अतुल कुमार जिंदल
- दुवासु के 15वें दीक्षांत समारोह में 177 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
- 14 छात्रों को स्वर्ण पदक, मंत्री धर्मपाल सिंह व पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन महेश्वरप्या रहे उपस्थित
मथुरा।, 10 मार्च 26,राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचीं और अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान (दुवासु) के 15वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के 177 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।
मंगलवार को आयोजित इस समारोह का संचालन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिजित मित्र के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. नवीन बी. महेश्वरप्या मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
14 विद्यार्थियों को मिले गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में कुल 177 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 69 बीवीएससी एवं एएच, 74 स्नातकोत्तर, 5 पीएचडी तथा 29 बायोटेक्नोलॉजी की डिग्रियां शामिल हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 पदक भी प्रदान किए गए, जिनमें 14 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे।
इसके अलावा 4 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (स्नातकोत्तर), 1 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (पीएचडी) और 1 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष विभिन्न संस्थानों के साथ 7 नए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिससे सक्रिय एमओयू की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।
दो पुस्तकों का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान दो पुस्तकों, विश्वविद्यालय समाचार पत्र तथा ‘पशुधन पत्रिका’ का भी लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 25 आंगनवाड़ी केंद्रों को अवसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए किट वितरित की गईं।
इसके साथ ही महिला अध्ययन केंद्र द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के विद्यालयी बच्चों के बीच आयोजित चित्रकला, देशभक्ति गीत और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।
ब्रज की पावन भूमि का किया उल्लेख
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ब्रज की यह पावन भूमि वह स्थान है जहां बाल कृष्ण की मुरली की तान गूंजी और गोपाल के रूप में गौ सेवा की परंपरा स्थापित हुई। उन्होंने कहा कि ब्रज का कण-कण करुणा, संरक्षण और सेवा का संदेश देता है।
राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों, परिवार और समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
