सजाने व संवारने के लिए यहां के नेतृत्व ने चाहा है। विगत 09 वर्षों में इन कार्यों के परिणाम भी सभी के सामने हैं। इन वर्षों में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। इसके लिए कुछ कदम उठाए गए तथा रिफॉर्म किए गए। ट्रांसफॉर्मेशन बिना रिफॉर्म के नहीं हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल के पास कुल 9,500 चार पहिया वाहन थे। आज इनकी संख्या 15,500 से अधिक हुई है। दो पहिया वाहनों की संख्या वर्ष 2017 में मात्र 3,000 थी। आज इनकी संख्या 9,200 से अधिक हुई है। यह वृद्धि केवल संख्या में ही नहीं हुई है, बल्कि इससे पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने में सफलता मिली है। आपातकालीन स्थिति में की जाने वाली त्वरित कार्यवाही ही ट्रस्ट में बदलती है। यह ट्रस्ट ही ट्रांसफॉर्मेशन का आधार बनता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मॉडर्न पुलिसिंग के 03 महत्वपूर्ण सूत्र-इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी बताए हैं। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पुलिस बल का कुल बजट लगभग 16 हजार करोड़ रुपये था। वह भी खर्च नहीं हो पाता था। वर्षों पहले जिले बने थे, लेकिन जिला मुख्यालय और पुलिस लाइन्स का निर्माण नहीं हो पाया था। फिर परिणाम कैसे आते। पुलिस के असलहे पुराने थे, उनके पास कोई सुविधा नहीं थी। इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में कार्य नहीं हुए थे। बैरकों की स्थिति बहुत खराब थी, जिनमें जवानों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। वर्ष 2017 में लखनऊ पुलिस लाइन्स के निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां के बैरकों की अव्यवस्था स्वयं देखी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के 55 जनपदों में सबसे ऊँची बिल्डिंग उत्तर प्रदेश पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की है। आज राज्य में मॉडल थाने, मॉडल फायर स्टेशन बन रहे हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पुलिस बल की ट्रेनिंग क्षमता मात्र 03 हजार थी। प्रदेश में उस समय वर्षां से पुलिस भर्ती नहीं की गयी थी तथा निष्पक्ष भर्ती पर एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ था। उस समय अन्य राज्यों एवं मिलिट्री तथा पैरा मिलिट्री की ट्रेनिंग क्षमता का उपयोग करने के पश्चात लगभग 30 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की क्षमता प्राप्त हुई। हमारी सरकार द्वारा पुलिस के ट्रेनिंग सेण्टरों की अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया। हाल ही में प्रदेश पुलिस बल में 60,244 पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी। सभी नवनियुक्त पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग प्रदेश के ही ट्रेनिंग सेण्टरों में करायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में तीन नये आपराधिक कानून लागू किये गये। इन तीन नये कानूनों में 07 वर्ष से अधिक की प्रत्येक सजा पर फॉरेन्सिक साक्ष्य की आवश्यकता पड़ती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 02 फॉरेन्सिक लैब थीं। आज प्रदेश में 12 फॉरेन्सिक लैब हैं। ए-ग्रेड की 06 फॉरेन्सिक लैब निर्माणाधीन हैं। एक विश्वस्तरीय फॉरेन्सिक इन्स्टीट्यूट भी उत्तर प्रदेश में है। इस इन्स्टीट्यूट में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। प्रत्येक जनपद में 02-02 फॉरेन्सिक मोबाइल वैन तैनात हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, एस0डी0आर0एफ0 का गठन हो चुका है। पी0ए0सी0 की 03 महिला बटालियन का गठन किया जा चुका है और 03 नई महिला पी0ए0सी0 बटालियन का गठन किया जा रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी को आगे बढ़ाने के प्रयास प्रारम्भ किये गये हैं। जब टेक्नोलॉजी और ट्राँसफॉर्मेशन एक साथ होता है तथा इसके जो परिणाम आते हैं, वही कॉमन मैन के ट्रस्ट का आधार बनते हैं। आज देश और दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश के इच्छुक हैं। उन्हें प्रदेश की जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति पर विश्वास है। प्रदेश में बेटियां एवं व्यापारी सुरक्षित हैं। व्यापारी उत्तर प्रदेश को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षां में प्रदेश में विकास सम्बन्धी अनेक कार्य किये गये हैं। प्रदेश में 02 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गयी है। आज प्रदेश में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद है, जिससे बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। आज उत्तर प्रदेश पुलिस बल एवं पी0ए0सी0 बल की मांग देश के अन्य राज्यों द्वारा भी की जाती है। प्रदेश सरकार तथा प्रदेश की पुलिस अपनी जीरो टॉलरेन्स एवं जीरो करप्शन की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हम राज्य को सेफ व समृद्ध स्टेट तथा भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउण्डेशन ने सी0एस0आर0 निधि से 50 क्यू0आर0टी0 वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस बल को उपलब्ध कराये हैं। सुरक्षा के वातावरण में ही बेहतर व्यवसाय फलता-फूलता है, उद्यम आगे बढ़ता है तथा युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होते हैं। क्यू0आर0टी0 वाहनों की उपलब्धता सोशल सिक्योरिटी, इण्डस्ट्री और इकोनॉमिक ग्रोथ की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज यहां केवल 50 क्यू0आर0टी0 वाहनों को प्रदान करने का समारोह मात्र नहीं है, बल्कि यह समारोह शासन-प्रशासन, इण्डस्ट्री और समाज की एक दिशा में सोचने की प्रक्रिया है। जब हम सभी एक दिशा में सोचते हैं, तो विकास तीव्र होता है। यह विकास ही सबके विश्वास का कारण बनता है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक लॉजिस्टिक्स श्री राम कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री अमिताभ यश सहित अन्य अधिकारीगण तथा हॉण्डा इण्डिया फाउण्डेशन के वाइस प्रेसीडेन्ट कॉरपोरेट अफेयर्स श्री पीयूष मित्तल उपस्थित थे।
