रेलवे।
-मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर रनिंग रूम में भी एलपीजी गैस का संकट
-खुद राशन बनवाने की सुविधा पर प्रशासन की रोक
Post on 11.3.26
Wednesday, Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद,(उप्र समाचार सेवा)।
देश मे एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आई कमी का असर दिखने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद रसोई गैस आपूर्ति को नियंत्रित करने की कोशिशें हो रही है।
गैस सिलेंडरकी आपूर्ति बाधित होने का संकट अब रेलवे में भी गहराया है।
बुधवार को मुरादाबाद में स्थित रनिंग रूम में स्वयं राशन बनवाने पर रोक लगा दी गई है। रनिंग रूम में अब लोको पायलट व ट्रेन मैनेजर (गार्ड) पहले की तरह अपनी इच्छा का खाना नहीं बनवा सकेंगे। रेल कर्मियों को अब रनिंग रुम के मीनू के अनुसार बनने वाले खाने पर निर्भर रहना पड़ेगा।
पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में गैस संकट की खबरें है। युद्ध का असर रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ा है। कई जगहों पर होटल, रेस्त्रां आदि बंद हुए। रसोई गैस आपूर्ति में बाधित होने का असर रेलवे स्टेशनों पर पड़ा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर टीटीई रेस्ट हाउस की कैंटीन बंद हो गई। इससे रेल कर्मियों के सामने चाय, खाने के लिए परेशानी हुईं। गैस आपूर्ति बाधित होने का असर मुरादाबाद स्टेशन पर रनिंग रूम की व्यवस्था पर भी पड़ा है। रनिंग रूम में लोको पायलट, सहायक और ट्रेन मैनेजर के लिए खान पान की व्यवस्था है। मुरादाबाद रनिंग रूम में करीब चार सौ ड्राइवर व गार्ड का आना-जाना है। गैस आपूर्ति के संकट के चलते रनिंग रूम में स्वयं राशन बनवाने की सुविधा को भी रोक दिया गया है। इसका असर उन रेल कर्मियों पर पड़ेगा जो अपनी राशन सामग्री से अपनी जरुरत का खाना बनवाते। पर गैस आपूर्ति के संकट को देखते हुए अगले आदेश तक राशन बनवाने पर पाबंदी लगाई गई है।
इसे लेकर मंडल रेल प्रशासन का कहना है कि रनिंग रूम में खानपान का संकट नहीं है। रेल कर्मियों के स्वयं का राशन बनवा कर खाना बनाने पर रोक लगाई गई है।
