Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/03/2026
*तहसील में जमकर चले लात-घूंसे, एसडीएम और तहसीलदार मौके से निकले*
खजनी गोरखपुर।।
तहसील मुख्यालय सभागार में बुधवार 25 मार्च को अपरान्ह करीब 3 बजे मछली पालन के लिए पोखरी के पट्टे को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग एक दूसरे से भिड़ गए और मारपीट शुरू हो गई। मामला बिगड़ता हुआ देखकर मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी खजनी राजेश प्रताप सिंह तथा न्यायिक तहसीलदार खजनी हरीश यादव मौके से उठ कर चले गए, इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने मारपीट कर रहे लोगों के बीच विवाद को सुलझाने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची खजनी थाने की पुलिस टीम ने कुल 3 लोगों को लेकर खजनी थाने में पहुंची।
जानकारी के अनुसार पूर्व तय शुदा कार्यक्रम के तहत आज गाजर जगदीश ग्राम सभा के राजस्व गांव झरकटहां में स्थित आराजी संख्या 42 ग रकबा 50 डिसमिल की पोखरी को मछली पालन के लिए पट्टे पर देने के लिए खुली बोली के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं थीं। इस दौरान उप जिलाधिकारी खजनी राजेश प्रताप सिंह तथा न्यायिक तहसीलदार हरीश यादव के तहसीलदार सभागार कक्ष में पहुंचने पर बोली की प्रक्रिया शुरू होने के लिए अधिकारियों के समक्ष फाइल पेश होने से पहले पोखरी को पट्टे पर लेने के लिए झरकटहां गांव के निवासी परशुराम यादव, राजीव यादव, दयाराम यादव, राकेश यादव, अभिषेक यादव,राजू यादव और राणा यादव आदि के बीच तीखी नोंकझोंक और बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे से भिड़ गए और लात-घूंसे चलने लगे, जिसमें कुछ लोगों को हल्की फुल्की चोटें आईं तथा कपड़े फट गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची खजनी पुलिस ने एक पक्ष के 3 लोगों को लेकर खजनी थाने में पहुंची जबकि दूसरे पक्ष के लोग मौके से भाग निकले। विवाद शुरू होते ही एसडीएम तथा न्यायिक तहसीलदार मौके से चले गए।
बताया गया कि इससे पहले 20 जनवरी को भी इसी पोखरी के पट्टे के लिए तहसील में विवाद होने के बाद कार्यक्रम निरस्त करके, उसे 25 मार्च को पूरा कराने की तिथि निर्धारित की गई थी किंतु फिर विवाद हो गया।
गांव के लोगों ने बताया कि पोखरी में मछली पालन और उसका उपयोग ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों द्वारा किया जाता है। ग्राम प्रधान के पट्टीदारों ने पोखरी को पट्टे पर लेने का प्रयास शुरू किया किन्तु दो बार सुनियोजित तरीके से विवाद होने के बाद पोखरी का पट्टा नहीं हो सका।
इस संबंध में एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि पट्टे की शांति पूर्ण प्रक्रिया बाधित होने तथा विवाद बढ़ता देखकर वहां से चले गए और पुलिस को कार्रवाई का आदेश दे दिया था।

