फर्जी 33 फर्म के जरिए ई बिल से फैलाया काला धंधा, पांच राज्यों में नेटवर्क
मुख्य आरोपी मथुरा और साथी हरदोई जिले का
Post on 26.3.26
Thursday,Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
यूपी समेत कई राज्यों में फैले फर्जी ई बिल से जीएसटी की चोरी में लगातार खुलासे हो रहे हैं। अब जीएसटी विभाग व पुलिस ने करोड़ों की जीएसटी चोरी के मास्टर माइंड मथुरा के भगवान सिंह उर्फ भूरा व उसके साथी रविंद्र को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को मथुरा से पकड़ा गया। जीएसटी चोरी के सरगना का काला कारोबार उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और पंजाब तक नेटवर्क फैला था।आरोप है कि सरगना ने 33 फर्जी फर्म बनाकर राज्यों में फर्जी ई बिल बेचे। नए खुलासे से अब तक 989 करोड़ रुपए की चोरी का मामला सामने आ चुका है।
जीएसटी की टीमों ने फर्जी बिल से करोड़ों की जीएसटी चोरी के मास्टरमाइंड माने जाने वाले भगवान सिंह उर्फ भूरा को उसके जिले मथुरा से पकड़ा।
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि बुधवार को एसआईटी ने मथुरा से भगवान सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी मथुरा के कोसीकलां का निवासी है। उसके साथ ही हरदोई निवासी रविंद्र की भी फर्जीवाड़े में गिरफ्तारी कीगई है। फर्जी ई-वे बिल से स्क्रैप से भरे ट्रकों को ‘ठिकाने’ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इन लोगों की थीं। ये ट्रक पकड़े जाने के बाद भी अफसरों का हवाला देकर ट्रक छुड़वा लेते। आरोपी अब तक 33 बोगम फर्म बना चुका है। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों से आरोपी तीन फोन व एक लैपटाप बरामद किया है।
*स्क्रैप से भरे ट्रकों को ठिकाने तक पहुंचाने की सरगना की थीं जिम्मेदारी*
पुलिस हिरासत में पकड़े गए आरोपी भगवान सिंह व साथी पर स्क्रैप से भरे ट्रक को ठिकाने तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।
एसपी क्राइम ने बताया कि भगवान सिंह का उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान समेत पांच राज्यों में नेटवर्क फैला था। उसकी एक कॉल पर ट्रक छोड़ दिया जाता। आरोपी को कुछ फर्म गुरुग्राम निवासी राहुल ने भी उपलब्ध कराई। आरोपी मुनि जी ट्रांसपोर्ट नाम की संचालित फर्म की बिल्टी का प्रयोग कर रहा था। एसपी के अनुसार अंत तक जांच में संकेत मिल रहे हैं कि फर्जीवाड़े में कुछ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।आरोपी ने जानकारी दी कि
ट्रक पकड़ने पर वह अधिकारियों से फोन कर ट्रक छुड़वा देता। राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर व पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता। रविंद्र के द्वारा ही कंप्यूटराइज बिल्टी,ई-वे बिल, फर्मों के दस्तावेज बनाकर लंदन से खरीदे गए मोबाइल नंबर पर चल रहे हैं।
*फर्जी ई बिल से अब तक 989 करोड़ की चोरी का खुलासा*
24 अक्टूबर,2025 को जिले में मुजफ्फरपुर ले जाते लोहे का स्क्रैप से भरे दो ट्रक जीएसटी के सचल दल ने ऊमरी चौराहे से पकड़े थे। जांच में सामने आया कि एक मोबाइल नंबर से 60 और दूसरे से 62 फर्म संचालित मिलीं। अब तक जांच में 535 बोगस फर्मों के जरिए से 5473 करोड़ के टर्नओवर पर 989 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आई है। आरोपी की गिरफ्तारी से पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोविंदगढ़ के हेमंत व राहुल के नामों का खुलासा हुआ है। अब एसआइटी टीमों को दोनों की सरगर्मी से तलाशी में जुटी है।
