मथुरा। जिला कारागार में बंद एक विचाराधीन कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जमानत न मिलने से मानसिक तनाव में चल रहे कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मृतक की पहचान सुरेश, निवासी गोवर्धन के रूप में हुई है। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में मई 2025 से जिला कारागार में बंद था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे सुरेश शौचालय के लिए गया, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। लगभग दस मिनट बाद ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को संदेह हुआ, जिसके बाद शौचालय का दरवाजा खोला गया।
अंदर का दृश्य देखकर जेलकर्मी सन्न रह गए। सुरेश ने अपने लोअर को गेट की कुंडी में बांधकर फांसी लगा ली थी। तत्काल उसे नीचे उतारकर जेल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि सुरेश लंबे समय से जमानत न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। परिजनों द्वारा हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील भी की गई थी, लेकिन 24 मार्च को भी मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। घटना से पहले उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत कर नाराजगी जताई थी।
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।
